प्रवीण उद्यमी रोनी स्क्रूवाला के साथ करण जौहर का कॉफी सेशन

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मास्टर होस्ट करण ने स्क्रूवाला को स्पॉटलाइट में लाकर उनकी यात्रा, उनकी कामयाबी, विफलताओं और हाल में लॉन्च पुस्तक ड्रीम विद यॉर आइज ओपन के बारे में सवाल पूछे
रोनी स्क्रूवाला का उद्यमी सफर नवाचार और बाधाओं से भरपूर रहा है और उन्होंने अपनी पहली पुस्तक -ड्रीम विद यॉर आइज ओपन में भी कुछ ऐसा ही किया है। भारत के विशालतम मीडिया एवं एन्टरटेनमेंट समूह के संस्थापक, रोनी ने आज राजधानी में हुये समारोह में करण जौहर के साथ कॉफी सेशन में अपनी पुस्तक का विमोचन किया।
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करण जौहर ने बताया, ‘‘रोनी की यात्रा बेहद प्रेरणादायक है। वाणिज्य के साथ रचनात्मकता का संगम करने का उनका स्वाभाविक सामर्थ्य उल्लेखनीय है। मुझे भरोसा है कि उनकी पुस्तक इस देश के जोश को नई स्फूर्ति प्रदान करेगी और लोगों से सपने देखने का अनुरोध करेगी। इस पुस्तक के जरिये लोगों को अपने सपनों को सच करने का आत्मविश्वास मिलेगा। मुझे उनके सफर का हिस्सा बनकर प्रसन्नता हो रही है और आज उनकी किताब के विमोचन के लिए उनके साथ मैं कॉफी सेशन करके बहुत रोमांचित हूं।‘‘
इस पुस्तक को पहले ही जानदार समीक्षायें एवं हर तरफ से शुभकामना संदेश मिल रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी रोनी को अपनी बधाई और शुभकामना संदेश भेजकर कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इस पुस्तक से भारत के युवाओं को अपने सपने पूरे करने और ऐसा करते हुए लाखों भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाने के नवोन्मेशी रास्ते ढूँढ़ने के लिए अपनी ऊर्जा लगाने की प्रेरणा मिलेगी। ‘

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इस अवसर पर रोनी स्क्रूवाला ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘मैं उद्यमशीलता पर एक किताब लिखना चाहता था क्योंकि मैं इसकी स्वच्छंद ताकत में विश्वास करता हूं। भारत में उद्यमशीलता और नेतृत्व के बढ़ते जोश तथा आशावाद, जुनून, अभिलाषा, महत्वाकांक्षा की नई लहर से, मुझे यह पुस्तक लिखकर एक छोटा सा योगदान करने की प्रेरणा मिली। इस पुस्तक में मैंने अपनी सफलताओं और विफलताओं को साझा किया है। इस पीढ़ी को सपने देखने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करने के प्रयास में अपने व्यापक अनुभवों को बांटा है।‘‘
हमारे समय के बहुचर्चित उद्यमशील दिग्गजों द्वारा देश में उद्यमशीलता को समर्थन प्रदान करने वाली इस पुस्तक और रोनी के प्रयासों की सराहना की गई है।

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रतन टाटा ने कहा, ‘‘व्यवसायियों को अपनी कंपनियों के हित से परे जाकर उन समुदायों का सहयोग करना चाहिये जिसमें कि वे सेवायें प्रदान करते हैं। मुझे आशा है कि यह पुस्तक कई लोगों को यह सोचने की प्रेरणा देगी कि वे अपनी कंपनियों के विकास चक्र के दौरान दूसरों को किस तरह प्रभावित करें।‘‘

मुकेश अंबानी का मानना है कि यह पुस्तक महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए एक मार्गदर्शिका बनकर उभरेगी। उन्होंने कहा, ‘‘रोनी पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं। मैं रोनी की ऊर्जा, सहज प्रवृत्ति, जुनून और जोखिम उठाने की क्षमता के लिए उनकी सराहना करता हूं। यह पुस्तक अगली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए एक गाइड के रूप में सेवायें प्रदान करेगी। उन्हें इससे महत्वपूर्ण सीख और प्रेरणा मिलेगी।‘‘
आनंद महिन्द्रा का कहना है, ‘‘अच्छे उद्यमी व्यक्तिगत सफलता का अनुभव करते हैं। महान उद्यमी अपनी सफलता को कई गुणा बढ़ाते हैं तथा अपने साथ दूसरों के भी विकास में मदद करते हैं। रोनी एक महान उद्यमी हैं।‘‘

नंदन नीलेकणि ने कहा, ‘‘यह एक ऐसी किताब है जिसकी ‘‘स्टार्ट अप नेशन‘‘ को प्रेरित करने के लिए हमें आवश्यकता थी।‘‘

स्क्रूवाला ने अंत में कहा, ‘‘अपने सहकर्मियों के साथ-साथ हमारे देश के नेताओं से इतना सहयोग मिलने से अद्भुत अनुभूति हो रही है। मैं देश को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि ‘‘सब कुछ संभव है‘‘ और ‘‘सब कुछ किया जा सकता है‘‘। मुझे उम्मीद है कि इस पुस्तक से  लोगों को यह प्रेरणा मिलेगी।‘‘

लेखक द्वारा लिखी यह पहली किताब है और लॉन्च के महज कुछ दिनों में ही इसकी 25,000 प्रतियां बिक चुकी हैं।


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Mayapuri

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