INTERVIEW: मुझे ‘किक’ फिल्म के निर्देशन के लिए सलमान खान ने फोर्स किया था – साजिद नाडियाडवाला

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‘किक’, ‘बागी’, ‘हाउसफुल-3’ जैसी बेहतरीन फिल्में प्रोड्यू्स करने वाले साजिद नाडियाडवाला आज प्रसिद्ध निर्माताओ में गिने जाते हैं, उनकी फिल्मों ने बॉक्स-ऑफिस पर ना केवल बेहतरीन कलेक्शन किया, बल्कि उनके नाम को भी बुलंदियों पर पहुंचाया। पेश है साजिद के साथ उनकी फिल्मों के बारे में हुई बातचीत-

साजिद नाडियाडवाला

-ज्योति वेंकटेश

आपको क्या लगता है, जब आप 30 साल पहले के शानदार करियर को पीछे मुड़कर देखते हैं?

30 साल पहले के बेहतरीन करियर को पीछे मुड़कर देखता हूं तो मैं बहुत उत्साहित व गर्व महसूस करता हूं, मैं प्रतिभा की तुलना में भाग्य के माध्यम से अधिक बच गया हूं। नहीं तो मेरी पहली निर्देशित ‘किक’ फिल्म ने बड़े पैमाने पर बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ से अधिक कलेक्शन ना की होती। हालांकि मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी फिल्ममेकर को असिस्ट नहीं किया।

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आपको ऐसा क्यों लगता हैं कि आपके टैंलेंट से अधिक आपका भाग्य आपका साथ देता है?

यही वजह है कि मैं वास्तव में उलझन में हूं, मेरी फिल्में विशेष रूप से अगर मैं अपनी ‘किक’ फिल्म की बात करूं तो मुझे लगता है कि यह केवल भाग्य के कारण ही सफल हुई। हालांकि भाग्यशील समय के कारण मुझ में टैंलेंट है। हालांकि अब फिल्में केवल टैंलेंट की वजह से सफल होती है। इससे पहले यह भाग्य कि वजह से सफल होती थी।

 ‘हाउसफुल 3’ ढिशूमके बाद आपकी आने वाली फिल्म कौन सी है?

‘ढिशूम’ फिल्म में जैकलिन फर्नांडीज, जॉन अब्राहम, वरुण धवन अहम किरदार में नजर आएंगे। फिलहाल हम सारी बातें नहीं बता सकते, कुछ गोपनीयता बर्तना भी जरूरी है, जहां तक फिल्म का सवाल है चाहता हूं। मनोरंजन के अलावा इस फिल्म में तर्क के साथ बहुत कुछ है। आने वाली फिल्म के बारे में बस इतना ही कह सकता हूं कि मेरी आने वाली फिल्म में अक्षय खन्ना व वरुण धवन होंगे। फिल्म में अक्षय नेगिटिव किरदार में नजर आएंगे वही वरुण धवन एक रंगरूट सिपाही की भूमिका निभाते दिखेंगे। जॉन अब्राहम की भी दमदार भूमिका है।

आपने अक्षय खन्ना को तीन साल के अंतराल के बाद अपने साथ फिल्म में वापसी के लिए कैसे मनाया?

 इसका सारा श्रेय मैं फिल्म के डायरेक्टर रोहित धवन को देना चाहता हूं। जिन्होंने अक्षय को फिल्म में नेगिटिव किरदार को निभाने के लिए मनाया। क्योंकि वह अक्षय खन्ना को एक अभिनेता के रूप में वापस फिल्म में देखना चाहते हैं। उन्हें मनाने के लिए अक्षय के घर 200 बार से अधिक गए। हालांकि वो फिल्मों में वापसी करने के इच्छुक नहीं थे।

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आपने मराठी फिल्म लय भारीकी कहानी लिखी। आपने लय भारीफिल्म हिन्दी में बनाने के बारे में क्यों नहीं सोचा?

मैंने फिल्म ‘लय भारी’ की कहानी तब लिखी थी जब मैं बतौर निर्देशक डेविड धवन के साथ ‘जुड़वा’ फिल्म की शूटिंग कर रहा था। रितेश देशमुख ने मराठी संस्करण में निभाया था में हिन्दी में यह नहीं कर सकता था, मैंने 90 के दशक में सलमान खान के साथ इस फिल्म को नहीं बनाया था, जिसे रितेश देशमुख ने मराठी संस्करण में निभाया है, क्योंकि मैंने सोचा कि मैं हिन्दी में इसे बनाने का जोखिम नहीं ले सकता, हालांकि रितेश मराठी फिल्म के बजट की वजह से एक जोखिम लेने के लिए तैयार हो गए थे।

 ‘हाउसफुल-3’ फिल्म के रिलीज होने से पहले छह लेखकों ने कॉपीराइट का दावा किया व आपको अदालत तक ले गए थे?

– हां, यह सच है देश के विभिन्न भागों से छह लेखक ने कॉपीराइट का दावा किया व अदालत तक ले गए। बाद में हमें हंसी आई जब आलोचकों ने यह कहा कि हाउसफुल-3 की तो कोई कहानी ही नहीं थी।

 आपको क्या लगता है कि भारत में क्या कमी है?

हमारे यहा फिल्में दिखाने के लिए सिनेमाघरों में (स्क्रीन) की कमी है, हम थिएटर के लिए सरकार के साथ लड़ रहे हैं, क्योंकि जहां चीन में हर सप्ताह 14 नए सिनेमाघर बनते है वहीं भारत में एक साल में भी 14 नए सिनेमाघर भी नहीं बनते।

क्यों आप एक निर्देशक के रूप में फिल्म नहीं बना रहे?

फिल्मों का निर्माण करना आसान है, लेकिन एक फिल्म का निर्देशन करना बहुत कठिन है। मुझे ‘किक’ फिल्म के निर्देशन के लिए सलमान खान ने फोर्स किया था।

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आपकी बेहतरीन पांच सर्वश्रेष्ठ फिल्मों कौन-कौन सी हैं?

‘जीत’, ‘जुड़वा’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘हाउसफुल सीरीज’ व बतौर निर्देशक ‘ किक‘ मेरी सबसे पसंदीदा फिल्म है।

ढिशूमफिल्म के बाद आप कौन-कौन सी फिल्मों का निर्देशन करेंगे ?

‘ढिशूम’ के बाद बतौर निर्देशक मेरी आने वाली फिल्में ‘रंगून’, ’ जुड़वा 2’, ‘हाउसफुल 4’, ‘बागी 2’ व ‘किक 2’ है।

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आपका इस बारे मे क्या कहना है की पिछले कुछ वर्षों मे कॉर्पोरेट के कारण हिंदी सिनेमा का चेहरा ही बदल गया है?

सच कहूँ तो मैं इस बात को कबूल करता हूँ कि फिल्म उद्योग में कार्पोरेट जगत के आने से अधिक अनुशासन आ गया है। इसके कारण यहाँ बेहतर समन्वय और शानदार तालमेल देखने को मिल रहा है और जहां तक फिल्म बनाने की बात है तो आज वो ज्यादा व्यवस्थित हो गई है। कि इससे पहले जब मैं गुलामी, जुड़वाँ, जीत या इसी की तरह ‘मुझसे शादी करोगी’ फिल्में बना रहा था, तब सब कुछ मेरी जुबान पर था कुछ भी कागज पर नहीं होता था। पर अब सब कुछ कागज पर समझौते के रूप मे लिखा जाता है। हालांकि आज कल के एक्टर भी अब काफी प्रोफेशनल हो गए हैं पर पहले जब मैं गुलामी फिल्म बना रहा था तब धर्मेद्र जी छुट्टियों पर थे और जिसके कारण मुझे गुलामी फिल्म को बनाने में सात साल लग गए उस समय काफी प्रोब्लम्स आई थी और आपको पता है ऐसा क्यों होता था क्योंकि उस समय कोई निरंतरता शीट नहीं थी और हमे उनकी शर्ट के कलर से मैंच करने मे इतना समय लगता था की उनकी डेट्स ही नहीं मिलती थी और एक साल का गैप हो जाता था उनकी अगली डेट मिलने मे क्योंकि वह इतने व्यस्त थे की जब मुझे उनकी जरुरत होती थी तो उनकी डेट्स ही नहीं मिलती थी। पर आज कल कलाकार बहुत प्रोफेशनल हो गए हैं वह शूटिंग के लिए समय से पहले आते हैं जिसके कारण मैं भी एक निर्माता के रूप में सेट पर टाइम पर पहुँचता हूँ और मात्र 2 से 3 महीने में एक फिल्म को पूरा कर लेता हूँ और मेरे लिए यह एक खुशी की बात है कि मैं आजकल प्रोफेशनल एक्टर्स के साथ काम कर रहा हूं।

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Mayapuri