काॅन्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के ‘मार्चे डू फिल्म’ सेक्शन के लिए ‘महाराष्ट्र राज्य और सांस्कृतिक विकास निगम’ द्वारा मराठी भाषी फिल्म ‘बिट्टरस्वीट’ का चयन?

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काॅन्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के ‘मार्चे डू फिल्म’ सेक्शन के लिए ‘महाराष्ट्र राज्य और सांस्कृतिक विकास निगम’ द्वारा मराठी भाषी फिल्म ‘बिट्टरस्वीट’ का चयन? – शान्तिस्वरुप त्रिपाठी

प्रति वर्ष ‘काॅन्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ के ‘मार्चे डू फिल्म सेक्शन’ में आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजी जाने वाली मराठी भाषा की फिल्म का चयन महाराष्ट्र सरकार की तरफ से ‘महाराष्ट्र राज्य और सांस्कृतिक विकास निगम’ करता आया है। इस वर्ष काॅन्स के इस प्रतिष्ठित खंड में भेजने के लिए  ‘महाराष्ट्र राज्य और सांस्कृतिक विकास निगम’ ने अनंत नारायण महादेवन की फिल्म ‘बिट्टरस्वीट’ का आधिकारिक चयन किया है। इस फिल्म  में आंतरिक महाराष्ट्र में महिला गन्ना श्रमिकों की भावनात्मक दुविधाओं व  कठिनाईयों का चित्रण है।
महाराष्ट्र राज्य और सांस्कृतिक विकास निगम कान्स में फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर उत्साहित है और विशेष रूप से एशियाई देशों और दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के चयनकर्ताओं द्वारा उत्साहजनक स्वागत की उम्मीद करता है।

यँू तो ‘क्वेस्ट फिल्म्स’ की सुचंदा चटर्जी और शुभा शेट्टी द्वारा निर्मित फिल्म ‘बिट्टरस्वीट’ का विश्व प्रीमियर बुसान इंटरनेशनल फेस्टिवल में हो चुका है,जहां इसका आधिकारिक चयन हुआ था। फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया था। दर्शकों ने नवोदित अभिनेत्री अक्षय गुरव की प्रशंसा की थी। इतना ही नहीं इस फिल्म को कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और हैनान आइलैंड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आधिकारिक चयन भी मिला था। इसे एक विस्फोटक सामाजिक मुद्दे के संवेदनशील चित्रण के लिए हर जगह प्रशंसा मिली।

फिल्म ‘बिट्टरस्वीट’ की निर्माता सुचंदा चटर्जी और शुभा शेट्टी की यह पहली फिल्म है। पहली फिल्म से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुॅचना उनके लिए गौरव की बात है। राजनीति से ग्रस्त गन्ना उद्योग में महिलाओं की दुर्दशा के बारे में फिल्म, अब एक फिल्म से ज्यादा एक मिशन बन गई और इसने उन्हें अपने अत्यधिक प्रशंसित डेब्यू प्रोडक्शन की ओर अग्रसर किया।

फिल्म ‘बिट्टरस्वीट’ के लेखक व निर्देशक अनंत नारायण महादेवन को इस फिल्म की कहानी की प्रेरणा एक प्रमुख समाचार पत्र में ‘‘बीडः महिलाओं के बिना महिलाओं का एक गांव‘‘ में शीर्षक से छपी खबर से मिली थी। इस खबर में असली गन्ना कटर का उपयोग करके वास्तविक स्थान पर कहानी की जांच और फिल्म करने का आग्रह किया था।’’

फिल्म के लेखक व निर्देशक अनंत नारायण महादेवन के लिए, यह लगातार दूसरा वर्ष है जब उनकी फिल्म को मार्चे डू फिल्म के लिए चुना गया है। पिछले वर्ष उनकी फिल्म ‘‘माई घाट’’ गयी थी। खुद निर्देशक अनंत नारायण महादेवन कहते हैं-‘‘कान्स मार्चे डू फिल्म के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा हमारी फिल्म ‘बिट्टरस्वीट’ का चयन बहुत महत्व रखता है। क्योंकि फिल्म का चयन एक उच्चकोटी की जूरी द्वारा किया गया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण फिल्मोत्सव में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए सर्वश्रेष्ठ के रूप में चुना जाना वास्तव में एक सम्मान की बात है। खासकर जब यह सूचना और प्रसारण द्वारा पिछले वर्ष भेजी गई फिल्म ‘माई घाट’ के मद्देनजर आता है, जिससे यह लगातार दूसरा वर्ष है।
वहीं फिल्म की निर्माता सुचंदा चटर्जी और शुभा शेट्टी ने कहा-‘‘बुसान अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विश्व प्रीमियर और एक पुरस्कार के लिए नामांकित होने के बाद यह अभी तक हमारी बड़ी उपलब्धि है जिसे लेकर हम वास्तव में रोमांचित हैं। हमें पता था कि ‘बिट्टरस्वीट’ हमारी एक विशेष फिल्म है, लेकिन महाराष्ट्र सरकार द्वारा मान्यता और सराहना मिलने से हमें बहुत प्रोत्साहन मिला है।”

इस फिल्म को अपने अभिनय से संवारने वाले अन्य कलाकार हैं- सुरेश विश्वकर्मा, स्मिता तांबे, गुरु ठाकुर, भाग्यश्री पाने और अनिल नागरकर।


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Mayapuri

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