मूवी रिव्यू: साधारण साबित होती है ‘ब्लू माउंटेंस’

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रेटिंग**

आज जिस प्रकार बच्चाें से कहीं ज्यादा उनके पेरेन्ट्स उन्हें लेकर महत्वाकांक्षी हो चुके हैं  उसका उन बच्चों पर कितना प्रभाव पड़ता है लेकिन इस बारे में कोई पेरेन्ट्स नहीं सोचता। यही बात निर्देशक सुमन गांगुली ने फिल्म ‘ब्लू माउंटेंस’ में बताने की  कोशिश की है।

ग्रेसी सिंह कभी एक पॉपुलर गायिका थी लेकिन शादी के बाद वो अपने पति रनवीर शौरी के लिये अपना चलता कॅरियर छौड़ उसके साथ किसी दूसरी जगह आकर बस गई । लेकिन जब उसे अपने बेटे सोम के बारे में पता चला कि वो उसी की तरह एक अच्छा सिंगर  है और वो एक रीयेलिटी सिंगिंग शो में सलेक्ट हो चुका है तो वो अपने बेटे में अपने छोड़े गये सपने देखना शुरू कर देती है । जबकि रनवीर का कहना है कि सोम पहले अपनी एजुकेशन पर ध्यान दे । परन्तु उसकी बात को नजरअंदाज कर ग्रेसी, सोम के साथ मुबंई आ जाती है । रीयेलिटी शो में सोम के लगातार आगे बढते रहने को देख रनवीर भी उसे सपोर्ट करने मुबंई पहुंच जाता है ।  इस शो के जरिये  सोम अपने होम टाउन का हीरो बन जाता है । लेकिन अचानक वो शो से एलीमिनेट हो जाता है । इसके बाद किस तरह वो फ्रस्टेशन में चला जाता है, यंहा तक उसके पिता को भी लोगों की फब्तीयों का सामना करना पड़ता है । जब सोम अपने दोस्तों की कोशिश के बाद भी सहज नहीं हो पाता तो एक दिन उसके स्कूल के टीचर आरिफ जकारिया उसके पेरेन्टस को समझाते हैं कि अपनी महत्वाकांक्षायें अपने बच्चों पर न लादे, उन्हें उनकी जिन्दगी सहज तौर पर जीने दें ।blue-mouuntain

फिल्म में निर्देशक ने एक रीयेलिटी शो के जरिये अपनी बात कहने की कोशिश है लेकिन बेहद सामान्य तरीके से । बेशक फै्रश रखने के लिये बैकड्रॅाप हिलस्टेशन है लेकिन सोम और उसकी फ्रेंड की भूमिकायें करने वाले किशोर एक्टर आकर्षक नहीं । रीयेलिटी शो के जरिये कही गई बातें बाद में पूरी तरह फिल्मी हो जाती है । आदेश श्रीवास्तव, मोन्टी शर्मा तथा संदीप सूर्या का संगीत ओसत दर्जे का है । हिलस्टेशन की लोकेशसं अच्छी हैं लेकिन फिल्म साधारण बन कर रह जाती है ।

सोम के किरदार में यर्थात रत्नम तथा उसकी गर्लफ्रेंड के किरदार में सिमरन शर्मा ने काम अच्छा किया हैं लेकिन वे आकर्षक नहीं हैं । रनवीर शौरी और ग्रेसी सिंह ठीक रहे । आरिफ जकरिया तथा राजपाल यादव का सहयोग उल्लेखनीय रहा ।

फिल्म को लेकर अंत में कहा जा सकता है कि ये फिल्म भी उन साधारण फिल्मों में शामिल है जो अपनी बात फिल्मी अंदाज में साधारण तरीके से कहती है ।


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Mayapuri

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