मूवी रिव्यू: बोल्ड फिल्म रसिया दर्शकों के लिये है ‘मिस टीचर’

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रेटिंग**

सेक्स अगर नार्मल वे में हैं तो ठीक हैं लेकिन अगर वह ओवर वे में हैं तो फिर वो क्राइम का रूप ले सकता है । निर्देशक जय प्रकाश की फिल्म ‘मिस टीचर’ एक ऐसी उन्मादी, निम्फोमैनियाक टीचर की कहानी हैं जो अपनी कामुकता के उफान में सभी को बहा ले जाना चाहती है ।

कहानी

कॉलेज का जीवन अल्हड़ होता है। लड़के लड़कियां उस वक्त को पूरे उन्मुक्त तरीके से जीते है । उसी कॉलेज में एक प्रोफेसर कोमलिका चंदा आती हैं जिसकी आंखों में इतना नशा है कि उन्हें एक टक देखा ही नहीं जा सकता। दरअसल कोमलिका के साथ ऐसा कुछ घट चुका हैं जिसने उसे एक ऐसी हवस की भूखी औरत बना दिया जिसे हर रात एक नया मर्द चाहिये यानि वो निम्फोमैनियाक बन चुकी है । लिहाजा वो अपनी हवस की भूख मिटाने के लिये जब कॉलेज के लड़को का इस्तेमाल शुरू कर देती तो उसके चुंगल में फंसे एक लड़के राहुल शर्मा को उसका पति आदि इरानी बचाने की कोशिश करता है। तो कोमलिका अपने पति का ही खून कर देती हैं और अंत में पागल हो जाती है ।

निर्देशन 

इस नाम की हॉलीवुड में कई फिल्में बन चुकी है। हिन्दी में इससे पहले बीए पास जैसे अच्छी फिल्म भी बन चुकी है। लेकिन यहां निर्देशक जय प्रकाश ने मैसिज के नाम पर सेक्स बोल्डनेस आदि सभी कुछ भुनाने की कोशिश की जिसमें वे एक हद तक कामयाब है ।

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अभिनय

मिस टीचर की भूमिका को कोमलिका ने पूरी ईमानदारी से जीया हैं। उसकी कामुकता आंखों से टपकती है। उसके अलावा राहुल शर्मा, रेशम ठक्कर, मुश्ताक खान तथा आदि इरानी ठीक ठाक काम कर गये ।

संगीत

नितिन बाली और समीर टंडन का संगीत औसत दर्जे का रहा ।

क्यों देखें

एक खास तरह की फिल्में देखने वाले दर्शकों को फिल्म जरूर लुभायेगी ।


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Mayapuri

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