‘बेबी’ जैसी फिल्म करना गर्व की बात है : तापसी पन्नू

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तापसी पन्नू भी उन अभिनेत्रियों में से हैं जो हिंदी फिल्मों में दक्षिण भारतीय फिल्मों से आईं। चश्मे बद्दूर के रिमेक में उन्होंने काम किया और अब ‘बेबी’ में वे नजर आईं। पेश है तापसी से बातचीत के मुख्‍य अंश :
चश्मे बद्दूर दो वर्ष पहले रिलीज हुई थी। उसके बाद अब बेबी में नजर आ रही हैं। दो फिल्मों के बीच इतना लंबा गैप क्यूं?
दक्षिण भारतीय फिल्मों में व्यस्त थी। रनिंग शादी डॉट कॉम नामक हिंदी फिल्म भी कर रही थी जो ‘बेबी’ के बाद रिलीज होगी। साथ ही अच्छे प्रस्ताव का इंतजार भी कर रही थी।
दक्षिण भारतीय और हिंदी फिल्मों के बीच काम करने के मामले में क्या फर्क पाती हैं?
हिंदी में काम करना आसान है। मेरी मातृभाषा हिंदी है। दक्षिण भारतीय फिल्मों में भाषा की समस्या आती है। ‘बेबी’ में काम करना बहुत ही आसान लगा।
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अब दक्षिण भारतीय फिल्मों को ज्यादा तवज्जो देंगी या हिंदी फिल्मों को।
दक्षिण भारतीय फिल्में करना कभी बंद नहीं करूंगी क्योंकि वहां मुझे पसंद करने वाले कई फैन हैं। साथ ही हिंदी फिल्मों में भी अपने पैर मजबूती से जमाने की कोशिश करूंगी।
बेबी में क्या किरदार निभा रही हैं?
अंडरकवर एजेंट बनी हूं। बेबी जैसी फिल्म करना गर्व की बात है।
फिल्म में ढेर सारे पुरुष किरदार हैं। उनके बीच कहीं आपका किरदार खो तो नहीं गया?
मेरा रोल बेहद स्ट्रांग है। नीरज पांडे की फिल्म में हर किरदार को बराबर महत्व दिया जाता है। इससे सभी कलाकार अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। अक्षय कुमार भी फिल्म में हर समय नजर नहीं आएंगे।
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सुना है कि फिल्म में आपने अपने स्टंट्स खुद किए?
मेरे लिए डुप्लिकेट की व्यस्था की गई थी, लेकिन जब मैंने देखा कि राणा डग्गुबाती और अक्षय कुमार खुद अपने स्टंट्स कर रहे हैं तो मैंने निर्णय लिया कि मैं स्टंट्स खुद करूंगी। मुझे नीरज ने मना भी किया, लेकिन मैं नहीं मानी।
इसके लिए क्या अक्षय ने आपकी मदद की?
अक्षय कुमार स्टंट्स में माहिर हैं। उन जैसा कलाकार साथ हो तो हौंसला बढ़ जाता है। उन्होंने मुझे बारीकियां सिखाईं और मैं बिना किसी घबराहट के अपने एक्शन सीन करने में सफल रही।

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Mayapuri

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