मूवी रिव्यू: शाहरूख, काजोल और रोहित शेट्टी यानि फुल एन्टरटेनमेंट -दिलवाले

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रेटिंग***

इसे एक स्टार का रूतबा ही कहा जा सकता है क्योंकि अपने पहले दिन शाहरूख खान काजोल स्टारर फिल्म‘ दिलवाले’ का कलेक्शन सजंय लीला भंसाली की क्लास फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ से दुगना रहा । जबकि बाजीराव मस्तानी एक ऐसी बेहतरीन फिल्म हैं जिसके सामने दिलवाले कहीं नही ठहरती । लेकिन रणवीर सिंह और शाहरूख का क्या मुकाबला ।ये हाल तो तब हैं जबकि मीडिया ने बाजीराव मस्तानी के सामने दिलवाले को एक साधारण मनोरंजक फिल्म ही बताया है ।

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कहानी

शाहरूख खान उर्फ काली एक ऐसा रिटायर डॉन है जो बुल्गारिया से आकर गोवा में बस गया है। और यही लग्जरी कारो को मोडिफायर करता है। शाहरुख का एक छोटा भाई है वरुण धवन (वीर) जिसे कृति सेनन (इशिता) से प्यार हो जाता है जिसे पटाने के लिए वरुण नित नित कई शरारते करता रहता है। फिर कहानी 15 साल पहले जाती है बुल्गारिया में। जहां शाहरुख-काजोल की मुलाकात दिखाई जाती है। इस मुलाकात में शाहरुख खान को काजोल से प्यार हो जाता है। लेकिन दोनों के पिता एक दूसरे के कट्टर दुश्मन है। इस दौरान कुछ ऐसा होता है कि शाहरुख और काजोल में नफरत पैदा हो जाती है। और काजोल भी अपनी बहन कृति सेनन (इशिता) को लेकर गोवा आ जाती है। इसके बाद कहानी फिर गोवा से शुरू होती है जहां शाहरुख काजोल एक फिर एक दूसरे के आमने सामने होते है।

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निर्देशन

रोहित शेट्टी के साथ शाहरूख की ये दूसरी फिल्म है। वैसे तो उनकी सभी फिल्में लैविश होती हैं लेकिन इस बार उन्होंने एक्शन में कुछ ज्यादा कीमती कारें उड़ाई हैं और वो भी विदेशी जमीन पर, जिन्हें डैमेज होते देख दर्शक दुख सा महसूस करता है ,वैसे भी रोहित एक्शन और कॉमेडी में मास्टर है लिहाजा एक्शन के अलावा उन्होंने कॉमेडी का डोज देना जारी रखा । दिलवाले उनकी अन्य फिल्मों से अलग इसलिये हैं क्योंकि इस बार उन्होंने एक्शन और कॉमेडी के अलावा रोमांस भी दिखाया है। कहने का मतलब ये फिल्म इसलिये भी विशेष हैं क्योंकि इसमें बॉलीवुड की हिट जोड़ी तथा आज के नये स्टार्स वरूण और कृति की जोड़ी साथ साथ दिखाई दे रहे हैं। हमेशा की तरह इस बार भी रोहित लैविश लोकेशसं, एक्शन, कॉमेडी तथा रोमांस दिखाने में पूरी तरह सफल रहे हैं ।

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अभिनय

शाहरूख को रोमांस का बादशाह कहा जाता है । पचास के पेटे में आये इस स्टार की बीस साल से दिखाई देती अदाओं का दर्शक आज भी आशिक है । इस बार रोहित ने तकनीक का सहारा लेते हुये शाहरूख और काजोल को उनकी उम्र से दस साल कम दिखाकर इस जोड़ी का रोमांचकारी रोमांस दिखाने के सफल कोशिश की है ।कहते हें अभिनय भूलने की चीज नहीं है काजोल पर ये कहावत फिट बैठती है । वो पहले से कहीं ज्यादा परिपक्व अभिनेत्री के तौर पर नजर आई । उनके चेहरे पर पहले प्यार और फिर नफरत के भाव देखकर दर्शक उनकी अदायगी का कायल होकर रह जाता है । वरूण धवन और कृति बेशक शाहरूख और काजोल जैसी रोमांटिक जोड़ी की विशाल छाया के पीछे छुप गये, बावजूद इसके उन्होंने अपने होने का एहसास बनाये रखा । जंहा वरूण अपनी शरारतों से लोगो का ध्यान अपनी और खींचने में कामयाब हैं वहीं कृति अपनी खूबसूरती का शिद्द से एहसास करवाती नजर आती हैं । इनके अलावा रोहित के अन्य परमानेंट पात्र संजय मिश्रा, जॉनी लीवर, मुकेश तिवारी तथा वरूण शर्मा दर्शक का खूब मनोरजंन करते हैं। कबीर बेदी, विनोद खन्ना और, नवाब शाह भी मेहमान कलाकार के रूप में ठीक ठाक नजर आए। फिल्म की पटकथा चुस्त है इसलिये फिल्म कही भी धीमी नहीं होती, तथा संपादन भी काफी अच्छा है । यानि फिल्म देखने के बाद आप कह सकते हैं कि एंटरटेनमेंट एंटरटेनमेंट एंटरटेनमेंट

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म्यूजिक

फिल्म के गाने चार्ट पर टॉप पोजिशन पर चल रहे हैं खासकर रंग दे मोहे गेरूआ तथा टुकुर टुकर बार बार सुने जा रहे हैं ।

क्यों देखें

शाहरूख काजोल और वरूण धवन कृति दोनों जोडी़, रोमांचकारी एक्शन तथा धमाल कॉमेडी । इन सारी खूबियों के चलते दर्शक फिल्म शायद ही मिस करें ।


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Mayapuri

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