मूवी रिव्यू: रवीना की अच्छी अदाकारी ‘मातृ’

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रेटिंग**

एक दशक पहले मेहुल कुमार की फिल्म ‘जागो’ आयी थी जिसमें एक बच्ची के साथ बलात्कार करने वालों को बच्ची की मां खुद सजा देती है। अब एक बार फिर उस फिल्म से मिलती जुलती कहानी पर बनी फिल्म ‘मातृ’ रिलीज हुई है । दोनों फिल्मों में रवीना टंडन लीड रोल में है । पूरी तरह कमर्शल इस फिल्म के कथानक पर एक नजर।

रवीना टंडन  स्कूल में टीचर है। स्कूल के एनवल फंक्शन के बाद  अपनी बेटी के साथ घर जाते हुये उसे पांच छह लोग पकड़ लेते हैं ओर बाद में उसका और उसकी छोटी बेटी का बलात्कार कर रोड़ पर फेंक देते हैं। बच्ची मर जाती हैं लेकिन रवीना जिंदा बच जाती है । बाद में पुलिस को दिये गये बयान में रवीना बलात्कारियों में जब चीफ मीनिस्टर के बेटे का नाम लेती है तो पुलिस ऑफिसर केस को रवा दफा करते हुये रवीना को कहता है कि वे इतने पावरफुल लोग हैं जो कोर्ट में यहां तक साबित कर देगें कि तुम खुद अपनी बेटी के साथ उनके पास आयी थी, यहां तक रवीना का पति तक उसका साथ छौड़ देता है । ऐसे में खुद रवीना उन बलात्कारियों को सजा देने का फैसला करती है।raveena

फिल्म का नाम बेशक रीयलिस्टक लगता है वरना फिल्म पूरी तरह से कमर्शल है इस तरह की रेप और बदले पर अभी तक न जाने कितनी फिल्में आ चुकी हैं। फिल्म में वही सब पहले से देखे भाले सीन और पात्र हैं । दूसरे फिल्म में ऐसा भी कुछ नहीं जिसे अलग कहा जाये लिहाजा यह भी अन्य फिल्मों की तरह एक रूटिन मसाला फिल्म है।

पूरी फिल्म रवीना के कंधो पर टिकी है जिसका निर्वाह रवीना ने एक सधी हुई अभिनेत्री की तरह किया है । उसके पति की छोटी सी भूमिका में रोशाद राणा तथा सहेली बनी दिव्या का काम ठीक रहा । लेकिन सावधान इंडिया आदि क्राइम शोज में पुलिस ऑफिसर की भूमिका निभाने वाले अदाकार के लिये पुलिस ऑफिसर का किरदार एक अच्छा मौंका साबित हो सकता है । चीफ मीनिस्टर के बलात्कारी बेटे के रोल में अंजान अभिनेता  अपने अभिनय से आकर्षित करता है।raveena

मातृ के बारे में यही कहा जा सकता है बलात्कार पर आधारित ये भी पूरी तरह से ऐसी कमर्शल  फिल्म है जिसे रवीना टंडन की अच्छी अदाकारी के लिये देखा जा सकता है


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Mayapuri

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