विभाजन के दौर में प्यार

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वो बेहद रुखा और गंभीर था जिसमें घमंड और गुस्सा कूट कूटकर भरा था, लेकिन उसका दिल मोम की तरह नरम था। उसका जुनून ऐसा था कि सभी में डर पैदा कर दे।

वो एक मस्त हवा का झौंका थी, आजाद, बेपरवाह और बेलगाम, बेहद विनम्र लेकिन उत्साह और उमंग से भरी हुई। वो उसके जुनून का सटीक जवाब थी।

आप शायद यह सोचेंगे कि सुंदरलाल और लाजवंती एक दूसरे के लिए ही बने हैं क्योंकि दोनों मिलकर एक रौबदार मर्द और उसके प्यार में डूबी प्यारी पत्नी की भूमिका में एकदम खरे उतरते हैं। लेकिन उनके प्यार को भारतीय इतिहास की एक बड़ी उथल-पुथल का सामना करना होगा – विभाजन। आखिर यह त्रासदी उनकी प्रेम कहानी को कौन सा नया मोड़ देगी? 28 सितंबर से हर सोमवार से शुक्रवार रात 10.30 बजे शुरू हो रहा ज़ी टीवी का ताजा प्राइमटाइम शो ‘राजिंदर सिंह बेदी द्वारा रचित लाजवंती’ एक बेहद अस्थिर प्रेम कहानी है। इसमें जुदाई का दर्द है और ऐसे हालात हैं जो लाजवंती के प्यार और वफा की पवित्रता पर सवाल खड़े कर देते हैं।

लाजवंती उम्मीद और उत्साह से भरी गांव की एक साहसी लड़की है जो हर हाल में सच का साथ देती है। उसे हमेशा इस बात का भरोसा रहता है कि चाहे कितनी भी मुश्किल घड़ी क्यों न आ जाए, उसका प्यार हमेशा उसके साथ रहेगा। वह पहले तो शहर के लड़के से शादी करने में झिझकती है लेकिन धीरे-धीरे वह सुंदरलाल के प्यार में दीवानी हो जाती है। सुंदरलाल लाहौर के बादामीबाग के सबसे सुविधासंपन्न युवकों में से एक है, जो इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा है। वह उस पीढ़ी से है जहां के मर्दों की कीमत उनके अपनी औरतों को संभालने की क्षमता के आधार पर की जाती है। वह एक जुनूनी प्रेमी है जो यह मानता है कि वह अपनी औरत का मालिक है। दूसरी ओर लाजवंती को परवरिश के दौरान ही यह बताया जाता है कि एक औरत का पहला कर्तव्य अपने पति की सेवा करना है। क्या होगा जब इस तूफानी रिश्ते का सामना विभाजन के दर्द से होगा? यही ‘लाजवंती‘ की कहानी का केन्द्र है।

ज़ी टीवी के बिजनेस हेड प्रदीप हेडमाडी ने कहा, ‘‘विभाजन भारतीय इतिहास का सबसे चुनौती भरा दौर रहा है। यह सबसे बड़े जन आंदोलनों में से एक था, जिसमें कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। इस दौरान कई मानवीय कहानियां सामने आईं जिसमें कुछ प्रेरित करने वाली थीं तो कुछ दिल दहला देने वालीं। इनमें से कई कहानियां किताबों में खूबसूरती से दर्ज की गई हैं। टेलीविजन पर इस खास घटनाक्रम को अब तक पूरी तरह टटोला नहीं गया है। हमें ऐसी ही एक कहानी ‘लाजवंती’ पेश करते हुए काफी खुशी हो रही है। हम रात 10.30 बजे के समय पर हमेशा अग्रणी रहे हैं और अब इस शो के साथ हम एक बार फिर अपने स्थान पर डटे रहने के लिए तैयार हैं।

इस साल प्रख्यात लेखक राजिंदर सिंह बेदी की 100वीं जयंती मनाई जा रही है, जो बिमल रॉय की क्लासिक फिल्म ‘मधुमती’ और हृषिकेश मुखर्जी की कई फिल्मों के स्क्रीनप्ले लिखने के लिए मशहूर हैं। लाजवंती उनकी सबसे लोकप्रिय कहानियों में से एक है और उनकी पोती – मशहूर टेलीविजन लेखिका और प्रोड्यूसर ईला बेदी दर्शकों के समक्ष ‘लाजवंती’ का रूपांतरण प्रस्तुत करने जा रही हैं।

प्रोड्यूसर ईला बेदी कहती हैं, ‘‘अपने दादा राजिंदर सिंह बेदी की सबसे ज्यादा पढ़ी गई लघु कथा – लाजवंती को टीवी शो के रूप में पेश करना शानदार अनुभव है। यह शो ज़ी टीवी पर टेलीकास्ट होगा। इस चैनल के साथ मैंने एक बेहद सफल शो ‘हिटलर दीदी’ भी बनाया है। इस लघु कथा को प्रस्तुत करके मैं उनकी 100वीं जयंती पर उन्हें अपने अंदाज में श्रद्धांजलि दूंगी। वे 20वीं सदी के ऊर्दू फिक्शन के सबसे प्रगतिशील लेखकों में गिने जाते हैं। वे भारतीय विभाजन के दौरान हुए आंदोलन का इतिहास लिखने के लिए भी मशहूर हैं। ‘लाजवंती’ को बड़ी खूबसूरती से रचा गया है। यह एक कालजयी प्रेम कथा है जो आज के दर्शकों से बखूबी जुड़ जाएगी।‘‘

नवोदित अभिनेत्री अंकिता शर्मा इसमें लाजवंती का मुख्य किरदार निभाएंगी जबकि लोकप्रिय एक्टर सिड मक्कड़ सुंदरलाल के रूप में नजर आएंगे। इस प्राइम टाइम ड्रामा में 25 से ज्यादा किरदार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

शुरू हो रहा है 28 सितंबर से, देखते रहिए ‘राजिंदर सिंह बेदी द्वारा रचित लाजवंती’, हर सोमवार से शुक्रवार रात 10.30 बजे, सिर्फ ज़ी टीवी पर।


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Mayapuri

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