‘शोरगुल’ असहिष्णुता के शोर के बीच मानवता कहाँ टिकती है ?

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Eijaz Khan, Annirudh Dave, Suha Guzen, Jimmy Shergill, Kapil Sibal, Niladri Kumar at Shorgul Music Launch

एक 24 एफपीएस फिल्म्स प्रोडक्शन, ‘‘शोरगुल’’ एक राजनीतिक नाटक है, जिसमें एक हिन्दू लड़के और एक मुस्लिम लड़की के बीच की मासूम दोस्ती एक साम्प्रदायिक मोड़ ले लेती है। निहित स्वार्थों के शामिल होने से यह मामला तेजी से तूल पकड़ता है और पूरे राज्य में दंगों का कारण बनता है। इस राजनीतिक और धार्मिक असहिष्णुता के बीच मानवता कहाँ टिकती है।

राजनीति के पेट के अंदर के रहस्यों को उजागर करती, फिल्म उद्योग के ग्रे शेड शैली के कुछ सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं के आत्मसात करने के द्वारा शोरगुल राजनीतिक नाटकों के लिए एक लंबी छलांग साबित होगी। ‘शोरगुल’ जिम्मी शेरगिल, आशुतोष राणा, एजाज़ खान, संजय सूरी, हितेन तेजवानी, अनिरूद्ध दवे, नरेन्द्र झा, सुहा गुज़ेन और धीरज सिंह जैसे मल्टी स्टार्स से सजी फिल्म है।

Eijaz Khan, Annirudh Dave, Suha Guzen, Jimmy Shergill, Kapil Sibal, Niladri Kumar at Shorgul Music Launch
Eijaz Khan, Annirudh Dave, Suha Guzen, Jimmy Shergill, Kapil Sibal, Niladri Kumar at Shorgul Music Launch

इस फिल्म से तुर्की की नवागंतुक सुहा गुज़ेन मुख्य अभिनेत्री के रूप में फिल्म उद्योग में पदार्पण कर रही हैं और गीतकार के रूप में राजनीतिज्ञ और कानूनविद् कपिल सिब्बल तथा प्रसिद्ध सितार/गिटार के उस्ताद नीलाद्री कुमार ‘तेरे बिना’ गीत जो अरिजीत सिंह की आवाज़ में गाया गया है के म्यूज़िक डायरेक्टर के रूप में भी इस फिल्म से इस उद्योग में पदार्पण कर रहे हैं। यह फिल्म जितेन्द्र तिवारी और पी. सिंह द्वारा डायरेक्ट की गई है और स्वतंत्र विजय सिंह और व्यास वर्मा द्वारा प्रोड्यूस्ड है। यह फिल्म 24 जून को थिएटर्स में रिलीज की जाएगी।

स्वतंत्र व्यास सिंह ने बताया, ‘‘शोरगुल’’ कैसे कोई धर्म अच्छा है या बुरा है कि पारम्परिक मान्यताओं को तोड़ती है और यही कारण है कि उग्रवाद एक राष्ट्र के विकास के लिए हानिकारक है। फिल्म जिस तरह से पूर्ण हुई है यह हमारे लिए गर्व का विषय है और तथ्य यह है कि यह मानवता के मौलिक सवाल को पूछने के द्वारा वास्तविक घटनाओं के लिए एक रचनात्मक समकालीन मोड़ लाती है। यह फिल्म समय की मांग है और दर्शकों से आग्रह करती है कि बजाय नकारात्मक प्रतिक्रिया के रचनात्मक क्रिया करें। यह एक कहानी है जो जनसमूह तक पहुंचाई जानी चाहिए और युवाओं के बीच यह बात पहुंचानी है कि परिवर्तन की शक्ति उनके हाथों में हैं वे चाहे तो माहौल बदल सकते हैं।


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Mayapuri

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