मूवी रिव्यू: अच्छा सन्देश, उम्दा अभिनय ‘अनारकली ऑफ़ आरा’

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किसी भी महिला को अहसाय या मजबूर समझना हिमाकत ही मन जायेगा लिहाजा आज हर ओरत की इज्जत करना चाहिए। निर्देशक अविनाश दास की फिल्म ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ एक हद तक यही कहने की कोशिश करती है।

अनारकली यानि स्वरा भास्कर आरा की रहने वाली एसी नोटंकी डांसर है जो अपने गाने भी खुद लिखती है | दरअसल उसकी माँ भी इसी पेशे में थी लेकिन वो एक हादसे का शिकार हो गई थी। अनारकली की नोटंकी का एंकर पंकज त्रिपाठी है।  आरा का ठाकुर यानि संजय मिश्रा एक कालेज का वाइस चांसलर होने के आलावा बहुत क्रूर प्रवर्ती का शख्स है। उसकी निगाह अनारकली पर पड़ती  है तो वो उसे हासिल करने के उपाय सोचने  लगता है। एक दिन स्टेज पर ही ठाकुर अनारकली के साथ बदतमीजी करता है तो अनारकली सबके सामने उसी तमाचा जड़ देती है, बस इसके बाद ठाकुर उसका पक्का दुश्मन बन जाता है और एक दिन षड्यंत्र के तहत उसी वेश्या साबित कर उसके पीछे पोलिस लगा देता है। लेकिन पुलिस से बचकर अनारकली अपने एक फैन के साथ दिल्ली भाग आती है। दिल्ली में उसे एक बार फिर नये संघर्ष के साथ शुरू होना पड़ता है। उसकी मेहनत सफल होती है क्योंकि उसकी एक अल्बम निकली है जो काफी पापुलर हो जाती है लेकिल साथ ही वो पहचान ली जाती है।AnarkaliOfAarrah_

पुलिस और ठाकुर से हमेशा के लिए आज़ाद होने के लिए वो एक प्लान बनाकर वापस आरा आकर ठाकुर से समझोते की बात करती है| इस पर ठाकुर उसे अपने बड़प्पन के तहत सब बताता है की उसने उसे कैसे फंसाया था। अनारकली एक शो करती है और वहां ठाकुर से हुई बातों का विडिओ चला देती है जिसे वहां आये नेता और पुलिस अधिकारी भी देखते हैं, इस प्रकार अनारकली अपनी  निर्दोशिता साबित करने में सफल होती है और ठाकुर इस बार अपने बुरे अंजाम तक पंहुचता है।Anarkali_

पहली फिल्म के तहत निर्देशक ने एक बढ़िया काम करके दिखाया है। फिल्म की  पटकथा संवाद और संगीत फिल्म के अनुसार ही बुना गया है जिसमे लैला ओ लैला फेम सिंगर पावनी पण्डे के दो गाने हैं, उसके आलावा सोनू निगम तथा स्वाति शर्मा के गाने हैं । लोकेशंस और कैमरा वर्क भी बढ़िया है । फिल्म के द्वारा  सन्देश दिया गया है की हमेशा महिलाओं का सम्मान करना चाहिए फिर चाहे वो किसी भी पेशे में क्यों न हो।

निल बटा सन्नाटा जैसी फिल्म के बाद एक बार फिर स्वरा भास्कर ने बेहतरीन अभिनय किया है , इसके आलावा अपनी इमेज से अलग खलनायक की भूमिका में संजय मिश्रा ने कमाल अभिनय किया है तथा पंकज त्रिपाठी हमेशा की तरह बढ़िया अभिनेता साबित होते हैं।

फिल्म अच्छे सन्देश और उम्दा अभिनय के लिए देखी जा सकती है |


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Mayapuri

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