न्यूड फोटो पर विवाद होने के बाद मिलिंद सोमन ने शेयर किया शर्टलेस फोटो

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न्यूट फोटो पर विवाद होने के बाद मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपना शर्टलेस फोटो सोशल मीडिया पर शेयर  किया है.

Milind

मिलिंद सोमन की न्यूड तस्वीर पर काफी विवाद हुआ. इसके बाद उन्होंने शर्टलेस तस्वीर यानी बिना शर्ट की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की है.

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हाल  ही में मिलिंद सोमन ने 55वां जन्मदिन  पर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की थी. जिसमें वो गोवा के बीच पर न्यूड रनिंग करते हुए दिखाई दे रहे थे. उन्होंने इस फोटो के कैप्शन में लिखा था, हैप्पी बर्थ डे टू मी…#55.

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उनके इस फोटो पर काफी विवाद  हुआ और उनके खिलाफ केस भी दर्ज हुआ. मिलिंद सोमन ने फिर से बिना शर्ट की फोटो शेयर किया है. फैंस उनकी फिटनेस की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

 

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There are as many opinions as there are people in the world. Most opinions come from what we are trained or taught or conditioned to think by other people, from books we have read and in recent times, even from marketing and advertising. Some opinions come from a deeper understanding of the self, the world and of life. Each one of us chooses what we wish to believe, so that we can be happy. In earlier times it was not so, life was harder, we did not have this freedom to think as individuals and yet be together. But as we progress, as humans, we begin to understand more and more of who we are, and we will begin to treasure more and more the things that truly matter, and to let go of the things that keep us enslaved. . . . #mondaymood #health #life #fun #happiness 📷 @ankita_earthy

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उन्होंने यह फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. और शेयर करते हुए इस पोस्ट  के कैप्शन में लिखा है कि दुनिया में जितने लोग हैं वैसी ही उनकी विचार है. अधिकांश आइडिया उस चीज़ से आती है जिसे हमें सिखाया जाता है या पढ़ाया जाता है.कुछ विचार खुद को, इस दुनिया को और जीवन को गहराई से समझने पर आते हैं. हर कोई वही सब सुनना चाहते हैं जिससे हमें खुशी मिलती है.

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उन्होंने आगे लिखा है कि पहले के समय में ऐसा नहीं था, जीवन कठिन था, हमें व्यक्तियों के रूप में सोचने और फिर भी एक साथ रहने की यह स्वतंत्रता नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे हम प्रगति करते हैं, इंसानों के रूप में, हम अधिक से अधिक यह समझने लगते हैं कि हम कौन हैं, और हम अधिक से अधिक उन चीजों को संजोना शुरू कर देंगे जो वास्तव में मायने रखती हैं, और उन चीजों को छोड़ देना जो हमें गुलाम बनाए रखती हैं.

 

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Mayapuri

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