मूवी रिव्यू: शुद्ध एक्शन रोमांटिक मसाला फिल्म ‘दिल साला सनकी’

1 min


रेटिंग**

प्रोड्यूसर डायरेक्टर सुशी कैलाश की फिल्म ‘दिल साला सनकी’ एक ऐसी आम एक्शन रोमांटिक लव स्टोरी है, जिसमें वही सब कुछ हैं जो इस जॉनर की हर फिल्म में होता है यानि प्यार मौहब्बत और उसके लिये मरना मारना।

कहानी

हर किसी का कोई न कोई आदर्श होता हैं लेकिन योगेश कुमार का आदर्श बचपन से एक बाहुबली जिम्मी शेरगिल रहा। लिहाजा वो उसी के जैसा बना। और बाद में जिम्मी के लिये काम करने लगा। उसके मौहल्ले में एक टीचर शक्ति कपूर और उसकी पत्नि शगूफ्ता अली रहने आते हैं। उनकी बेटी मदालसा शर्मा को देखते ही योगेश उस पर मर मिटता है। जिम्मी शेरगिल भी जैसे ही मदालसा को देखता है तो वो उसे पाने के लिये सबसे पहले तो अपनी पत्नि रिशिता भट्ट को अपने रास्ते से हटाता है, फिर योगेश को अधमरा कर बाहर फिकवा देता है। इसके बाद वो मदालसा और उसके मां बाप को नजरबंद कर उससे शादी करने का प्रोग्राम बनाता है, लेकिन इस बीच योगेश मदालसा को उसके चुंगल से छूड़ा ले जाता है। काफी अरसे दोनों के बीच चूहे बिल्ली का खेल चलने के बाद जिम्मी की मौत के बाद खत्म होता है।

निर्देशन

सुशी ने सेफ गेम खेलते हुये ऐसी कहानी का चुनाव किया जिसमें सारे मसाले होते हैं यानि प्रमिका पर एक मर मिटने वाला प्रेमी जो उसे हर दुश्वारियों से निजात दिलवाने के लिये तैयार रहता है, एक दूसरी लड़की जो हीरो को प्यार करती है और अंत में अपना प्यार उस पर कुर्बान कर देती है। एक विलन जो उसकी प्रेमिका को जबरदस्ती हथियाना चाहता है लेकिन अंत में हीरो के हाथों वीरगति को प्राप्त होता है। ये सब दिखाते हुये निर्देशक ढेर सारे तथ्यों को नजर अंदाज कर उपहास का कारण बनती है जैसे जिम्मी द्धारा बुरी तरह घायल हीरो अगले ही दिन भलाचंगा हो हीरोइन को विलन के अड्डे से उठाकर ले जाता है। इसके बाद चेजिंग में पीठ में कुल्हाड़ी लगने के बाद भी हीरो तेज दौड़ती ट्रेन में हीरोइन को लेकर चढ़ जाता है। उससे बड़ी हाईलाईट कि विलन तेज दौड़ती ट्रेन के समानांतर जीप में आता दिखाई देता है लेकिन अगले ही पल हीरो हीरोइन को ट्रेन में देखते ही वो भी ट्रेन में हीरो हीरोइन को तलाशता दिखाई देता है ।ये सब बातें अब जागरूक दर्शक को  रास नहीं आती। दूसरे फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं जो पहले कभी न देखा गया हो ।jimmy-shergil

 अभिनय

योगेश कुमार यानि फिल्म के हीरो ने पूरी तैयारी के बाद ही डेब्यू किया है। डांस, एक्शन में उसकी स्फूर्ती देखते बनती है। बस उसे अभिनय के बारे में अभी काफी कुछ सीखना है। पर्सनेलिटी के मुताबिक उसे साउथ की फिल्मों में सफलता मिल सकती है क्योंकि वहां के नायक के योगेश में तमाम गुण मौजूद हैं। मदालसा के बारे में भी यही कहा जा सकता है कि उसे भी साउथ की फिल्में करनी चाहिये। वैसे उसने कुछ फिल्में वहां की भी हैं। जिम्मी शेरगिल इस तरह की भूमिकाओं में सिद्धहस्त हो चुके हैं इसलिये यहां उनका दौहराव भर है। बाकी शक्ति कपूर और षुगफ्ता अली साधारण रहे।

संगीत

प्रमोद पंत का संगीत साधारण रहा लेकिन फिल्म में गानों का फिल्माकंन अच्छा रहा ।

क्यों देखें

एक्शन रोमांटिक फिल्मों के प्रशंसको को फिल्म भा सकती है।

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये