मालवी मल्होत्रा अपनी बुद्धि को लगा रही है धार–  

1 min


हाल ही में लगाए गए लॉकडाउन से पहले मालवी मल्होत्रा चौबीसों घंटे शूटिंग कर रही थी।  उसने घर पर इस तालाबंदी के दौरान कुछ समय के लिए अपने एक अन्य पैशन को  भी कुछ समय देने का फैसला किया।  वह पढ़ने में मग्न हो गई  और कहती है कि वो अपने को किताबों से अब दूर ही नही कर पा रही है। उनके अनुसार पढ़ना दिमाग के लिए उतना ही जरूरी  है जितना शरीर के लिए व्यायाम करना। इसलिए यह कहना उचित होगा कि  ये खूबसूरत अभिनेत्री न्यूरॉन्स को तोड़ रही है और अपनी बुद्धि को धार लगाने का काम कर रही है। बॉलीवुड में मालवी मल्होत्रा के बारे में कहा जाता है कि उसका दिल सोने जैसा है और वह एक मजबूत लड़की है। उन्होंने एक एनजीओ और मुंबई पुलिस के साथ भी अपना काम शुरू किया है ताकि महिलाओं को उनके साथ होने वाले अपराधों से लड़ने में मदद मिल सके और वह इस संबंध में बहुत जागरूकता पैदा कर रही हैं।
★सुलेना मजुमदार अरोरा★

आइए हम मालवी मल्होत्रा की जुबानी ही  सुनें कि उसे अपने पढ़ने के अभियान पर क्या कहना है। मालवी कहती है, “मैं एक मैराथन रीडिंग रोमांच से गुज़र रही हूं। किताबें मुझे एक तरह से, एक अलग दुनिया में ले जाती हैं। मैं उनसे दूर नहीं रह सकती हूं । मैं अपने दिन की शुरुआत भी पढ़ने से करती हूँ  और दिन का अंत भी पढ़ने से करती हूँ। इन दिनों मैं हर तरह की पुस्तक पढ़ रही हूं जैसे काल्पनिक, आत्म-सहायता, विज्ञान, रहस्य, जीवनी, बस समझ लीजिए जो भी दिलचस्प चीज़ मिल जाती है मैं पढ़ने लगती हूँ। मेरे पास किताबों का एक विशाल संग्रह है, और ये आज की बात नहीं, ये तब से है जब मैं एक नन्ही सी बच्ची थी। मैंने सिंड्रेला की  स्टोरीज़, एनिड ब्लीटन की स्टोरीज़  के साथ शुरुआत की थी और फिर जीवनी, नाटक और आधुनिक विज्ञान की  पुस्तकें पढ़ने लगी। सच कहूँ तो लगातार पढ़ना एक अद्भुत आदत है। यह मेरे प्रोफेशन में भी मदद करता है जो कि अभिनय है।

पढ़ने में रुचि के कारण मैं संवादों को आसानी से याद कर सकती हूं और मैं हर प्रकार के दृश्य को बेहतर तरीके से  निभा सकती हूं। वास्तव में पढ़ना एक बड़ी अच्छी आदत है। ये लॉक डाउन के दिनों में भी हमारा सच्चा साथी है।”
चलिए, अब मालवी से कुछ प्रेरणा लेने और कुछ किताबें पढ़ने का समय हो गया।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये