आज शाम लोहड़ी मनाने के लिए हैं तैयार? तो इन गानों को प्ले करना न भूलियेगा

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लोहड़ी

लोहड़ी ही नहीं, त्यौहार कोई भी हो, बॉलीवुड फिल्म्स में हमेशा उससे जुड़े गाने मिल जाते हैं। उसमें भी, होली बॉलीवुड गानों के लिए सबसे पसंदीदा त्यौहार है। ‘रंग बरसे, भीगे चुनर वाली’ जबतक घरों में न बजे तबतक होली पूरी नहीं मानी जाती। इसके दिवाली पर भी बहुत से गाने मिल जाते हैं। ईद पर सलमान खान की बदौलत कई गाने हैं लेकिन सिखों-पंजाबियों का मुख्य त्यौहार लोहड़ी ही ऐसा जिसपर गाने बनाने में बॉलीवुड ने बहुत कंजूसी की है। फिर भी, हमने पंजाबी और हिन्दी फिल्मों से छांट कर आपकी लोहड़ी की ख़ास शाम को और स्पेशल बनाने के लिए ये बेहतरीन पाँच गाने चुने हैं –

जदों ए औंदी ए लोहड़ी – हरभजन मान

 

हालांकि ये गाना बॉलीवुड से न होकर पंजाबी फिल्म असा नु मान वतना दा से है पर आप लोहड़ी की शाम हरभजन मान की आवाज़ में ये गाना सुन परिवार के साथ बैठेंगे तो आपका मन ख़ुश हो जायेगा।

राज घुमन के टप्पे 

टप्पे पंजाबी लोक गीतों की एक शैली है जिसमें दो मिसरे एक दूसरे से बिलकुल अलग होते हुए भी अंत में एक साथ मिल जाते हैं। राज घुमन टप्पे मारने के लिए मशहूर हैं। इनका पंजाबी फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स जैसे इकतारा, हारमोनियम के संगीत में इस गाने को सुनना ख़ुद को पंजाब पहुँचा देने जैसा है। ज़रूर सुनियेगा।

लोहड़ी स्पेशल – मीत कौर

लोहड़ी की शुरुआत पंजाबी लोक गीत ‘सुन्दर-मुंदरिये’ से ही होती है। पंजाब में छोटे बच्चे लोगों के ‘बुए’ यानी दरवाजे जाकर ये गीत गाकर लोहड़ी माँगा करते हैं। हालांकि, बीते वर्षों में मोबाइल टेबलेट और इंटरनेट के बच्चों की ज़िन्दगी में इस कद्र घुस जाने की वजह से अब के 90 प्रतिशत बच्चे घर-घर लोहड़ी मांगने से बचने लगे हैं। पर ट्रेडिशन तो ट्रेडिशन है, मीत कौर ने हाल ही में, 11 जनवरी को लोकगीत से जुड़ा एक गाना लॉन्च किया है। जो यकीनन लोहड़ी की शाम को सुनने लायक है।

 

लोहड़ी – गुरदास मान

2004 में आई वीर-ज़ारा यशराज बैनर की एक ऐसी फिल्म थी जिसने पूरे देश को लोहड़ी के लिए एक एंथम दे दिया था।  गुरदास मान और लता मंगेशकर की आवाज़ में ये गाना सदाबहार गीतों में से एक चुना जाता है।  इस गाने में हेमा मालिनी अमिताभ बच्चन से उनकी शिकायते गिनाती नज़र आ रही हैं और वहीं दूसरी ओर शाहरुख़ खान और प्रीति ज़िंटा अपनी प्रेम कहानी आगे बढ़ा रहे हैं।

अब लोहड़ी की बात हो रही है और ट्रेडिशनल फोक सांग न सुने तो लोहड़ी ही अधूरी है। सुन्दर-मुंदरिये से शुरु होने वाली लोहड़ी का समापन इसी     गीत से कीजिए

सर्दियों में दिन छोटे और रातें लम्बी होती हैं। वहीं लोहड़ी का त्यौहार इस बात का सूचक है कि अब सर्दी के जाने का वक़्त आ गया है और दिन बड़े होने शुरु होंगे। इसके ठीक अगले दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है जिसे कुछ जगह ‘खिचड़ी’ का त्यौहार भी कहते हैं। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। ये सांकेतिक रूप से ये बताने का सूचनांक है कि अब सूर्य उत्तरायण की ओर हो रहा है मतलब दक्षिण दिशा से विपरीत उत्तर दिशा की ओर पलट रहा है।

आपके और आपके परिवार को लोहड़ी की बहुत बहुत शुभकामनाएं। कोरोना काल में अपनी लोहड़ी परिवार के साथ ज़रूर मनाएं मगर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सबने मास्क लगाया हुआ हो, सिमित दूरी बनी रहे और हाथ अच्छी तरह से धुले हों।

सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’

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