‘‘ फिल्म ‘हंटर’ सेक्स कॉमेडी नहीं है, न ही इसमें डबल मिनिंग डायलॉग्स हैं’’ लेखक निर्देशक ‘ हर्षवर्धन कुलकर्णी’

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धारावाहिक ‘आहट’ में बतौर सहायक निर्देशक अपने कॅरियर की शुरूआत कर हर्षवर्धन कुलकर्णी बाद में एफटीआई फिल्म की पढ़ाई करने चले गये । वहां से आने के बाद उन्होनें फिल्म‘ हंसी तो फंसी’ के स्क्रीन प्ले डायलॉग लिखे । इसके बाद में उन्होंने एक पार्टनर कीर्ती नाकवा के साथ अपनी कंपनी टेलरमेड फिल्मस शुरू की । होम प्रोडक्शन के तहत हर्ष ने उस फिल्म से शुरूआत की जिस पर वे दो हजार से काम कर रहे थे । फिल्म का नाम है ‘हंटर’ । अपनी रिलीज से पहले ही फिल्म के टेªलर को देखकर इस पर सेक्स कामेडी होने का इल्जाम लगने लगा । लेकिन जब फिल्म को लेकर हर्षवर्धन से बात की तो उसने कुछ अन्य सवालों के भी साफ साफ जवाब दिये ।

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हर्ष का कहना है कि ‘ हंटर’ को ग्रैंडमस्ती से जोड़ा जा रहा है लेकिन ये सेक्स कॉमेडी नहीं है, न हो इसमें डबल मिनिंग डायलॉग है । यहां जो भी कहा डायरेक्ट कहा है । फिल्म जो यार दोस्तों के बीच गली मोहल्लों या किसी रेस्तरां में बातचीत होती है वही फिल्म के पात्रों की भाषा है । जैसे एक बच्चे को देखकर पुलिसवाला छोटा चेतन कहता है तो आप इसे डबल मिनिंग नहीं कह सकते । क्योंकि उसका बच्चे को देखकर कहना है कि वो अभी बच्चा है । इसी तरह अन्य पात्र भी सीधी भाषा में  बात करते है ।

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फिल्म का मुख्य पात्र मंदार एक मिडिल क्लास अमोल पालेकर टाइप बंदा है । लेकिन उसे बचपन से ही ओरतों का शौक है वह सिर्फ उन्हीं के बारे में सोचता रहता है । वो अभी तक कितनी ही ओरतों के साथ सो चुका है । लेकिन ऐसा नहीं है कि उस पर कोई ओरत फिदा हुई हो । वो सत्ताईस साल का हो चुका है लिहाजा उसकी मां उसे अब शादी करने के लिये कहती है । हर्ष की ये पहली फिल्म हैं इसलिये वो अपने सब्जेक्ट को लेकर थोड़ा स्ट्रैस था लेकिन उसने जिस भी आर्टिस्ट से बात की स्टेस बात की। गुलशन देवईया को देखकर शुरू में तो नहीं लगा था कि वो इस रोल में फिट बैठेगा लेकिन जब उसने कर के दिखाया तो लगा कि इस रोल के लिये उससे बेहतर कोई और नहीं हो सकता था ।  हीरोइन के लिये राधिका आप्टे को लिया । राधिका  रक्त चरित्र, शोर इन द सिटी, लयभारी तथा बदलापुर आदि फिल्मों में आ चुकी है । मराठी की तीन दर्जन फिल्में कर चुकी सई तम्हाणकर ने अपनी उम्र से दस साल बड़ा ज्योति भाभी का रोल किया है । तथा शरत सक्सेना की बेटी मीरा इस फिल्म से डेब्यु कर रही है ।

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हर्ष का कहना है कि मैने फैंटम प्रोडक्शन की फिल्म ‘हंसी तो फंसी’ का स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिखे थे । उससे पहले मैने उन्हें अपनी स्क्रिप्ट दिखाई थी लेकिन उस वक्त वे फाइनेंसली तौर पर तैयार नहीं थे इसलिये उन्होंने मुझे एक साल रूकने के लिये लेकिन मैं उस वक्त पूरी तैयार था और बिलकुल लेट नहीं होना चाहता था । इसलिये मैने खुद फंडिंग का इंतजाम किया और फिल्म शुरू कर दी । बाद में जब  फैंटम वालों ने मेरी फिल्म देखी तो उन्होंने उसी वक्त कह दिया था कि चाहे कुछ भी हो ये फिल्म तो हम ही रिलीज करेंगे । इसके बाद शोमारू भी फिल्म से जुड़ गया । इस तरह हंटर को अपनी रिलीज से पहले दो अच्छे प्रोडक्शन हाउस मिल गये । हर्ष का कहना है कि हंसी तो फंसी के डायरेक्टर विनिल एक बेहतरीन मेकर हैं मैं उनकी अगली फिल्म भी कर रहा हूं ।


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Mayapuri

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