बहुत घमण्ड ठीक नहीं बालिका वधू – मौसमी चैटर्जी

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051-8 Moushumi Chatterjee

मायापुरी अंक 51,1975

मौसमी चैटर्जी का स्वाभाव अभी तक वैसे का वैसा ही है। वही नखरे, घमण्ड और अकड़ कर बात करना।

मेरे एक मित्र जनर्लिस्ट ने कहा कि वह कभी अब उस स्टूडियो में इंटरव्यू लेने नहीं जायेंगे। वहां पर वह टिक कर बैठती नहीं, थोड़ी देर के बाद बाहर भाग जायेंगी और आप बैठे इंतजार करते रहें। और चेहरे पर ऐसे भाव बनाकर बैठेंगी जैसे कोई बहुत बड़ा अहसान कर रही हों।

हाल में ही प्रसिद्ध फोटोग्राफर गिरीश शुक्ला जब उनकी फोटो ग्राफ करने गया तो उसने उन्हें पांच घण्टे इंतजार करवाया। इसलिए कि वह फैसला नहीं कर पा रही थी कि कौन-सी विग पहने? यह फैसला करने में और गप्पे मारने में उन्होंने पांच घण्टे लगा दिये और फोटोग्राफर बेचारा ‘बोर’ होता रहा।


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Mayapuri

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