मूवी रिव्यू: जोरदार एॅक्शन दिखाता ‘कमांडो 2’

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हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने पिछले वर्ष नोटबंदी का एलान करते हुये कहा था कि उनका अगला कदम विदेशी बैंको में पड़ा लाखों करोड़ रूपया वापस लाकर उसे गरीबों के बैंको में सीधे जमा करना है । मोदी जी ने तो सिर्फ कहा ही था जबकि  निर्माता विपुल शाह ने देवेन भोजानी द्धारा निर्देशित फिल्म ‘कमांडो 2’ में ये काम न सिर्फ कर दिखाया हैं बल्कि उनकी फिल्म का हीरो विदेशों से काला पैसा लाने में कामयाब हो उस सारे धन को गरीबों के एकाउंट में डलवा भी देता है ।

कैप्टन करणवीर सिंह यानि विद्युत जामवाल एक जांबाज कमांडो है। उसे उसके बॉस  आदिल हुसैन द्धारो विदेशों में जमा काले धन के साथ मनी लाडिंरिंग के नबंर वन सरगना विक्की चड्डा को जिन्दा वापस लाने की जिम्मेदार सोंपी जाती है। जबकि इस ऑपरेशन में पहले होम मिनिस्टर शेफाली छाया ऐसे लोगों को चुनती है जो पूरी तरह से करप्ट या उसके वफादार है जैसे एसीपी बख्तावर यानि फे्रडी दारूवाला, करप्ट एन्कांउटर स्पेशलिस्ट भावना शर्मा तथा एक हैकिंग स्पेशलिस्ट ज़फर आदि, लेकिन तिकड़म लगा करणवीर भी उस टीम का हिस्सा बन जाता है। दरअसल मलेशिया सरकार ने विक्की चड्डा और उसकी खूबसूरत वाइफ इशा गुप्ता को अरेस्ट किया है लिहाजा अब इस टीम को उन्हें इंडिया लाने का काम सौपा गया  है। हलांकि देखने में सीधा सादा लगने वाला ये आपरेशन बहुत ही जटिल है क्योंकि इसके पीछे बहुत ही असरदार लोग है जो नहीं चाहते कि विक्की भारत सरकार के हाथ लगे और उसके द्धार उनकी असलियत का पर्दाफाश हो, क्योंकि  वही इकलौता शख्स है जो उन सबके काले धन को हैंडल करता है। बाद में पता चलता है कि विक्की पूरा पैसा खुद हड़प कर जातना चाहता है। बाद में किस प्रकार कहानी में ट्वीस्ट एन टर्न आते  हैं और परत दर परत राज खुलते हैं । अंत में ये टीम अपने मिशन में न सिर्फ सफल होती  है बल्कि  सारा पैसा गरीबों के एकाउंटस में जामा करने में भी कामयाब होती है ।vidyut_jamwal

फिल्म के डायरेक्टर एक बढि़या लेखक और उम्दा एक्टर है। टीवी और फिल्मों में उन्हें हास्य अभिनेता के तौर पर जाना जाता है। बहुत कम लोगों को पता है कि वे इससे पहले कई धारावाहिकों का सफल निर्देशन कर चुके हैं । बेशक देवेन ने एक तेज रफ्तार और आकर्षक एॅक्शन फिल्म बनाने की कोशिश की है । लेकिन उनकी  कथा पटकथा थोड़ी लूज रही क्योंकि बतौर लेखक उन्हाेंने  विदेशों से काला धन लाने और उसे गरीबों के बैंको में जमा करने की जो कल्पना की है वो मीठी तो लगती है लेकिन अविस्वसनीय है । परन्तु उसकी कमी विद्युत अपने जबरदस्त एॅक्शन से पूरी कर देते हैं । दूसरे कास्टिंग भी कुछ ज्यादा आकर्षक नहीं रही वरना इस तरह की फिल्म में एॅक्शन टीम पूरी तरह से चॉक चौबंद होनी चाहिये। फिल्म का आकर्षण है विद्युत का हैरतअंगेज एॅक्शन, फोटोग्राफी और मलेशिया की खूूूूसूरत लोकेशसं।  गाने रहित इस फिल्म का बैकग्रांउड म्यूजिक असरदार है,commando

अभिनय की बात की जाये तो पूरी फिल्म विद्युत जामवाल के कंधो पर टिकी  है और  वे अपने जौरदार एॅक्शन से दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं । अदा शर्मा हैदराबादी, तमिल मिश्रित भाषा बोलकर मनोरजंन करने की कोशिश करती है। फे्रडी दारूवाला पता नहीं क्यों ढीले ढाले दिखाई देते हैं वहीं  नगेटिव रोल में इशा गुप्ता सेक्सी और ग्लैमरस लगी है । छोटी छोटी भूमिकाओं में शेफाली छाया, सतीश कोशिक तथा आदिल हुसॅन फिल्म में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्शाते हैं। ‘कमांडो 2’ विद्युत जामवाल के जौरदार एॅक्शन के लिये देखी जाने वाली शानदार एॅक्शन फिल्म है।

 


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Mayapuri

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