INTERVIEW: मुझे उसमें खुद की छवि दिखाई देती है – मनीषा कोईराला

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लिपिका वर्मा

हम सभी जानते है मनीषा कोइराला ने कैंसर को जबरदस्त मात दी है। फिल्मी पर्दे पर भी वह वापसी कर रही है। फिल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला फिल्म अभिनेता संजय दत्त पर बन रही फिल्म में संजय दत्त बने रणबीर कपूर की माँ नरगिस दत्त की भूमिका निभा रही है। 90 के दशक की बेहतरीन अभिनेत्रियों में मां शुमार होती आयी है मनीषा कोइराला को ‘दिल से’, ‘लव स्टोरी 1942’ और ‘बॉम्बे’ जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अभिनय के लिए जानी जाने वाली यह अभिनेत्री न केवल स्ट्रांग है किन्तु आज भी खूबसूरती के मामले में इस समय की हीरोइन्स को जबरदस्त टक्कर भी दे सकती है -संजय दत्त पर बन रही बायोपिक में रणबीर कपूर संजय दत्त का रोल निभा रहे हैं। वही फिल्म का निर्देशन राजकुमार हिरानी कर रहे हैं।

पेश है मनीषा कोइराल के साथ लिपिका वर्मा की बातचीत के प्रमुख अंश –

आपने कैंसर को जबरदस्त मात दी है यह सब कैसे हो पाया ?

मुझे पता नहीं था कि मैं जियूंगी या मरूंगी। मैं हमेशा मौत के साए में जीती रही। मैं हमेशा अपने डॉक्टर से पूछती थी की मैं कब मरूंगी। कितना टाइम है मेरे पास… पर एक दिन मुझे रियलाइज हुआ कि मौत की तलवार मेरे सिर पर हमेशा लटकती रहेगी और मैंने तब से इसी के साथ जीना सीख लिया…मैं जब भी किसी कैंसर से लड़कर जीतने वाले को देखती हूं। मुझे उसमें खुद की छवि दिखाई देती है।

जब डॉक्टर ने कीमो करने की सलाह दी तो क्या महसूस हुआ?

मुझे यही बताया गया कीमो से कैंसर सेल्स मरते है। …. सो मेरे पास कोई और चारा नहीं था। ..मैंने उन्हें उस समय डॉक्टर को कीमो करने की इजाजत दे दी। और मुझे यह भी मालूम था की अब मेरे बाल गिर जायेंगे पर मौत से बचने का यही एक तरीका है सो और क्या करते?

सबसे पहले आपको कैसा  महसूस हुआ?

जैसे ही ‘कीमो थेरेपी’ शुरू हुई और मेरे बाल झड़ने लगे मुझे बहुत डर महसूस हुआ। भारत और नेपाल में बालों को महिलाओं की खूबसूरती से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए बालों का महत्व है .. मैं हमेशा अपने बालों को निकलवाना चाहती थी पर कैंसर और किमो के लिए नहीं.. यह देखना बहुत बुरा महसूस होता है कि आप सुबह सोकर उठते हैं और आपके तकिये के इर्द गिर्द आपके गिरे हुए बाल पड़े रहते हैं… इसके कारण मैंने अपने बाल निकलवा दिए। बालों को निकलवाने से आदमी ज्यादा बीमार लगता है .. चाहे वो उतना बीमार भले ही न हो. इसलिए मैं समझ सकती हूं जितने भी कैंसर पेशेंट्स मरीज , उन पर उस वक्त क्या बीतती है ।नरगिस दत्त के लुक के बारे कुछ बतायें?

इस लुक के बारे में बताया, ‘‘इस भूमिका को करने के पहले मैंने कई तैयारियां की। जिसमें कई लुक टेस्ट भी शामिल है। नरगिस दत्त बनने के लिए मेरे कई लुक टेस्ट हुए, जिनमें मैंने लंबे और छोटे बाल रखे थे।’’

आगे मनीषा ने हमे बताया – ‘‘मैंने फिल्म में अभी तक नरगिस दत्त के रोल को नहीं निभाया है लेकिन जब करुँगी तब मुझे लगता है मैं पक्का उनको जी पाऊंगी। मेरे लिए नरगिस दत्त का रोल निभाना वाकई एक सुनहरे पल जैसा है। यह सम्मान की बात है। मुझे आशा है कि उनके रोल के साथ मैं न्याय कर पाऊंगी। मैंने नरगिस दत्त के गेटअप में आने की सभी तैयारियां शुरू कर दी है। जिसमें से लुक टेस्ट भी शामिल है। इसके अलावा जल्द फिल्म को लेकर निर्देशक और टीम से मीटिंग है।’’

और किस से आप आजकल नरगिस जी के बारे में जानने की कोशिश करती है ?

‘‘मुझे प्रिया दत्त से भी कहना है कि आप मुझे अपनी माँ के बारे में और बताइए। मैंने लुक टेस्ट छोटे और बड़े दोनों बालों के साथ दिए है। उनके कई फोटो का सहारा लिया गया। हमने कई लुक टेस्ट किये हैं अभी तक और मुझे लगता है हम लोग उनके नजदीक पहुँचने में सफल रहे हैं। तो अब इस किरफ्दार  लिए मैं काफी उत्साहित हूं इस बात को लेकर।’’आप आज भी फिल्मों का हिस्सा बनी हुई है क्या कहना चाहेंगी -फिल्में आप कैसे चुनती है?

जी यह सच है कि -मैं हमेशा से फिल्मों का चयन अपनी मर्जी से करती रही हूँ. मैं काफी चूजी भी हूँ। किन्तु इस बात से खुश भी हूँ की हर बारी फिल्म मेकर्स ने मुझे फिल्मों में काम करने का मौका दिया है। हालांकि संजय दत्त की बायोपिक में माँ का किरदार निभा रही हूँ -वैसे मुझे माँ का रोल नहीं करना था। लेकिन रणबीर कपूर मेरा पसंदीदा अभिनेता है और मुझे इस कहानी ने बहुत प्रभावित किया सो किरदार को करने के लिए हामी भर दी -और नरगिस जी का किरदार करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। रणबीर एकदम संजय ही लग रहा है। कमाल  का लुक मिला है उसे।

सुना है आप एक बच्चा गोद लेना चाह रही है?

जी आपने सही सुना है। मैं दरअसल में किसी गर्ल चाइल्ड लड़की, को गोद लेना चाह रही हूँ। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इस वर्ष के अंत में या फिर अगले वर्ष सही समय देख कर एक लड़की को गोद ले लूंगी।


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Mayapuri

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