हर जगह ‘लोलो’ से कम्पेयर होने पर मुझपर एक इनविजिबल प्रेशर रहता था: करीना कपूर खान

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बॉलीवुड की बेबो गर्ल करीना कपूर खान का आज जन्मदिन है। बेबो यूँ तो अपने बिंदास स्टाइल और बेपरवाह बातों के लिए फेमस हैं ही, पर आपको जानकर हैरानी होगी कि बेबो वो अकेली एक्ट्रेस है जो डेब्यू के साथ ही मोस्ट पेड एक्ट्रेसेस में से एक बन गयी थीं और अपनी शुरुआती कई फ्लॉप फिल्मों के बावजूद उन्होंने न अपनी फीस कम की और न ही कभी स्क्रीनटेस्ट दिया। आइए जानते हैं बेबो उर्फ़ करीना कपूर खान के बारे में कुछ मज़ेदार बातें

करीना का जन्म 21 सितम्बर 1980 में हुआ था। वह अपनी सुपरस्टार बहन लोलो यानी करिश्मा कपूर से 6 साल छोटी हैं। जब वह पद्रह सोलह साल की थीं तभी से वह करिश्मा के साथ शूटिंग पर जाने लगी थीं। उनको कैमरा, शॉट्स, एक्टिंग, लाइटिंग आदि बहुत भाते थे। उनकी इस क्यूरोसिटी के चलते ही उन्हें मात्र 19 साल की उम्र में ही एक फिल्म के लिए साइन कर लिया गया। यह फिल्म थी जेपी दत्ता की ‘रिफ्युज़ी’ जिसमें उनके साथ अभिषेक बच्चन भी डेब्यू कर रहे थे।

अभिषेक के साथ फिल्म साइन कर तो ली लेकिन जब रोमांस करने की बारी आई, तो 19 साल की करीना मासूमियत से बोलीं “मैं इसके साथ कैसे रोमांस करूँ, इसे तो मैं भाई मानती हूँ” उनकी इस बात से सेट पर सभी हँस दिए. हालाँकि बाद में अभिषेक और करीना की बहन करिश्मा कपूर की कोर्टशिप भी चली. बहरहाल,

यह फिल्म क्रिटिक्स को तो बहुत पसंद आई पर बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास न कर सकी। लेकिन इस फिल्म के लिए बेबो को बेस्ट डेब्यू का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। ये एक ऐसा कदम था जो उनकी बहन करिश्मा कपूर की शुरुआत से भी बेहतर था। उनकी दूध जैसी गोरी रंगत के लिए भी दर्शक उन्हें थिएटर में देखने जाते थे।

बेबो को हर जगह गाइड करने वाली उनकी बहन लोलो ने उनके डेब्यू के कुछ ही साल बाद फिल्मी दुनिया से किनारा कर लिया।

इस बीच करीना ने यादें, मुझे कुछ कहना है, अजनबी और असोका जैसी बड़े बैनर की फिल्में कीं लेकिन इसमें सिवाए अब्बास मस्तान की अजनबी के, कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट न हो सकी। अजनबी के हिट होने की वजह भी ‘अक्षय कुमार’ और बिपाशा बासु की ट्यूनिंग थी। हालांकि यहाँ से बॉबी देओल और करीना कपूर की दोस्ती ज़रूर हो गयी।

वहीं असोका के लिए करीना फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड के लिए नोमिनेट भी हुईं।

इसके बाद उन्हें करण जौहर की मल्टीस्टारर फिल्म ‘कभी ख़ुशी कभी गम’ में पू यानी पूजा का रोल मिला, और ये रोल उन्होंने ऐसा निभाया कि आज बीस साल बाद भी लोग करीना को कभी कभी मज़ाक में पू कहकर पुकार लेते हैं।

कभी ख़ुशी कभी गम के लिए भी करीना फिल्मफेयर में नोमिनेट हुईं।

इसके बाद करीना ने लगातार एक के बाद एक फ्लॉप फ़िल्में दीं जिनमें ‘मुझसे दोस्ती करोगे’, ‘जीना सिर्फ मेरे लिए’, ‘तलाश, द हंट बिगंस’, ‘ख़ुशी’, ‘मैं प्रेम की दीवानी हूँ’ आदि शामिल थीं जो फिल्म तो फ्लॉप रही लेकिन करीना की ओवर एक्टिंग की तारीफ ज़रूर हुई। जी हाँ, एक दौर ऐसा भी आया कि जब करीना को ओवर एक्टिंग की मिसाल कहा जाता था पर दर्शकों की माने तो उनपर ये स्टाइल जचता था।

लेकिन करीना ने सारे क्रिटिक्स को करारा जवाब देते हुए ‘अनंत बलानी और सुधीर मिश्रा’ की फिल्म चमेली में ऐसा काम किया कि उन्हें पहली बार फिल्मफेयर का स्पेशल परफॉरमेंस अवार्ड मिला।

इसके बाद करीना ने फिर दो-चार फ्लॉप फ़िल्में दीं लेकिन उनका रिकॉर्ड रहा कि न अगली फिल्म के लिए उन्होंने अपनी फीस कम की और न ही कभी किसी फिल्म के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया। अब ये उनका ख़ुद पर भरोसा था या फिल्मेकर्स का उनपर विश्वास था, पर फ़िदा, ऐतराज़, हलचल, बेवफा, क्योंकि आदि फ़िल्में दर्शकों को पसंद भी आईं और करीना की तारीफ भी हुई। यहाँ एक बात और जोड़नी ज़रूरी है कि करीना कपूर की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर भले ही उतना कमाल न दिखा सकी हों लेकिन सेटेलाईट (टीवी) पर उनकी फिल्में बार बार देखी जाती थीं।

2004 में आई ऐसी ही एक फ्लॉप फिल्म देव, जिसमें करीना अमिताभ बच्चन और फरदीन खान के साथ थीं; के लिए उन्हें पहली बार बेस्ट एक्ट्रेस बाय क्रिटिक्स का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला।

इन दिनों की बात पर करानी बताती हैं कि मुझे सबसे अच्छा यही लगता था कि “लोग मुझे करिश्मा या लोलो की बहन कहते थे, मुझे प्राउड होता है उसपर, वो 90s की टॉप मोस्ट एक्ट्रेस थी. लेकिन साथ ही साथ इस बात का प्रेशर भी लोग बना देते थे कि मैं उसकी बहन हूँ तो उसके जैसी एक्ट्रेस बनकर दिखाऊं, जबकि उसके जैसी कोई दूसरी एक्ट्रेस हो ही नही सकती, कोई एक्ट्रेस उसे रिप्लेस नहीं कर सकती”

फिर भी चमेली के बाद से करीना कोई सॉलिड रोल की तलाश में थीं, जिसे करने के बाद उन्हें भी अच्छा लगे और दुनिया भी उस ‘पू’ वाले करैक्टर से उन्हें बाहर समझें।

इसीलिए जब विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओमकारा’ उन्हें ऑफर हुई तो उन्होंने झट से हाँ कर दी। वैसे भी डॉली मिश्रा का रोल तो जैसे बना ही उनके लिए था। ओमकारा के लिए उन्हें फिर बेस्ट एक्ट्रेस फॉर क्रिटिक्स के अवार्ड से नवाज़ा गया।

इसी फिल्म के दौरान वो सैफ अली खान से मिलीं और उनकी दोस्ती हुई। उस वक़्त करीना शाहिद कपूर के साथ रिलेशनशिप में थीं।

इस रिलेशनशिप का ऐसा असर था कि जब इम्तियाज़ अली धर्मेंद्र और बॉबी देओल से मिलने और अपनी फिल्म का कांसेप्ट बताने पहुँचे तो उन्होंने ‘जब वी मेट’ में बॉबी देओल को लीड एक्टर डिसाइड किया लेकिन बॉबी से दरख्वास्त की कि वह करीना कपूर को यह फिल्म करने के लिए राज़ी कर लें।

इम्तियाज़ अली का बॉबी देओल के पास जाने का भी एक कारण था। वह अपनी पहली फिल्म ‘सोचा न था’ में बॉबी के चचेरे भाई ‘अभय देओल’ के साथ काम कर चुके थे। अभय के द्वारा ही वह पूरी देओल फैमिली तक पहुँचे।

लेकिन जब करीना ने इम्तियाज़ की नेरेशन में गीत और आदित्य की केमेस्ट्री सुनी तो अपने रोल सुना तो तुरंत हाँ कह दिया लेकिन ये शर्त भी रखी कि वह इस फिल्म को तभी साइन करेंगी जब उनके साथ शाहिद भी इस फिल्म में होंगे।

इम्तियाज़ करीना के अलावा किसी और को गीत के रोल के लिए नहीं लेना चाहते थे। बस फिर क्या था, करीना के लिए ये फिल्म उनके कैरियर की माइल स्टोन साबित हुई और पहली बार करीना कपूर को फिल्मफेयर की बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। यहीं से करीना शाहिद से ज़रा दूर और सैफ के बहुत पास आती गयीं। सैफ भी तबतक अमृता सिंह से तलाक ले चुके थे। इन दोनों ने सिर्फ साथ रहने के लिए ‘टशन और कुर्बान जैसी फ़िल्में की जिसमें टशन बुरी तरह से फ्लॉप रही लेकिन कुर्बान को फिर भी दर्शकों ने पसंद किया। कुर्बान के लिए उन्हें फिल्मफेयर नॉमिनेशन भी मिला।

इसी दौर में करीना ने पहली बार आमिर खान के साथ काम किया और 3 इडियट्स के लिए फिर एक बार फिल्मफेयर में वह नोमिनेट हुईं।

एजेंट विनोद भी इसी कड़ी में शामिल रही जो श्रीराम राघवन की फिल्म होते हुए भी बुरी तरह फ्लॉप हुई।

लेकिन इसी साल करीना ने सैफ संग शादी कर ली और ढेरों कंट्रोवर्सी के बीच करीना कपूर से करीना कपूर खान हो गयीं।

बहुतों को लगा कि अब करीना फिल्मों में नज़र नहीं आयेंगी। ऐसा तो नहीं हुआ लेकिन करीना ने फिल्में कम ज़रूर कर दीं। साल में तीन से चार फिल्में करने वाली करीना ने साल में एक फिल्म करनी शुरु कर दी।

इसमें उनकी बड़ी फिल्म, जिसे मधुर भंडारकर ने डायरेक्ट किया था; ‘हीरोइन’ बहुत बुरी तरह फ्लॉप हुई। इस फिल्म से करीना को बहुत उम्मीदें थीं। इसके बाद करीना ने आमिर के साथ एक और फिल्म ‘तलाश’ की, ये आमिर के साथ तो दूसरी फिल्म थी ही, तलाश नाम से भी उनकी दूसरी फिल्म थी, बॉक्स ऑफिस पर तो ये भी न चल सकी लेकिन सेटेलाईट पर दर्शकों ने इसे बहुत पसंद किया।

अगले साल (2013) सत्याग्रह में करीना नज़र आईं, यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर ख़ास कमाल नहीं दिखा सकी। पर 2014 में रोहित शेट्टी की फिल्म सिंहम रिटर्न्स में ने उन्हें लम्बे समय बाद एक सुपर हिट फिल्म दी। यहाँ से करीना की गाड़ी फिर ट्रैक पर आ गयी।

2015 में सलमान खान के साथ उन्होंने फिर एक ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, बजरंगी भाईजान।

2016 में उन्होंने अभिषेक चौबे की फिल्म उड़ता पंजाब और आर बाल्की की यूनीक फिल्म ‘की एंड का’ में एक्टिंग की और दोनों ही फिल्मों में उनके रोल की जमकर तारीफ हुई। हालांकि ‘की एंड का’ बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल न दिखा सकी।

यही वो साल था जिसमें करीना ने अपने पहले बेटे ‘तैमुर’ को 16 दिसम्बर के दिन जन्म दिया। हालांकि प्रेगनेंसी के आख़िरी हफ्ते तक भी करीना शूटिंग पर जाती रहीं और काम करती रहीं।

करीना ने इसे अपनी चॉइस बताया और कहाँ कि उन्हें अपने काम से बहुत प्यार है और वह किसी भी कीमत पर ये काम नहीं छोड़ सकतीं।

हालाँकि करीना और सैफ ने जब अपने बेटे के नाम तैमुर रखा तब भी बहुत बवाल हुआ क्योंकि तैमुर लंग एक क्रूर आक्रमणकारी था। पर करीना ने इन ट्रॉल्स पर कभी कोई रिएक्शन नहीं किया।

2018 में करीना ‘वीरे दी वेडिंग’ में तीन अन्य हीरोइन्स के साथ टिपिकल पंजाबी रोल में नज़र आईं, हालाँकि इस फिल्म की क्रिटिकली बहुत बुराई पर फिर भी फिल्म सुपरहिट रही और करीना ने एक बार फिर अपना वर्चस्व कायम रखा।

2019 में अक्षय कुमार, किआरा आडवाणी और दिलजीत दोसांझ के साथ दूसरी फिल्म करते हुए करीना ने ‘गुड न्यूज़’ में नज़र आईं और ये फिल्म भी सुपरहिट रही। आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) के यूनीक कांसेप्ट पर बनी यह फिल्म करीना के लिए एक स्पेशल फिल्म थी। करीना ने कहा भी था कि “गुड न्यूज़ जैसी फिल्म से मैं कनेक्ट हो पाई, ऐसे यूनीक मुद्दों पर फ़िल्में बननी चाहिए।

2020 लेजेंडरी कलाकार इरफ़ान की डेथ से पहले रिलीज़ हुई फिल्म ‘अंग्रेज़ी मीडियम’ के बारे में करीना कहती हैं कि मैंने सारे खान्स के साथ काम किया है। मेरी दिली ख्वाहिश थी कि मैं इरफ़ान के साथ भी काम करूँ, उनके जैसा एक्टर मिलना मुश्किल है।

कोरोना के चलते डिले हुई आमिर खान के साथ उनकी तीसरी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ में करीना आमिर के साथ लीड रोल करनी नज़र आने वाली हैं। पर कमाल की बात ये है कि 20 साल में पहली बार करीना ने स्क्रीनटेस्ट दिया है।

इस फिल्म से पहले उन्होंने कभी कोई ऑडिशन, कभी कोई स्क्रीनटेस्ट नहीं दिया था। इस बात पर उनका कहना था कि “हॉलीवुड में ये बहुत कॉमन है कि बड़े से बड़ा एक्टर भी किसी फिल्म में काम करना चाहता है तो उसे स्क्रीनटेस्ट देना पड़ता है, इट्स ओके, फिर ये आमिर खान की फिल्म है, आई मीन ही इज़ द बेस्ट, आमिर के अलावा कोई और होता तो शायद मैं स्क्रीनटेस्ट नहीं देती पर उनके साथ काम करना इज़ लाइक सेटिंग अ माइल स्टोन”

इन दिनों हेल्थ फ्रीक होती एक्ट्रेसेस और मॉडल्स को देख करीना कहती हैं कि मेरे लिए ये बहुत मुश्किल है। एक फिल्म में मैंने ज़ीरो फिगर (टशन) करके देखा था, जो मुझे बिल्कुल सूट नहीं किया (उस फिल्म की शूटिंग के दौरान करीना बेहोश हो गयी थीं) ये स्प्राउट्स, हेल्दी फूड्स सब ठीक है पर मैं पराठा, अमृतसरी कुल्चा, भठूरे वाली लड़की हूँ, मुझसे ये डाइट वाईट फॉलो नहीं हो सकती, (हँसते हुए) मैं कुछ भी खाकर वर्कआउट करने में बिलीव रखती हूँ”

इसी साल 2021 में 21 फरवरी को करीना कपूर खान ने एक और लड़के को जन्म दिया जिसका नाम मुग़ल बादशाह ‘जहाँगीर’ के नाम पर रखा गया। हालाँकि इसके नाम के साथ भी कंट्रोवर्सी हुई लेकिन कपूर खानदान की बेटी भला कंट्रोवर्सी से कबसे डरने लगी।

उन्होंने अपनी प्रेगनेंसी के एक्सपीरियंस पर भी एक किताब लिखी है, उन्होंने अपने इस तजुर्बे को प्रेगनेंसी बाइबिल का नाम दिया है. अब मैं आपसे कहूँ कि इस किताब के नाम पर भी कंट्रोवर्सी हुई है तो आप कहेंगे कि क्या नई बात बता दी, आख़िर कंट्रोवर्सी तो होगी ही.

आज करीना अपने परिवार के साथ अपना जन्मदिन हँसी ख़ुशी मना रही हैं और अपनी आने वाली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के रिलीज़ होने का इंतज़ार भी कर रही हैं।

हम मायापुरी ग्रुप की ओर से करीना कपूर खान को जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं देते हैं

  • सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’
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