INTERVIEW!! “मैं आदित्य को इतनी आसानी से नहीं छोडूंगी” – ज़रीना वहाब

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लिपिका वर्मा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज़रीना वहाब और उनकी सुपुत्री सना ने घर छोड़ दिया है और हैदरबाद चली गयी हैं। क्योंकि अध्ययन सुमन ने एक इंटरव्यू में कहा कि आदित्य ने उसे कंगना से दूर रहने की सलाह दी थी। “किन्तु जब यही बात आदित्य से पूछी गयी तो उन्होंने कहा, “कौन है वह ? किसकी बात कर रहा है तू ? उसको लेकर आ रे तू ?”

किन्तु जब हमने ज़रीना वहाब से इस बात की पुष्टि करनी चाही तो उन्होंने कहा “मैं आदित्य को इतनी आसानी से नहीं छोडूंगी। वह मुझ से लगभग 5/6 साल छोटा है और अब तो वह बहुत ही मैच्योर हो गए हैं। मैंने अपनी शादी को बचाने के लिए बहुत पापड़ बेले हैं उस समय और आज जब हमारा परिवार ख़ुशी से अपना पारिवारिक जीवन गुजर बसर कर रहा है तो मैं भला क्यों अपना घर – परिवार छोड़ने वाली ?”

कुछ सीरियस लहजे में ज़रीना ने कहा, “न जाने मीडिया इतनी गैर जिम्मेदार क्यों हो गयी है बिना मुझ से पूछे कुछ भी अनाप-शनाप लिख देती हैं।”

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ज़रीना वहाब यहीं चुप नहीं हुई काफी क्रोधित वाणी में बोली, “हर कोई मुझ से यही सवाल कर रहा है आप हैदराबाद में हैं क्या ? अरे भई हैदराबाद में मेरा मायका है और मैं अक्सर अपने रिश्तेदारों को मिलने वहां चली जाया करती हूँ। हाँ मैं 10 दिन हैदराबाद में रहकर आज ही वापस लौटी हूँ। किन्तु इस बारी मैं एक कमर्शियल की शूट करने वहाँ गयी हुई थी। अभी तो बस मैं थोड़ा रेस्ट कर रही हूँ, क्योंकि बहुत थकान महसूस कर रही थी सो आप का फोन नहीं उठा पाई थी।”

कुछ लाइट मूड में ज़रीना बोली, “मेरा बेटा सूरज अच्छे दौर से गुजर रहा है। कड़ी मेहनत के बाद अब उसके अच्छे दिन आएं है। प्रोफेशनली काफी अच्छा समय चल रहा है उसका। आदित्य अपने बच्चों का बहुत ख्याल रखते हैं और सही मायने में आदित्य बहुत ही कोमल हैं। उसका गुस्सा पानी के बुलबुले की तरह है पल में ठंडा हो जाता है। अपने दोनों बच्चों के लिए कुछ भी करने के लिए तत्पर रहते हैं आदित्य, मुझे इस बात की ख़ुशी है हमारे परिवार में प्यार और एकता है। ऐसे खुशाल पलों को छोड़ कर मैं क्यों भले जाने वाली हूँ ? सच जब ऐसी बातें मीडिया में उड़ती हैं तो दुःख होता है कि आजकल की मीडिया ठोक बजा कर अपनी कहानियों को सशक्त रूप क्यों नहीं देती।”

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चलते चलते बस यही कहना चाहूँगी कि यह मीडिया जो कुछ बिना पूछे लिखती है वह कहाँ तक जायज है। कभी सोचती हूँ कि लीगल एक्शन लूँ यह एक स्त्री की अस्मिता का सवाल है – बस आजकल की मीडिया को थोड़ा पूछ कर सही रूप देना चाहिए किसी भी कहानी को। अनैतिक जर्नलिज्म न करें जिम्मेदारी से अपना काम करें।”


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Mayapuri

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