भारत में मन की बात करना काफी मुश्किल – करण जौहर

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल में साहित्यकारों और सेलिब्रिटीज के बीच असहिष्णुता का मुद्दा हावी हो रहा है। फ़िल्मकार करण जौहर ने असहिष्णुता पर बोलते हुए कहा कि भारत में मन की बात करना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन भारत में सबसे बडा जोक है और डेमोक्रेसी उससे भी बडा मजाक है। करण ने कहा, आप मन की बात कहना चाहते हैं या अपनी निजी जिंदगी के राज खोलना चाहते हैं तो भारत सबसे मुश्किल देश है। मुझे तो लगता है जैसे हमेशा कोई लीगल नोटिस मेरा पीछा करता रहता है। किसी को पता नहीं कब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाए। 14 साल पहले मैंने नेशनल एंथम के अपमान के केस को झेला है। अपना पर्सनल ओपिनियन रखना और डेमोक्रेसी की बात करना, ये दोनों ही मजाक हैं। हम फ्रीडम ऑफ स्पीच की बात करते हैं, पर अगर मैं एक सेलिब्रिटी होने के नाते अपनी राय रख भी दूं तो एक बडी कॉन्ट्रोवर्सी बन जाती है। अवॉर्ड्स कोई बेजान चीज नहीं, ये लोगों का प्यार है। इसे लौटाना या ठुकराना ठीक नहीं है। जब आप और मैं तय कर लेंगे कि हमें टॉलरेंट बनना है तो दुनिया बदल जाएगी। लेखक शब्दों से दूरियां पाटने की ताकत रखते हैं, उनकी टॉलरेंस कैपेसिटी ज्यादा जरूरी है।


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Mayapuri

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