जयश्री गडकर

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जयश्री गडकर को उनके जन्मदिन पर श्रद्धांजलि के पुष्प

सन 1950 से 1980 के दशक तक मराठी और हिंदी सिनेमा की मसहूर अभिनेत्री जयश्री गडकर का जन्म 21 फरवरी 1942 को कारवार, कर्नाटक में एक कोंकणी भाषी परिवार हुआ था । जयश्री ने रामानंद की रामायण से  कौशल्या की भूमिका निभाई थी जिसने जयश्री को सम्मान, गौरव, लोकप्रियता के साथ-साथ जीवनसाथी भी मिला यानि रामायण में दशरथ का किरदार निभाने वाले “बाल धुरी” के साथ वह शादी के बंधन में बंध गईं।  उनकी प्रतिभा, नृत्य कौशल और सौंदर्य के सभी कायल थे।

राजश्री ने फिल्म ‘तमाशा’ में बाल नृत्य कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, व्ही. शांताराम की ‘झनक झनक पायल’ बाजे में उन्होंने एक समूह नर्तकी के रूप में अपने नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया था। वहीं दिनकर डी. पाटिल ने उन्हें राजा गोसावी के साथ एक मराठी फिल्म में मुख्य नायिका के तौर पर लिया, जिसके बाद वह मराठी फिल्म जगत का जाना-माना नाम बन गईं।लेकिन राजश्री को पहचान मिली     रामानंद सागर के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘रामायण’ से जिसमे राजश्री ने राम की मां कौशल्या का किरदार निभाया था। ‘रामायण’ के अलावा, जयश्री ने कई धार्मिक कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं, जिसके चलते उन्हें काफी लोकप्रियता और सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने मनोरंजन जगत में कई फिल्मों और धारावाहिकों में अपने अभिनय का योगदान दिया। उन्होंने मराठी उद्योग के साथ-साथ हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। जयश्री ने अपने चार दशक के करियर में लगभग 250 से अधिक फिल्मों में काम किया। इसके बाद वह फिल्म निर्देशक भी बनीं, उन्होंने ‘अशी’, ‘असावी सासू’ और ‘ससुर महर’ का निर्देशन भी किया। जयश्री ने 29 अगस्त, 2008 में अपने जीवन की अंतिम सांस ली और हम सभी को अलविदा कह गईं। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन दर्शक आज भी उनके खास अंदाज व मुस्कान को नहीं भूल पाए हैं।


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Mayapuri

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