मूवी रिव्यू: डर और सस्पेंस यानि ‘फोर पिलर्स ऑफ बेसमेन्ट’

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रेटिंग**

निर्देशक गिरीश नायक के निर्देशन में बनी फिल्म ‘फोर पिलर्स ऑफ बेसमेन्ट’ एक ऐसी थ्रिलर सस्पेंस फिल्म है जिसमें एक बार फिर एन्टी हीरो के कई वैरियेशंस दिखाये गये हैं। इस जॉनर पर अभी तक बाजीगर, अंजाम, डर, एक विलन तथा बदलापुर जैसी हिट फिल्में बन चुकी है। इस फिल्म में भी फिर एक बार दर्शक को साइको किस्म का किरदार दर्शक को डराता दिखाई देगा ।

कहानी

दिलजान वाडिया एक ऐसा साइको शख्स है जो बरसों से एक लड़की आलया सिंह को प्यार करता है। यहां तक वो उसी बिल्डिंग में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगता है जहां आलया सर्विस करती है। दिवाली के दिन आलया को ऑफिस में काम करते हुये देर हो जाती है और जब वो देर रात घर जाने के लिये निकलती हैं तो बेसमेंट में दिलजान उसे कैद कर लेता हैं। बाद में वो हर उस आदमी को मार देता है जो आलया से जुड़े है। जैसे उसके ऑफिस में उस छेड़ने वाला उसका एक कुलीग या उसका बॉस जिसकी उस पर गलत नजर हैं या फिर उसका मंगेतर श्यावर अली और आलया का भाई इमरान खान। अंत में क्या दिलजान का क्या अंजाम होता हैं ये फिल्म देखने के बाद पता चलेगा।

dilzaan wadia

निर्देशन

साउथ इंडियन गिरीश की बतौर निर्देशक ये पहली फिल्म है। लेकिन उसने अपनी फिल्म में ऐसा विषय चुना जिस पर अभी तक बेहतरीन फिल्में बन चुकी हैं। इसलिये ये फिल्म उनके सामने चुनौती थी जिसमें वे आंशिक तौर पर ही सफल हो पाये हैं। एक रात की कहानी मुख्य कलाकार बेसमेंट तक ही सीमित रहते हैं। गिरीश थोड़ी और मेहनत करते तो कलाकारों का और अच्छा इस्तेमाल कर सकते थे।

अभिनय

दिलजान की ये पांचवी फिल्म है लेकिन इस बार उनके सामने एक ऐसा चैलेंजिंग रोल था जिसे शाहरुख जैसा स्टार निभा चुका है। इसे निभाते हुये दिलजान कई बार लाइन से उतरे, फिर सही ट्रैक पर आते जाते रहे। आलया सिंह अभिनय को लेकर पूरी तरह शून्य हैं, वो अपने चहरे पर कोई भी भाव लाने में पूरी तरह असफल रही। इन दोनों के अलावा जाकिर हुसैन, शावर अली, अनंत जोग तथा रवि गडरिया आदि छोटी छोटी भूमिकाओं में आते जाते रहते हैं।

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संगीत

थ्रिलर सस्पेंस फिल्मों में गाने वगैरह हमेशा व्याधान पैदा करते हैं। बावजूद इसके गानों को सलीके से यूज किया गया है।

क्यों देखें

थ्रिलर सस्पेंस फिल्मों को पंसद करने वाले दर्शकों को फिल्म निराश नहीं करेगी ।

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Mayapuri