इंस्टाग्राम पर बिकनी पिक्चर लगाने के दस सेकेंड में लाखों लाइक्स आते हैं- शमा सिकंदर

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सिकंदर खुद को स्प्रिच्युअल इंसान मानती है।वह खुद सोशल मीडिया से दूर रहती है।पर उन्होने एक टीम गठित कर रखी है,जो कि उन्हे उनके फैंस के बीच सोषल मीडिया पर बनाए रखने का काम करती है।

प्रस्तुत है शमा सिकंदर से हुई बातचीत के अंश…

सोशल मीडिया पर आप कितना व्यस्त रहती हैं?

मैं बिल्कुल व्यस्त नहीं रहती।मेरी टीम यह काम करती रहती है। मैं अपने आपको सोशल मीडिया में व्यस्त नहीं रखना चाहती। क्योंकि मेरी अपनी एक जिंदगी है। मंै बहुत स्प्रिचुअल हॅूं। मुझे दुनिया में जो काम करना है, वही करना है।इसके अलावा मेरे लिए मेरी शांति, मेरी खुशी, मेरी ग्रोथ को मेनटेन करना बहुत जरूरी है। मेरी राय में सोशल मीडिया में हम दूसरों की दुनिया में इतना खो जाते हैं कि अपनी दुनिया में हमें आने का वक्त नहीं मिलता। मैं चाहती हूं कि मैं वह वक्त अपने साथ बिताऊं और सोशल मीडिया पर इतना ज्यादा गौर ना करूं। पर इन दिनों सोषल मीडिया भी एक जरुरत बन गया है। मेरे फैंस मुझसे जुड़ना चाहते हैं।

लेकिन सोशल मीडिया पर आपके हॉट पिक्चर्स या बिकनी पिक्चर्स की ज्यादा चर्चा होती है, ऐसा क्यों?

आप सही कह रहे है, मगर यह बात मेरी समझ से परे है। लोग ऐसा क्यों कहते हैं? जबकि सच कह रही हॅूं कि जैसे ही इंटरनेट पर बिकनी पिक्चर लगाओ, दस सेकेंड में लाखों लाइक्स आते हैं। लोग अच्छे कमेंट्स लिखते हैं। पर जब मैं अच्छी सुंदर फोटो लगाती हॅूं, तो ज्यादा लाइक्स नहीं मिलते। यह बात मेरी समझ में आ रही है। आखिर हो क्या रहा है? इससे लोगों का पाखंड सामने आता है। लोग जो देखना चाहते हैं,उसी को लेकर बाद में कलाकार की आलोचना भी करते हैं। जब किसी को बोलना हो, तो वह यही कहेगा कि ऐसी तस्वीर नही लगानी चाहिए, जबकि देखने वालों में वही सबसे आगे होता है। जबकि मैं बंद कमरे में बैठकर बिकनी की तस्वीरे तो निकालती नही हूँ। बिकनी की तस्वीरे तो स्वीमिंग पुल और समुद्री बीच की होती है, जहाँ पर लोग बिकनी ही पहनकर जाते है।वहां पर बुरखा पहनकर कोई नहीं जाता। मैं तो खुले समुद्री बीच पर अपनी छुट्टियों के समय की तस्वीरे निकालती हूँ। अगर बुर्का पहन कर जाऊंगी, तो वहां लोग मुझे देखेंगे कि यहां कौन आ गई? लोग मेरी तस्वीरें लाइक्स भी करते हैं। यदि लोग मेरी दूसरी फोटो लाइक्स करें,तो उस तरह की फोटो डालूंगी। हम सभी सोशल मीडिया पर अपने अपने फोलोअर्स बढ़ाना चाहते हैं। जो इस बात से इंकार करता है,वह झूठ बोलता है।

 सोशल मीडिया पर आपके फॉलोवर्स का बॉक्स ऑफिस पर असर होता है?

देखिए… ऐसा मानना गलत है। यह तो सिर्फ पब्लिसिटी है। इसका ज्यादा असर नहीं होता है। बॉक्स ऑफिस सिर्फ टैलेंट का असर पड़ता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि बाक्स आफिस पर ‘लक’ काम करता है। हम अपनी तरफ से अपने काम को पूरी मेहनत, ईमानदारी व लगन से अंजाम दे सकते हैं। पर हम उसकी सफलता की गारंटी नही दे सकते। यह तो दर्शक और तकदीर पर निर्भर करता है। अगर फिल्म को बाक्स आफिस पर सफलता मिल गयी, तो लोग कहेंगे कि आप तो कमाल के कलाकार हो। हमने बहुत कमाल काम किया है और फिल्म नहीं चली, तो उस कमाल के काम की कोई कीमत नही। फिल्म के असफल होने पर हमारी मेहनत का कोई वजूद नहीं है। मुझे लगता है सोशल मीडिया महज लोगों की नजरों में बने रहने का मीडियम है। आजकल यही ट्रेंड है। पहले ट्रेंड था कि लोग छिप कर रहते थे, स्टार सामने नहीं आते थे। खुद को लेकर एक रहस्य बना कर रखते थे। अब लोग दर्शको के साथ, अपने फैन्स के साथ जुड़कर रहना चाहते हैं। मुझे भी यह अच्छा लगता है। क्योंकि मैं अपनी निजी जिंदगी के अनुभव इनसे बांटती रहती हूँ। शायद मेरे किसी अनुभव से किसी दूसरे की जिंदगी बेहतर हो जाए। इसकी वजह से भी सोशल मीडिया के फायदे बहुत हैं, पर नुकसान भी हैं। अगर हम फायदा ही देखते हैं और नुकसान उठाने की ताकत नहीं रखते, तो गलत है।

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Mayapuri