जिस्म खुदा का रूप है, जिस्म से गंदे खेल मत खेलो मेरे दोस्तो-अली पीटर जाॅन

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खुदा ने बहुत प्यार और सोचने के बाद इंसान को बनाया है

ये जिंदगी का सबसे बड़ा सच है

इस जिस्म को मंदिर समझो, मस्जिद, गुरूद्वारा, गिरजा घर समझो

इस जिस्म के साथ मजाक या मस्ती मत करो,

ये जिस्म सिर्फ एक बार मिलता है और फिर मिट्टी में मिल जाता है या आग में जल कर राख बन जाता है

जब तक जान है, इस जिस्म की ऐसी हिफाजत कीजिये कि जिस्म तुम्हारे गुण गाए और तुम्हारे साथ रहने के लिए खुदा से तारीफ करे

हां, ये जिस्म खुदा ने अपने लिए और अपनी शान के लिए बनाया है, वो हर ग़रीब उसको दिए हुए जिस्म को प्यार से देखता है, खुदा ने अगर देखा की तुम उसके साथ तो उसके साथ खेला था। तुमको पता भी नहीं चलेगा

मेरे दिल से ये विनती है आप सब से की आप जितना खुदा, भागवान,जीसस, वाहेगुरू को मानते हंै और उससे दुआ मांगते हैं, उतनी ही अपने जिस्म की पूजा करो और उसको मानो

क्योंकि जिस्म ही सब कुछ है, आत्मा को किसने देखा है।

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Mayapuri