मूवी रिव्यू: सोनाक्षी का दमदार एक्शन, वहीं अनुराग की उम्दा विलनगिरी ‘अकीरा’

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रेटिंग***

गजनी और हॉलीडे जैसी बेहतरीन फिल्मों के सर्जक निर्देशक ए आर मुरूगदॉस की तीसरी फिल्म ‘अकीरा’ भी उनकी पिछली दो एक्शन थ्रिलर फिल्मों की तरह ही एक बढ़िया एक्शन थ्रिलर है। फिल्म की यूएसपी कहानी ना होकर सोनाक्षी सिन्हा का उम्दा एक्शन और अनुराग कश्यप की दमदार विलनगिरी है।

कहानी

जोधपुर की रहने वाली अकीरा यानि सोनाक्षी को उसके पिता अतुल कुलकर्णी ने बचपन से ही  उसे अपने और दूसरों की सहायता करने के लिये मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दिलवाई थी। एक बार अकीरा एक लड़की को बचाते हुए गुंडे को ही तेजाब का शिकार बना देती है। इसके बाद उसे तीन साल तक बच्चों की जेल में रहना पड़ता है। जवान होने पर उसका भाई उसे और मां स्मिता जयकर को मुबंई ले आता है। यहां अकीरा अपनी अधूरी पढ़ाई भाई के घर न रहते हुये होस्टल में रह कर पूरी करना चाहती है। वहां वो एक हादसे का शिकार हो भ्रष्ट पुलिस एसीपी अनुराग कश्यप का बार बार कोप भाजन बनती है। वहीं उसे एसीपी से निजात दिलाने का काम ईमानदार सब इंसपेक्टर कोंकणा सेन करना चाहती है लेकिन मजबूरी वश वो ऐसा नहीं कर पाती। लिहाजा बाद में अकीरा हजारों लोगों की जान की सलामती के लिये खुद को कानून के हवाले कर देती है।sonakshi-akra

डायरेक्शन

ए आर मुरूगदॉस इससे पहले गजनी और हॉलीडे जैसी जबरदस्त एक्शन पैक्ड थ्रिलर फिल्में दे चुके हैं। इस बार उन्होंने एक नया प्रयोग करते हुये अपनी फिल्म का नायक, नायिका को बनाया है जिसमें वे लगभग सफल साबित हुए हैं। बेशक कहानी में नयापन न होते हुये भी वे उसके प्रति दर्शकों में जागरूकता पैदा करने में सफल रहे हैं। हालांकि हॉलीडे में ही उन्होंने ईशारा कर दिया था कि वे सोनाक्षी जैसी देशी नायिका को भी एक्शन गर्ल बना सकते है। वाकई उन्होंने उससे बहुत अच्छा एक्शन करवाया। किसी लेखक डायरेक्टर से नेगेटिव रोल करवाने का भी मुरूगदॉस ही सोच सकते हैं। बेशक फिल्म की गति थोड़ी धीमी है बावजूद इसके तथ्यों के प्रति दर्शक की दिलचस्पी बनी रहती है।Sonakshi Sinha -

अभिनय

बेशक सोनाक्षी सिन्हा ने एक आम नायिका का चैला उतार कर जोरदार एक्शनगर्ल के रूप में शानदार अभिनय किया है। वहीं बेशक इससे पहले भी लेखक निर्देशक अनुराग कश्यप कई फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं लेकिन इस बार करप्ट एसीपी के किरदार में उन्होंने बहुत ही प्रभावशाली अभिनय किया है। इनके बाद एक अरसे बाद परदे पर दिखाई दी कोंकणा सेन ने भी ईमानदार पुलिस ऑफिसर की भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाकर दिखाया। इनके अलावा अतुल कुलकर्णी, अमित साध तथा स्मिता जयकर भी सहयोगी भूमिकाओं में उपयोगी साबित हुये।sonakshi-akiradcd

संगीत

विशाल शेखर की जिम्मेदारी इस बार कहानी में पिरोकर संगीत देने की थी और उन्होंने ऐसा ही किया। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक भी थ्रिल पैदा करता है।

क्यों देखें

एक्शन थ्रिलर और सस्पेंस फिल्मों के प्रशसंकों के लिये फिल्म में काफी कुछ देखने लायक है।


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Mayapuri

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