मूवी रिव्यू: बेशक न देखें ‘कट्टी बट्टी’

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रेटिंग**

एक नजर का प्यार । होता हैं । अगर देखना है तो निर्देशक निखिल आडवाणी की फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ देख लीजिये। ऐसा प्यार जिसमें एक लड़के ने जैसे ही एक चंचल सी लड़की को देखा तो उसे देखते ही उसे फौरन प्यार हो गया। ऐसा प्यार जिसने मरते दम तक पीछा नहीं छोड़ा ।

कहानी

फिल्म शुरू होती है इमरान खान और कंगना रनोट के ब्रेकअप से। दरअसल पिछले पांच साल से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे दोनों मे अचानक झगड़े होने लगे और एक दिन इमरान गुस्से में कंगना को एयरपोर्ट पर अकेला छोड़ आता है। बस उसके बाद दोनों में ब्रेकअप हो जाता है। कंगना मुंबई छोड़ कर दिल्ली चली जाती है, लेकिन इमरान उसे भूल नही पाता इसलिये वो उसे पागलों की तरह ढूंढ रहा है। उसे पता चलता है कि कंगना अपने एक्स ब्वायफ्रेंड से शादी करने जा रही है तो इमरान उस शादी को खारिज करने के लिये दिल्ली पहुंच जाता है। वहां वो टूटे दिल वालों को सपोर्ट करते एक बैंड की मदद से कंगना की शादी तक पहुंच जाता है। लेकिन क्या वो शादी रूकवाने में कामयाब हो पाता है ? क्या कंगना उसे मिल पाती हैं ?

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निर्देशन

इससे पहले निखिल आडवाणी ढ़ेर सारी फिल्में बना चुके हैं लेकिन कल हो ना हो के अलावा उनकी कोई भी फिल्म सफल नहीं हो पाई। पिछले सप्ताह उनकी एक और फिल्म ‘ हीरो’ भी फ्लॉप साबित हुई थी। फिल्म में वे कंगना का परिचय एक अति माडर्न, कपड़ों की तरह ब्वायफ्रेंड बदलते रहने वाली लड़की के तौर पर करवाते हैं जो इमरान से प्यार नहीं बल्कि मौज मस्ती के लिये दोस्ती करती है। लेकिन इमरान उसे सच्चा प्यार करता है।

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दरअसल निखिल ने कंगना की मनु वेड्स मनु वाली इमेज को भुनाने की कोशिश की है जिसमें वे कामयाब नहीं हो पाये। शुरू से अंत तक एक लम्हा भी ऐसा नहीं आता जब दर्शक फिल्म से अपने आपको जुड़ा हुआ पाता हो । दूसरे फिल्म का स्क्रिनप्ले इतना सुस्त है कि फिल्म देखते हुये दर्शक उबासियां लेते हुये फिल्म के खत्म होने का इंतजार करता रहता है। क्लाईमेक्स में बताया गया कि क्यूं कंगना इमरान से दूर चली जाना चाहती है, तो दर्शक थोड़ा संभल कर बैठता है लेकिन क्लाईमेक्स इतना लंबा कर दिया गया कि एक बार फिर दर्शक की उत्सुकता बोझिलता में बदल जाती है।

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अभिनय

बड़े अफसोस के साथ कहा जाता है कि इस बार भी इमरान खान कुछ नहीं कर पाये। न तो उनके चहरे पर कोई भाव आते हैं और न ही कोई प्रतिक्रिया। कंगना इस बार अपने आपको दोहराती नजर आती हैं। उनके रोल में कोई नयापन भी नहीं है।

फिल्म क्यों देखें

बेशक न देखें

 

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Mayapuri