INTERVIEW: फिल्म ‘काबिल’ मेरे लिए सबसे बेहतरीन रोमांटिक कहानी है- रितिक रोशन

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लिपिका वर्मा

रितिक रोशन को अक्सर, ‘ग्रीक गाॅड’ के टाइटल से नवाजा गया है। हमसे भेंट करने पहुंचे। गुलाबी शर्ट एवमं जैकेट में अत्यंत हैंडसम रितिक ने हमारे हर सवालों के जवाब बेबाकी से दिए। फिर चाहे फिल्म,‘मोहेंजोदारो’ (बाॅक्स आॅफिस पर जलवा न दिखला पायी हो ) इस्तांबूल हादसा या फिर फिल्म ‘रईस’ के साथ फिल्म, ‘काबिल’ की टक्कर या फिर 2016 में कुछ अन्य हादसे हुये हो जिनकी वजह से रितिक सुर्खियों में बने रहें हो –

2016 कैसा रहा आपका ?
देखिये, जब कभी भी कुछ अच्छी चीजें न हुई हो आपके साथ, किन्तु उन सभी हादसों से आप कुछ स्ट्रांग हो जाते है। आपके माइंड को उन ‘नाॅट सो गुड’ हादसों से एक ताकत ही मिलती है। जिस तरह से हम जिम में अपनी बाॅडी को स्ट्रांग बनाने के लिए वजन उठाते है और अपने मसल्स को स्ट्रांग बनाते है, उसी तरह से हमारे माइन्ड के मसल्स भी इन सभी हादसों को झेल कर ताकतवर हो जाते है। जीवन इसी का नाम है। दिमागी या फिर शारीरिक तौर से स्ट्रेस को झेलने का यही तरीका भी होता है, आपके मस्तिष्क की झेलने की क्षमता बढ़ती जाती है। ज़िन्दगी हमे स्ट्रांग बनाती है और यही हादसे (अच्छे /बुरे) हमें कुछ सिखला भी जाते है।

आप अपने साथी कलाकारों की बराबरी में बहुत कम फ़िल्में करते है। कोई खास कारण?
दरअसल में कुछ चैलेंजिंग होना चाहिए कहानी में करने को। और फिर फिल्म के निर्देशक/निर्माता भी मेरे लिए बहुत मायने रखते है।फिल्म के निर्देशक एवमं निर्माता भी ऐसे होने चाहिए जो फिल्म को बनाने में समर्थ हो। इस डिपार्टमेंट में मेरी किस्मत कुछ अच्छी नहीं रही है।आशा करता हूँ फिल्म काबिल और 2017 इस नए साल से मेरी किस्मत कुछ बेहतर हो जाएगी।

kaabil movie ritik roshan& yami gautam (4)
काबिल किस तरह से स्पेशल है आपके लिए ?
यह मेरे लिए सबसे बेहतरीन रोमांटिक (लव-स्टोरी) कहानी है। रोहन भटनागर का किरदार करना आसान नहीं रहा। कहानी भी बहुत इमोशनल इवन गहरी है सो मुझे अपनी अंतर आत्मा को भी टटोलना पड़ा। नेत्रहीन किरदार करने के लिए रियल लग्न बहुत जरुरी थी। इस लिए मैंने काले चश्मे का उपयोग भी नहीं किया। नेत्रहीन होने हेतु डायलाॅग्स एवमं एक्शन बहुत अलग तरीके से करना था ताकि रियल भी लगे सो मेहनत तो करनी हो होती है। पर हाँ एक नेत्रहीन अपना बदला किस तरह लेता है यह बहुत है।… कहानी का अहम ट्रनिंग पाॅइंट भी है।

शाहरुख़ खान की फिल्म, ‘राईस’ से सीधे सीधे टक्कर है ‘काबिल’ फिल्म की क्या कहना है?
अपनी फिल्म, ‘काबिल’ को लेकर मुझे बहुत विश्वास है, क्योंकि मैंने अपना बेस्ट दिया है इस चरित्र को। और यह मेरा अनुभव भी है जब भी आप मेहनत करते है आपकी मेहनत रंग लाती है। भले ही फिर फिल्म बाॅक्स आॅफिस पर सफल न हो लेकिन मेरी मेहनत का फल मुझे किसी भी तरीके से मिलेगा ही। वह सबको नजर आएगा। हम, सब फिल्में अच्छी चले इसीलिए बनाते है। और फिल्म, ‘रईस’ भी अच्छा प्रदर्शन करे साथ, ‘काबिल’ भी यही हम सब की इच्छा और आशा भी है।

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राकेश रोशन समय के बहुत पाबंद है। आप सेट पर देर से पहुंचे है कभी? डांट खायी है उनकी कभी?
डांट तो नहीं पड़ी है मुझे कभी किन्तु हाँ कभी कभी लेट पहुंचा हूँ मैं तब वह मुझे काॅल करके लेट होने का कारण पूछते हैं।

आपको लगता है स्टार कल्चर बाॅलीवुड में खत्म हो रहा है धीरे धीरे?
इस बारे में मैंसिर्फ इतना ही बोल सकता हूँ कि यह अच्छी बात ही है, इससे फिल्म निर्देशक ज्यादा अभिनेताओं के साथ काम कर पाएंगे। स्क्रिप्ट को एहमियत मिलेगी। यह स्टार कल्चर की वजह से बेहतरीन स्क्रिप्ट्स नए कलाकारों तक नहीं पहुँच पाती है। बस स्टार्स तक ही सिमित रह जाती है। केवल 4 या 5 स्टार्स तक ही काम सिमित रहे यह इंडस्ट्री के लिए अच्छा नहीं है। हाॅलीवुड में तो इतने स्टार्स है, जिनका नाम गिनते हुये आप थक ही जाये। केवल 4 या 5 स्टार्स तक इंडस्ट्री सीमित रहे यह हेल्दी साइन नहीं है।

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आपके हिसाब से नयी पीढ़ी के कलाकारों में क्या कमी पाई जा रही है?
मेरे हिसाब से उन्हे अभिनय की और जानकारी होनी चाहिए। अभिनय को लेकर कुछ मिसगाईड हो रहे है वो, अभिनय एक गम्भीर प्रोफेशन है। हर किरदार में आपको मेहनत करनी होती है और उस किरदार को हु बू हु पेश करना होता है स्क्रीन पर।सही इमोशन्स दिखला पाना बहुत जरुरी है पर्दे पर। मैंने भी अपने आपको हर करैक्टर में ढालने की कोशिश की है। हर करेक्टर के साथ आप मैच्योर हो जाते है।

मोहेंजोदारो अच्छी नहीं चल पायी बाॅक्स आॅफिस पर क्या कहना है?
हाँ, जब मेरे बच्चे फिल्म देख कर आये उन्होंने मेरी फिल्म मोहेंजोदारो की तारीफ में कहा, ‘पापा, फिल्म तो अच्छी लगी हमें। ..ऐसा लगा जैसे वह मुझे खुश करना चाह रहे थे, मानो जैसे उन्हें यह पता हो की फिल्म बाॅक्स आॅफिस पर अच्छा नहीं कर पायी हो। यह मेरे लिए ख़ुशी की बात है कि मेरे बच्चे मुझे और मेरे काम को पसन्द करते है।


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Mayapuri

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