मूवी रिव्यू: हिट फिल्म का हिट रीमेक ‘दृश्यम’

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रेटिंग ***

रीमेक बनाना आसान नहीं,किसी बेहतरीन और सुपर हिट फिल्म का रीमेक तो और भी ज्यादा कठिन होता है । ‘दृश्यम’ साउथ की सभी भाषाओं में बनी और हिट फिल्म साबित रही लेकिन हिन्दी में इसी नाम से यह फिल्म का बनाने वाले निर्देशक निशिकांत फिल्म में एक हद तक वास्तविकता प्रदान करने में सफल रहे हैं ।

कहानी

अजय देवगन गोवा के आधीन आने वाले एक छोटे से गांव में अपनी पत्नि श्रेया सरन तथा दो बेटियों के साथ रहता हैं । वहां वो मिराज केबल चलाता है । अजय को फिल्में देखने का बहुत शौक है। उसकी बड़ी बेटी इशिता दत्ता का एक पिकनिक टूर पर नहाते हुए एक लड़का वीडियो बना लेता है। बाद में जब वो उसे ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से उसके गांव आता हैं इस बीच इशिता अपनी  मां को सब पता देती है । इसलिये उस लड़के से पहले तो मां बेटी वो वीडियो डिलिट करने की गुजारिश करती हैं लेकिन जब वो नहीं मानता तो इशिता उसका मोबाइल तोड़ने के चक्कर में एक राड उसके सिर में मार देती है वो मर जाता है । अजय बेशक चौथी फेल है लेकिन फिल्में देख देख कर वो कानून और उससे बचने में माहिर हो चुका है । पता चलता हैं कि मरने वाला आई जी तब्बू का और उसके बिजनेसमैन पति रजत कपूर का इकलौता बेटा था । इसके बाद तब्बू और अजय के बीच कानूनन किसको शह और मात मिलती है ये फिल्म देखने के बाद पता लगेगा ।

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डायरेक्शन

बेशक निशिकांत कामत एक बेहतरीन डायरेक्टर है। दृश्यम उनकी दूसरी रीमेक फिल्म है और इस बार भी  वह उम्मीद पर खरे साबित हुए हैं । उन्होंने मलयालम फिल्म को रीमक किया है लेकिन उसे हिन्दी दर्शकों के हिसाब से चेंज किया है। दूसरे साउथ में बनी इन फिल्मों को बने एक वक्त हो चुका है। इस दौरान दर्शकों की सोच में भी काफी तब्दीलीयां आई हैं । शायद इसलिये अब इस विषय में उनकी रूचि न हो ।फिर भी फिल्म में थ्रिल और सस्पेंस दर्शकों को बांधे रखता है । बेशक फिल्म का फर्स्ट हाफ स्लो है लेकिन दूसरे भाग में  फिल्म रफ्तार पकड़ती है जो अंत तक बनी रहती है । मध्यांतर से जस्ट पहले  तब्बू का इन्ट्रोडक्शन होता है तो दर्शकों में उत्साह पैदा होता है लेकिन सैकेन्ड हाफ मे वो एक कड़क पुलिस ऑफिसर के साथ एक मां भी बन जाती है। तब्बू के किरदार में थोड़ी और मेहनत की जा सकती थी । क्योंकि उसमें वो आब पैदा नहीं हो पाई जो होनी चाहिये थी ।

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अभिनय

मलयालम और तेलगू फिल्मों में मोहन लाल और कमल हासन ने कमाल का अभिनय किया था, लेकिन अजय ने भी अपने रोल को अपने अंदाज में एक कुशल अदाकार की तौर पर निथाया है । श्रेया सरन  अपनी भूमिका को ढंग से निभाने में सफल रही । इशिता दत्ता ने इस फिल्म से डेब्यू किया है, वह पहली फिल्म के हिसाब से ठीक रही । इसके अलावा छोटी बच्ची मृणाल जाधव भी अच्छा अभिनय कर गई । तब्बू एक कड़क पुलिस ऑफिसर तथा एक मां की भूमिका में बंटी दिखाई दी । रजत कपूर उनके पति के रोल में बढि़या काम कर गये । लेकिन मराठी इंस्पेक्टर की भूमिका में कमलेश सांवत ने बेहतरीन काम किया है ।

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संगीत

एक अरसे बाद किसी दूसरी फिल्म में विशाल भारद्वाज का संगीत और गुलजार के गीत सुनाई दिये। तकरीबन सारे गीत बैकग्राउंड में ही गूजंते हैं ।

फिल्म क्यों देखें

एक बढि़या और सुपर हिट साउथ फिल्म का  अच्छा रीमेक देखना हैं तो फिल्म पूरे परिवार के साथ देखी जा सकती है ।

 

 


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Mayapuri

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