सुलक्षणा पंडित अच्छी गायक है – लता मंगेशकर

1 min


lata_recording

 

मायापुरी अंक 13.1974

किशोर कुमार की सहयोगी बनी लता मंगेशकर लता के सहयोग का कारण कोई बच्चा भी समझ सकता है कोई भी सम्राज्ञी (भले ही वह संगीत की सम्राज्ञी क्यों न हो ?) अपने राज्य पर किसी दूसरे का पैर पड़ना नही देख सकती अब सुलक्षणा ऐसी बच्ची है कि उन्होनें पाश्र्व-गायन के लिए ‘लता-दीदी’ की ही शरण ली। (मेमना अपनी रक्षा के लिए भेड़िए के पास गया.) सुलक्षणा ने लता से प्रार्थना की आप मेरे गीत मत गाइये तो निर्माता लोग झख मारकर मुझे ही चांस देगे। लता ने सुलक्षणा से तो उसके गीत न गाने का मीठा वायदा कर लिया मगर जब सुलक्षणा शूटिंग के लिए सेट पर पहुंची तो उनके लिए लता की आवाज में रिकॉर्ड तैयार पड़ा था सुलक्षणा को केवल अपने होंठ हिलाने थे। क्या आने वाली पीढ़ी संगीत की महारानी’ इस तरह नई प्रतिभा का गला घोंटने के कर्म को माफ कर सकेगी ? कदापि नही इस बात को लता भी खूब समझती है इसलिए उन्होनें बम्बई के एक सिनपाक्षिक में अपनी डिफेंस में एक वक्तव्य दे डाला। जरा लता की डिफेंस पर भी गौर फरमाइए

“मैंने सुलक्षणा से वायदा किया था कि मैं उनके लिए गीत नही गाऊंगी। मेरे इस निर्णय पर फिल्म का निर्माता आग-बबूला हो गया संध्या को किशोर कुमार ने मुझे टेलीफोन किया कि यदि मैं सुलक्षणा के गीत नही गाऊंगी तो निर्माता सुलक्षणा को फिल्म से गाये भजन ‘तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो’ या गीता दत्त के भजन तोरा मनवा क्यूं घबराये’ से किसी भी हालत में उन्नीस नही है, (भले ही इक्कीस न हो.)

सुलक्षणा को मैनें बहुत निकट से देखा है। उन्हें अभियान करते भी देखा है। सुलक्षणा का चेहरा मुमताज जैसा सरीखा गोल है। उनके चेहरे पर वैसी ही ताज़गी है। सफलता स्वंय सुलक्षणा के पास आ खड़ी हुई है। यदि सुलक्षणा की एक-दो फिल्में फ्लॉप भी हो जाती है तो भी सुलक्षणा के करियर को कोई धक्का नही पहुंचेगा।

सुलक्षणा पर ‘अनकोआपरेटिव होने का आरोप है क्योंकि वह शूटिंग के बाद सीधी घर चली आती है, हीरो या प्रोड्यूसर के साथ फ्लर्ट नही करती। उनके हीरो उन्हें विशेष पसंद नही करते वह अपने काम से काम जो रखती है।

समय किसी को माफ नही करता। आज लता मंगेशकर 45 साल की हैं अब उनके कंठ में वह माधुर्य नही जो ‘अनाड़ी’ के तेरा जाना, दिल के अरमानों का लुट जाना’ वाले दिनों में था। शीघ्र ही लता को नई प्रतिभाओं के हक में अपनी गद्दी छोड़नी होगी। तब सुलक्षणा का सुरैया’ और ‘नूरजहां बनने का सपना अवश्य ही साकार होगा। समय इसका साक्षी होगा।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये