समर्पित कलाकार प्राण और अशोक कुमार

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13pranfilms23

 

मायापुरी अंक 01.1974

पिछले सप्ताह फिल्म ‘धर्मा’ की सिल्वर जुबली समारोह में अशोक कुमार ने भाग लिया यद्दपि ‘धर्मा’ में अशोक कुमार ने काम नही किया। दादामुनी (अशोक कुमार) ने बताया कि उन्होने प्राण की फिल्म ‘धर्मा’ नही देखी किन्तु विक्टोरिया न.203 में साथ काम किया है और प्राण की सहायत और सुझाव के कारण ही वह अपनी भूमिका से न्याय कर सके। इसीलिए उसकी सफलता का सेहरा प्राण के सिर बंधता है।

दादामुनी के बाद राजकपूर ने भी भाषण किया और कहा कि किसी फिल्म की सफलता में आर्टिस्टों और तकनिशयनों का बड़ा हाथ होता है और प्राण एक समर्पित कलाकार है।

‘धर्मा’ रजत जयन्ती में जिस प्रकार से प्राण की सराहना हुई है उससे ऐसा लगता था कि वह प्राण नाईट है।


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Mayapuri

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