सोशल मीडिया के फर्जीवाड़े के बवंडर के लपेटे में कई फिल्मी हस्तियां

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मुंबई पुलिस प्रियंका चोपड़ा जोन्स और दीपिका पादुकोण सहित 176 सेलिब्रिटी से कर सकती है पूछताछ

दो अभिनेत्रियों के 48% इंस्टाग्राम फॉलोअर्स फर्जी

पिछले 5 वर्षों से बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियों के लिए सोशल मीडिया कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है। इस बात को तमाम कलाकार स्वयं कबूल चुके हैं। जी हां, यह फिल्म कलाकार किसी भी कंपनी के किसी प्रोडक्ट का ब्रांड अंबेसेडर बनते  समय  अपने सोशल मीडिया /फेसबुक/ टि्वटर/ इंस्टाग्राम/ यूट्यूब के फॉलोअर्स की संख्या दिखाकर अतिरिक्त धनराशि की मांग करते आ रहे हैं। और बड़ी-बड़ी कंपनियां इन कलाकारों के  सोशल मीडिया पर पचास लाख से दो करोड़ तक के फॉलोअर्स की संख्या के आगे नतमस्तक हो रहे थे ।यह कलाकार एक ट्वीट करने के लिए भी 10 लाख से लेकर एक करोड़ लेने लगे थे ।जबकि इंस्टाग्राम पर कुछ भी पोस्ट करने के लिए 25 लाख से ₹5 करोड़ ले रहे थे। हर कंपनी इन कलाकारों को मुंह मांगी कीमत देती आ रही थी ।क्योंकि हर कंपनी को लगता है कि सेलिब्रिटी के महज एक ट्वीट या एक इंस्टाग्राम पोस्ट से ही उनका प्रोडक्ट चंद मिनटों में करोड़ों लोगों तक पहुंच जाएगा ।मगर किसी को इस बात की जरा सी भनक नहीं थी कि सोशल मीडिया की यह सारे ‘शेर’ फर्जी हैं ।यह कलाकार सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स के साथ-साथ फेसबुक या यूट्यूब पर लाइक बढ़वाने के लिए कुछ कंपनियों को एक बड़ी रकम चुकाती आ रही है। यह कटु सत्य है ।आईसीएम की स्टडी के अनुसार 2 महिला कलाकारों के 48% इंस्टाग्राम फॉलोअर्स फर्जी हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तमाम सेलेब्रिटी सोशल मीडिया में अपनी लोकप्रियता और फैन फॉलोइंग की ताकत दिखाने के लिए सैकड़ों डॉलर में रकम चुका कर न केवल फर्जी फॉलोअर खरीदते हैं, बल्कि अपनी पोस्ट को लाइक और कमेंट कराने के लिए भी डॉलर खर्च करते हैं। एक तरह से यह लोगों को धोखा देने, छलने करने का है। पुलिस फेक फॉलोअर्स के इस मामले को अंतरराष्ट्रीय रैकेट का हिस्सा मानने से भी इंकार नहीं कर रही।

जी हां! यह एक कटु सत्य है। यह बात तब उजागर हुई, जब 11 जुलाई को मशहूर बॉलीवुड गायिका भूमि त्रिवेदी ने मुंबई पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई कि उनके नाम का फर्जी फेसबुक अकाउंट सोशल मीडिया पर चल रहा है ।भूमि त्रिवेदी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका नकली इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर कोई उनके नाम से बातें कर रहा है। बल्कि तस्वीरें डाली जाती है, जिससे फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाई जा सके।

भूमि त्रिवेदी की इस शिकायत पर जांच करते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ  मुंबई अपराध शाखा की “द क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट”( सीआईयू )ने जांच शुरू की, तो मुंबई पुलिस की अपराध शाखा को ऐसी 74 कंपनियों के बारे में जानकारी मिली ,जो कि बॉलीवुड हस्तियों के साथ ही मनोरंजन जगत व संगीत जगत से जुड़ी हस्तियों के सोशल मीडिया में फर्जी फॉलोअर्स दिलाने का काम करती रही है ।इस संदर्भ में जांच करते हुए मुंबई पुलिस ने दो लोगों अभिषेक द्वाडे और कासिफ मंसूर को गिरफ्तार किया है। पिछले बुधवार  को पुलिस ने मुंबई से एक इंजीनियर अभिषेक द्वाडे को गिरफ्तार किया ,जो अपनी वेबसाइट की मदद से नकली फॉलोअर्स बनाने के गोरखधंधे में लिप्त था ।अभिषेक द्वाडे नेे176 लोगों के लिए इंस्टाग्राम , टिकटॉक व फेसबुक आदि पर 5 लाख फॉलोअर्स तैयार किए थे ।मुंबई के जोगेश्वरी इलाके के शिविल इंजीनियर कासिफ मंसूर को गिरफ्तार किया गया। कासिफ “amvsmm” चला रहा था और भारतीय रुपए में फर्जी फॉलोअर्स उपलब्ध करा रहा था। वैसे यह वेबसाइट भी भारत से बाहर की है। इस जांंच से मुंबई पुलिस को प्रियंका चोपड़ा जोनस और दीपिका पादुकोण सहित 10 लोगों पर शक की सुई पहुंची है, जो नकली ट्वीट, फेसबुक लाइक्स, यूट्यूब लाइक बढ़वाने के  लिए लाखों डॉलर खर्च कर रही हैं।अब मुंबई पुलिस की अपराध शाखा इनसे पूछताछ कर सकती है।

पुलिस रिपोर्ट की मानें तो सेलिब्रिटी के यह नाम 2019 में “द इंटरव्यू ऑफ कंटेंपरेरी म्यूजिक परफॉर्मर्स “( आईसीएमसी ) द्वारा की गई स्टडी से उजागर हुए हैं। जबकि सीआईयू ने पाया कि 68 कंपनियां नकली फॉलोअर्स ,कमेंटस,  लाइक्स,  सब्सक्राइबर आदि मुहैया करा रही थी ।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह फिल्मी हस्तियां “यूट्यूब सब्सक्रिप्शन” के लिए $52 तथा ट्विटर पर प्रतिक्रिया के लिए $42 से अधिक तथा फेसबुक लाइक के लिए लगभग $2 की कीमत चुका रही थी ।यह रेट कार्ड (www.amusmm.com) पर भी मौजूद है amvsmm एक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के लिए 272 रुपए और लाइक के लिए ₹120, फेसबुक कमेंट के लिए 1600 रुपए , यूट्यूब व्यू के लिए 153 ,एक यूट्यूब सब्सक्राइबर के लिए ₹216 एक शेअर करने के लिए ₹138 और टि्वटर पर एक फॉलो वर के लिए 9104 रुपए ले रहा था ।अभिषेक  द्वाडे  और कासिफ मंसूर को  सेक्शन 43 और 66 तथा आईपीसी की धोखाधड़ी की धारा 420 ,417,  465, 467, 471 के तहत गिरफ्तार किया गया है ।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नकली फॉलोअर्स बढ़ाने का काम गैरकानूनी सॉफ्टवेयर की मदद से किया जाता है। इस काम में followerskart. In की भी भूमिका है।जोकि फ्रांस में स्थित है ।सीआईयू की  तरफ से जांच कर रहे अधिकारी सचिन वजे ने बताया है  कि उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्रालय के मार्फत फ्रांस  सरकार को इस बाबत पत्र लिखा है।

शांति स्वरूप त्रिपाठी

 


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