INTERVIEW: मेरे पिताजी पाकिस्तान के -अमिताभ बच्चन माने जाते है – मोमल शेख

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लिपिका वर्मा

मोमल शेख पाकिस्तान कराची में जन्मी है, लेकिन अब अपनी  किस्मत बॉलीवुड फिल्मी  परदे पर आजमाने अपनी पहली फिल्म, “हैप्पी भाग  जाएगी” से कर रही है। इस फिल्म में निर्देशक मुद्दसर अज़ीज़ को उर्दू बोलने वाली साफ़ ज़ुबान की खोज थी – सो उनकी खोज मोमल पर आकर खत्म हुई।

पेश है -लिपिका  वर्मा की मोमल शेख  से एक बहुत ही पर्सनल गुफ्तुगू

अपने बैकग्राउंड के बारे में हमे कुछ बतलाये?

मैं पाकिस्तान कराची में जन्मी, पली बड़ी हुई हूँ। मैंने लाइन प्रोड्यूसर की हैसिहत से प्रोडक्शन कंपनी में काम किया है। तत्पचात मैंने कुछ पाकिस्तानी सीरियल्स में भी काम किया है। अब मुझे बॉलीवुड में बतौर पहली फिल्म, “हैप्पी भाग जायेगी” के लिए लीड रोल में कास्ट किया गया है। यह मेरी खुशकिस्मती है कि  बॉलीवुड मैप पर भी मुझे एक छोटी सी जगह मिल रही है। हिंदी फ़िल्में   अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना झंडा बखूबी फेहरा चुकी  है और अब मुझे भी बॉलीवुड का हिंसा बनने का मौका मिल रहा है यह मेरा सौभाग्य ही है। मैं जो कुछ भी करती हूँ दिल से करती हूँ। momal-sheikh-instagram

यह फिल्म आपको कैसे मिली?

दरअसल में -मैं  एक फिल्मी  परिवार से सम्बन्ध रखती हूँ। मेरे पिताजी पाकिस्तान के – अमिताभ बच्चन ” माने जाते  है। जावेद शेख नाम है मेरे पिताजी का और उन्होंने ढेर सारी हिंदी फिल्मों में काम भी किया  है “ओम शांत ओम, तमाशा और कई सारी बॉलीवुड फ़िल्में भी की है। मेरे भाई साहब भी फिल्मी दुनिया से तालुक  रखते है। दरअसल में निर्देशक मुद्दसर अज़ीज़ ने मेरी फोटो पापा के साथ देखी, तब उन्होंने उनसे पूछा यह कौन मोहतरमा है। जब उन्हें यह मालूम हुआ – कि – मैं भी  अभिनेत्री हूँ तो मेरा नंबर उनसे लिया। मेरे वालिद  ने मुद्दसर से यह कहा – कि मोमल शायद काम न करना चाहे। पर मुद्दसर  ने उनसे नंबर लिया और मुझे फ़ोन पर इस किरदार के बारे में अवगत करवाया। शुरू में – मैं सोच में पड़ गयी थी किन्तु कुछ दिनों बाद मैंने इस किरदार के लिए हामी  भर दी  … .

पहले पाकिस्तान टी वी और अब हिंदी फिल्मे-क्या आप फवाद के पद चिन्ह  पर चल रही है ?

ऐसी कोई बात नहीं है। दरअसल ढेर सारे पाकिस्तानी गायक एवम अभिनेता भी हिंदी फिल्मों में अपनी किस्मत आजमा चुके है और अब भी आजमा  रहे है। मुझे यह  प्रस्ताव पसन्द आया सो मैंने हामी भर दी और मैं  इस फिल्म को कर अत्यन्त खुश हूँ। मेरा हिंदी फ़िल्मी  सफर शुरू हुआ  है और आशा करती हूँ कि – बेहतर ही होगा। हम सभी हिंदी फ़िल्में देख कर ही बड़े हुए है। यहां के अभिनेताओ की फ़िल्में शाहरुख़ खान और कई सारे अभिनेताओं की फ़िल्में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी मानी फ़िल्में है।.Momal-Sheikh

पाकिस्तान में महिलाओं की स्थिति कैसी है ?

देखिये पाकिस्तान भी काफी प्रगतिशील देश हो चला है। यहाँ पर महिलाओं को डॉक्टर, इंजीनियर, पायलट,सेना मैं  भी भर्ती  होने की इजाजत है। मैंने भी यहाँ ढेर सारे टेलीविजन शोज किये है। बस हमारी फिल्में कुछ पंजाबी स्टाइल की होती है सो उनको इतना महत्व नहीं मिल पाया है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर।

आपकी सीमा हिंदी फिल्मी  परदे पर कहाँ तक लाज़मी होगी?

ऐसा नहीं है कि मुझे किसी  ने भी अपनी लिमिटेशन्स में रहने की सलह दी है। किन्तु जिस संस्कृति से मैं संबन्ध रखती हूँ – वह मुझे जितनी इजाजत देती है मैं उतना ही कर पाऊँगी। अब जैसे-किसिंग सीन्स  है स्विमिंग सूट पहनना – इत्यादि यह सब मैं खुद ही नहीं कर पाऊँगी क्योंकि यह सब करने में मुझे खुद अच्छा नहीं लगेगा। पर मैं यह भी नहीं चाहूँगी कि मेरी वजह से किसी भी निर्देशक/निर्माता का नुकसान हो इसलिए यदि ऐसी कोई भी चीज़ मेरे पास आती है तो मैं उसे सीधे तौर पर मन ही कर दूंगी। ज़ाहिर सी बात है रियल ज़िन्दगी से ही प्रेरित होती है रियल की कहानिया सो यह सब भी कहानी का हिस्सा  हो सकते है। पर हाँ- मैं  इन सब सीन्स  को करने में बिल्कुल भी कम्फर्टेबल नहीं  हूँ। मेरी वजह से फिल्मकार की खराबी हो -ऐसा मैं कतई भी नहीं चाहूँगी। momal

आप शादीशुदा है एक बच्चे की माँ भी है, आपके पति ने बॉलीवुड फिल्मों में काम करने की इजाजत दी है क्या कहना चाहेंगी आप?

मैं खुशनसीब हूँ कि -मेरी सास भी हिंदी टेलीविजन देखा करती है। और मुझे स्टाइल के बारे में  समय -समय पर बतलाती रहती है। मेरे पति मेरे बच्चे की देख रेख  करते है, उसकी नैपकिन्स भी बदल  लिया करते है। सो मुझे उसकी ज्यादा चिंता  नहीं रहती है। मैंने- दरअसल में शादी के बाद ही फिल्मों और टेलीविजन में काम करना शुरू किया है। यह मुझे खुद भी ताजुब होता है कि शादी के बाद और एक होने के बाद ही मुझे फिल्मों के ऑफर्स मिलने लगे है। आज में यहाँ भारत में अपना काम करने आई हूँ, बहुत खुश हूँ बिल्कुल भी हमारी तरह ही है और मुझे बिल्कुल भी एहसास नहीं हुआ कि-मैं किसी  बाहर के मुल्क से हूँ। मेरे पास वर्किंग वीसा है और बड़ी सहूलियत से काम कर पा रही हूँ इस बात की मुझे खशी है। वर्ना  कई मर्तबा हमे अपना जूनून दिखलाने नहीं मिलता है -दुनिया एक बहुत ही अच्छी जगह है, इंसाअल्लाह  सब खुश रहें और अपना  काम कर पाये  मेरी सबके लिए यही  दुआ है।


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Mayapuri

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