INTERVIEW!! ‘‘मैं आर्गेनिक व रीयल अभिनय करती हूं..’’ – मावरा

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विनय सप्रू और राधिका राव की फेयरीटेल जैसी प्रेम कहानी प्रधान फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ से बॉलीवुड में कदम रख रही पाकिस्तानी अभिनेत्री मावरा होकेन का असली नाम मावरा हुसैन है पर खुद मावरा ने स्कूली दिनों से ही अपना नाम मावरा होकेन लिखना शुरू कर दिया था महज तीन साल के अंदर 14 पाकिस्तानी सीरियलों मे अभिनय कर जबरदस्त शोहरत बटोरने वाली मावरा के माता पिता सिडनी में रहते हैं खुद मावरा अभिनय करने के साथ साथ लंदन में एलएलबी की पढ़ाई भी कर रही हैं। बहरहाल, वह अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ को लेकर काफी उत्साहित हैं।

अभिनय की शुरूआत कब हुई थी ?

मैंने स्कूल के दिनों में ही नाटकों में अभिनय करना शुरू कर दिया था। तेरह साल की उम्र में मैंने पहली बार प्रोफेशनल नाटक में अभिनय किया था, जिसके लिए मुझे पारिश्रमिक राशि के रूप में आठ हजार रूपए का चेक मिला था। उसके बाद से मैंने कई प्रोफेशनल नाटक किए। फिर अठारह साल की उम्र में मुझे पहला पाकिस्तानी सीरियल ‘मेरे हुजूर’ में अभिनय करने का अवसर मिला। इसे जबरदस्त शोहरत मिली इस सीरियल में पिता व पुत्री के बीच के खूबसूरत रिश्ते को दिखाया गया था, जिसमें मैने ऐसी बेटी का किरदार निभाया था, जो कि अपने पिता की हर बात को मानती है इस सीरियल में अभिनय करना मेरे लिए काफी आसान था, क्योंकि असल जिंदगी में मैं भी अपने पिता के काफी करीब हूँ फिर मैंने सिर्फ दो साल के अंदर तीन ऐसे बड़े पाकिस्तानी सीरियलों में अभिनय किया, जिन्हें इंटरनेशनली यानि कि टर्की, दुबई और अमेरीका में फिल्माया गया। ऐसा अब तक किसी भी पाकिस्तानी अभिनेत्री के करियर में नहीं हुआ अब तेईस साल की उम्र में मेरी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ रिलीज होने जा रही है जिसका लेखन व निर्देशन विनय सप्रू व राधिका राव ने किया है।

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फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ कैसे मिली थी?

जैसा कि मैंने पहले ही बताया कि मेरे परिवार के लोग सिडनी में रहते हैं सिडनी मेरा अक्सर आना जाना होता रहता है फिल्म की निर्देशिका राधिका राव के माता पिता भी सिडनी में रहते हैं संयोग की बात है कि मेरे और राधिका के परिवार के बीच बहुत अच्छी दोस्ती है। एक बार राधिका मैडम ने मेरी मम्मी पापा के सामने जिक्र किया कि उन्हें अपनी प्रेम कहानी प्रधान फिल्म के लिए एक बेहतरीन अदाकारा की तलाश है। मेरी मम्मी को लगा कि यह एक अच्छा मौका होगा तो उन्होंने कहा कि, ‘आप मेरी बेटी के बारे में सोच सकती हैं ’पर मेरी मम्मी ने उन्हें यह नहीं बताया था कि मैं पाकिस्तानी सीरियलों में अभिनय कर रही हूँ राधिका मैम को खूबसूरत भोलीभाली लड़की की तलाश थी, जो एक संजीदा किरदार निभा सके राधिका मैम ने मुझसे संपर्क किया जब मैंने उन्हें बताया कि मैं एक अभिनेत्री हूं, तो वह बहुत खुश हुई। उन्होंने मेरा सीरियल ‘आहिस्ता आहिस्ता’ देखा मेरे अभिनय से प्रभावित हुई और उन्होंने मुझे अपनी फिल्म के लिए साइन कर लिया।

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फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ में आपका किरदार क्या है?

इस फिल्म में मैंने एक दक्षिण भारतीय ब्राह्मण लड़की सरस्वती उर्फ सरू का किरदार निभाया है, जो कि एक साधारण सी लड़की है। डिग्लैमरस व पारिवारिक लड़की है पर उसकी जिंदगी में कई मोड़ आते हैं, जिसकी वजह से वह शराब भी पीती है और मूर्ख बनती है एक लडके के प्यार में पड़ जाती है जिसके बाद फिर धोखा भी खाती है बहुत कुछ होता है सरू पैशनेट लड़की है सपने देखती है उसके दिल में बहुत कुछ चलता रहता है। पर वह अपने दिल की बातों को उभरने नहीं देती लेकिन किस वजह से उसके दिल की बात उभरकर आती है, इसके लिए फिल्म देखनी पड़ेगी। मैं खुशनसीब हूं कि विनय सप्रू और राधिका राव ने इस किरदार के लिए मुझे चुना।

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 फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ की केप टाउन में शूटिंग करने के क्या अनुभव रहे?

मैं जब पाकिस्तानी सीरियलों के लिए दूसरे देशो में शूटिंग करने जाती थी, तब लोग मुझे देखकर कहते थे कि मैं भारतीय हूं। इस बार जब मैं केपटाउन में शूटिंग करने गयी, तब तो लोगों ने मुझे पूरी तरह से भारतीय समझ लिया था क्योंकि इस फिल्म की पूरी युनिट भारतीय थी। शायद मेरा भारत में आकर काम करना पहले से तय था, इसलिए लोग मुझे पहले से भारतीय समझते थे पर सीरियल और फिल्म की शूटिंग में बहुत फर्क होता है। सीरियल की बजाए फिल्म की शूटिंग करना ज्यादा मेहनत का काम है फिल्म में हर सीन का परफेक्ट होना बहुत जरूरी है। जितनी मेहनत इस फिल्म के लिए की, उतनी मेहनत मैंने इससे पहले सीरियलों के लिए नहीं की।

बॉलीवुड से जुड़ने की इच्छा कब हुई ?

यह कहना बड़ा मुश्किल है पर मैं बचपन से ही बॉलीवुड फिल्में देखते हुए बड़ी हुई हूं। मुझे कभी भी बॉलीवुड पराया नहीं लगा मुझे अच्छी तरह से याद है कि जिस माह मेरा पहला सीरियल ‘मेरे हुजूर’ पाकिस्तानी टीवी पर प्रसारित होना शुरू हुआ था, उसी माह मैंने रणबीर कपूर की फिल्म ‘रॉक स्टार’ देखी थी और मेरे मन में यह भाव आया था कि ‘अल्लाह मुझे इस हीरो के साथ काम करने का मौका दे दे अल्लाह ने मेरी सुन ली और मुझे बॉलीवुड तक पहुँचा दिया।’

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 बॉलीवुड में काम करने के बाद आप पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री और बॉलीवुड में कितना फर्क पाती हैं?

सबसे बड़ा सच यह है कि मैंने पाकिस्तानी सीरियलों में काम किया है पाकिस्तानी फिल्मों में काम नहीं किया है। मेरी बड़ी बहन पाकिस्तानी फिल्मों में काम कर रही हैं इसलिए पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री के बारे में कुछ जानकारी रखती हूं। देखिए, भारत में टीवी की बजाय सिनेमा डोमीनेटिंग मीडिया है जबकि पाकिस्तान में फिल्म की बजाय टीवी डोमीनेटिंग मीडिया है पाकिस्तान में अच्छे से अच्छा कलाकार, निर्देशक या लेखक टीवी से जुड़ने को प्रधानता देता है जबकि यहाँ हर कोई पहली प्राथमिकता सिनेमा को देता है। इस वजह से पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री पिछड़ी हुई है।

 फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के हीरो हर्षवर्धन राणे को लेकर क्या कहेंगी?

हर्षवर्धन से मेरी अच्छी बाँडिंग हो गयी है। वह एक मंजे हुए कलाकार हैं और कई दक्षिण भारतीय फिल्में कर चुके हैं। शूटिंग के दौरान कई मौकों पर मैं उनके अभिनय से इम्प्रेस हुई वह एक ऐसे संजीदा कलाकार हैं, जिन्हें सामने वाले कलाकार की कला की कद्र करनी आती है। वह हैंडसम, व्यवहार कुशल व ईमानदार हैं मुझे उसमें कोई कमी नजर नहीं आती।


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Mayapuri

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