जानिए 90 के दशक की फिल्मों की कुछ दिलचस्प बातें

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फिल्मों से लोग इस कदर जुड़े हुए है कि फिल्मों को भी वें अपनी डेली लाइफ का ही हिस्सा मानते है। हिंदी सिनेमा में समय के साथ बेहद चेंज आए है। आज हिंदी सिनेमा को “बॉलीवुड” के तौर पर भी जाना जाता है। समय के साथ एक्टर और एक्ट्रेस के लुक  और गानों में भी बेहद बदलाव हुए है। अगर 90 के दशक की फिल्मों की बात की जाए तो फिल्म में जो सीन होते थें, वह दर्शकों के बीच बेहद सुपरहिट थें। मगर आज के दर्शकों के लिए  वे सीन बेहद ही अटपटे और अजीबों गरीब है। जानिए कुछ ऐसी ही 90 के दशक की फिल्मों की खास बातों के बारे में जो आज के समय से बिल्कुल अलग है।

चमकीले और भड़कीले रंग के कपड़े पहनाना

90 के दशक की फिल्मों की बात ही कुछ और है। उस समय के अभिनेता और अभिनेत्री चमकीले और भड़कीले रंग के कपड़े पहनना बेहद पसंद करते थे, जिसमें नारंगी, पीला और हल्का नीला रंग शामिल था। मगर आज के दौर में बॉलीवुड में कोई भी कलाकार भड़कीले रंग के कपड़े ज्यादा नही पहनता है।

गानों में पियानो का इस्तेमाल

उस समय हिंदी सिनेंमा में से़ड सॉन्स को दर्शाने के लिए पियानों का अधिक प्रयोग किया जाता था। 90 के दशक की फिल्मों के गानों में पियानो दुखी होने का चिन्ह माना जाता था।आज के समय के सेड गानों में पियोना का दिखना बेहद ही रेयर है।

सरसों के खेत में गानों को फिलमाना

90 के दशक में ज्यादा फिल्मों में गानें सरसों के खेत में फिल्माए जाते थें। जैसे बेहद पॉपलुर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का मशहूर गाना भी सरसों के खेत में ही फिल्माया गया था। लेकिन आज के समय में फिल्मों में खेतों में लहलहाते सरसों के फूलों के बीच गानों को शूट करना बेहद कम हो गया है या होता ही नही है।

90 के दशक के गानों की कोरियोग्राफी

90 के दशक के गाने थोड़े लम्बें और अजीब होते थें। उस समय गानो में एक्टर कहीं भी नाचने लगते थें और एक्टर के साथ और भी लोग नाचने लगते थें। गानों में एक्टर की लोकेशन बार-बार बदली जाती थी। गानों में एक्टर चुटकी ज्यादा लेते थें। जो आज के समय के गानों से बिल्कुल अलग है।

चिट्ठियों में प्यार का इजहार

90  के दशक की खास बात यह है कि उस समय ना तो कोई मोबाइल फोन हुआ करते थें ना कोई सोशल मीडिया का माध्यम। फिल्मों में भी हीरो और हीरोइन चिट्टियों के जारिए अपने प्यार का इजहार करते थें। उस समय की फिल्मों में खत लिखकर प्रेमी और प्रेमिका एक-दुसरे से बात करते थें। फिल्मों में चिट्टी में ही एक्टर को एक्ट्रेस का चेहरा नजर आता था। मगर आज के आधुनिक युग में ऐसा कुछ देखने को नही मिलता है।

माउथ ऑर्गन का यूज

उस समय की फिल्मो में माउथ ऑर्गन का यूज ज्यादा होता था। फिल्मों में अभिनेता माउथ ऑर्गन को बजाते नजर आते थे। मगर आज के समय में माउथ ऑर्गन का प्रयोग फिल्मों में देखने को नही मिलता है।

सीने पर बाल

आज के समय में किसी भी एक्टर के सीने पर बाल नही देखे जा सकते है। मगर 90 के शतक में एक्टर छाती पर बाल रखकर फिल्म में अभिनेत्री को एंप्रेस किया करते थे।

विलेन का खतरनाक होना

90 के दशक की फिल्मों के विलेन बेहद ही खतरनाक लुक में होते थें। विलेन्स को इतना डरावना दिखाया जाता था कि उनके फैंस उन्हें रियल लाइफ में भी विलेन समझनें लगते थें। मगर आज के समय में विलेन इतने खतरनाक नही होते है।

हीरो का भागते भागते ही फिल्मों में बड़े हो जाना

90 के दशक में फिल्में बेहद ही अलग होती थी। फिल्म का हीरो फिल्म में भागते-भागते यानि बचपन में ही भागते हुए ही जवान हो जाता था। जो आज के दर्शको के लिए बेहद ही अजीब है। आज के दौर में कुछ ऐसा देखने को नही मिलता है।

फिल्मों का काफी लम्बा होना

90 की दशक की फिल्में काफी लम्बी होती थी। करीबन 3 घटें से भी ज्यादा की फिल्में होती थी। जो दर्शकों को बेहद पसंद भी आती थी। मगर आज के आधुनिक समय में 1 घटें या 2 घटें से ज्यादा फिल्म लम्बी नही होती है। यानि समय के साथ फिल्मो की अवधि में परिवर्तन किया गया है।

फिल्मों में लव स्टोरी कम, एक्शन सीन ज्यादा होते थें।

90 के समय में फिल्में लव स्टोरी पर भी होती थी। मगर उन फिल्मों में भी एक्शन सीन ज्यादा होते थें। लव स्टोरी, फिल्मों में खलनायक भी होता था। मगर फिल्म एक्शन से अधिक भरपूर होती थी।

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Hasmine saifi

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