प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ग्रहण किया, साहित्यकार श्रीमती मंजु लोढ़ा की बहुचर्चित पुस्तक,’परमवीर’

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पिछले दिनों हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दिल्ली स्थित ऑफिस में सम्पन्न हुआ यह इवेंट, जहां प्रतिष्ठित साहित्यकार श्रीमती मंजु लोढ़ा की चर्चित पुस्तक ‘परमवीर’ को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भेंट किया गया जिसे स्वीकार करते हुए स्वयं श्री नरेंद्र जी ने श्रीमती मंजु के पुस्तक की तारीफ की और उन्हें अपना आशीर्वाद भी दिया।

श्रीमती मंजु लोढ़ा की यह नयी पुस्तक ‘परमवीर’ बहुत ही ख़ूबसूरती से हमारे देश के वीर बहादुर जवानो और उन योद्धाओं के ग्राउंड कठिन जिंदगी और कर्मो की कहानी कहती है जो करगिल युद्ध के दौरान लैंड, सी और एयर के जरिये हमारी मातृभूमि को बचाने के लिये अपने जीवन पर खेल गए थे। इस पुस्तक में इक्कीस परमवीरों के वीरता और जीवन के बेहद अहम घटनाओँ का समावेश है जो उन वीरों के परिवार वालों और दोस्त रिश्तेदारों से कलेक्ट की गयी है जिससे कहानियों में एक खूबसूरत पर्सनल टच भी महसूस होता है। साहित्यकार श्रीमती मंजु लोढ़ा से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया,”अक्सर हमारे देश के वीर जवान अपने ड्यूटी के कॉल के हद से भी ज्यादा कर्म करते हैं और ऐसे ऐसे वीरता और प्रतिबद्धता दिखाते है सारे विषम परिस्थितियों से लड़कर की हम देश वासी हैरान रह जाते हैं।”

परमवीर चक्र हमारे देश का हाईएस्ट मिलिटरी अवार्ड है, जो हमारे देश के राष्ट्रपति के कर कमलों से मिलिट्री की सेवा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले हमारे वीर जवानों को प्रदान किया जाता है। अब तक इक्कीस परमवीर चक्र अवार्ड दिये जा चुके हैं। इस बात को मद्दे नजर रखते हुए पुस्तक का नाम परमवीर एकदम सटीक है। मंजु लोढ़ा की यह पुस्तक इस लेखिका के सादगी के साथ लेकिन सशक्त ढंग से कहानी बताने की काबिलियत के कारण पाठकों के मन में देश भक्ति की भावना जगाने में सफलता अर्जित करती है। श्रीमती लोढ़ा स्वयं एक देशभक्त पारिवारिक बैकग्राउंड से बिलॉंग करती है, उनके ससुर जी फ्रीडम फाइटर रहे हैं, पतिदेव भी समाज सेवा भाव से राजनीति में करमरत है इसलिये उन्हें यह जानकारी है की किस तरह यह यूनिफार्म धारी देश के वीर जवान अपनी ड्यूटी से परे जाकर भी देश के लिये अपनी जान को जोखिम में डालकर कुछ भी करने के लिये कैसे तैयार रहते हैं। श्रीमती मंजु लोढ़ा ने मुझे बताया,” मेरे लिये यह मोमेंट बहुत खास और महान है, हमारे देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मेरे इस पुस्तक की बहुत तारीफ़ की और मुझे आशीर्वाद भी दिया। ‘परमवीर’ मेरे दिल के बहुत करीब है, मेरी यह पुस्तक आप सबको उन महान वीर इंसानो के ह्रदय और मानसिकता की पहचान कराती है जो इसलिए मर मिटने को तैयार हो गए ताकि हम सब देशवासी चैन से जी सके, चैन से सो सके, इसमें की एक कहानी को उन वीरों के परिवार वालों, दोस्तों कलीग्स से संपर्क करके, उनसे जानकर, रिकार्ड्स खंगाल कर बहुत दिलचस्प कहानी के रूप में रिकॉन्सट्रक्ट करके लिखा गया है।”
सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती मंजु लोढ़ा ने अन्य ग्यारह पुस्तकें लिखी है, जैसे ‘भारत भाग्य निर्माता’, ‘बाबुल’, ‘पाती’, ‘माँ’, ‘यादें’ आदि।

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Mayapuri