मूवी रिव्यू: एक साफ सुथरी प्रेम कथा ‘मेंहदी लगा के रखना’ (भोजपुरी)

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भोजपुरी सिनेमा क्रमश: सबसे पिछड़ा हुआ सिनेमा माना जाता है। दरअसल इसके लिये इस सिनेमा से जुड़े कुछ दिग्गज निर्माता, वितरक तथा कुछ भोजपुरी नायक जिम्मेदार रहे हैं। लेकिन भोजपुरी इन्डस्ट्री की दूसरी पारी के कुछ निर्माता, निर्देशकों तथा अभिनेताओं ने भोजपुरी फिल्मों में से अश्लीलता निकाल एक उन्हें साफ सुथरी छवि देने की कोशिश की है। यहां निर्माता अनंजय रघुराज, संगीतकार व निर्देशक रजनीश मिश्रा तथा नायक नायिका खेसारी लाल व काजल रघुवानी अपनी फिल्म ‘मेंहदी लगा के रखना’ जैसी साफ सुथरी संगीतमय प्रेम कहानी के तहत भोजपुरी सिनेमा को बदलते नजर आये।

खेसारी लाल गांव का एक मस्तमौला और कामकाज से दूर भागने वाला खिलंदड़ा युवक है जबकि उसके जमींदार पिता अवधेश मिश्रा उसे एक जिम्मेदार युवक के रूप में देखना चाहते हैं बावजूद इसके वे अपने बेटे को बहुत प्यार करते हैं। एक दिन खेसारी की नजर एक खूबसूरत लड़की काजल पर पड़ती है जिसे देखते ही वो उस पर लटटू हो जाता है। जब उसे पता चलता है कि काजल एक स्कूल में संगीत टीचर है तो वो भी उस स्कूल में चपरासी की नोकरी करने लगता है और एक दिन काजल के सामने अपने प्यार का इजहार कर देता है। बदले में काजल उसके साथ रूखाई से पेश आती है। खेसारी को अपने पिता के साथ उनके दोस्त की लड़की की षादी में जाना पड़ता है। वहां उसे उस वक्त हैरान होना पड़ता है  जब उसे पता चलता हैं कि वो काजल ही है जिसने उसके प्यार को ठकरा दिया था। इसी दौरान काजल को खेसारी की अच्छी आदतों के बारे में पता चलता है लिहाजा वो उसे प्यार करने लगती है। बाद में कहानी में कुछ ऐसे ट्वीटस आते हैं जो खेसारी और काजल को एक करने में साहयक साबित होते हैं ।mehandi-laga-ke-rakhna-

फिल्म के निर्देशक रजनीश मिश्रा बेसिकली एक संगीतकार हैं लेकिन इस बार उन्होंने म्यूजिक के अलावा अपनी निर्देशकीय प्रतिभा का अच्छा खासा परिचय देते हुये एक साफ सुथरी प्रेमकथा का निर्देषन किया है। फिल्म को देखकर एहसास होता है कि इसे पूरा परिवार एक साथ बैठ कर देख सकता है। फिल्म में खेसारी लाल ने जंहा एक अलमस्त लेकिन संस्कारी युवक की भूमिका बढ़िया तरह से निभाई, वहीं काजल रघुवानी अपने खूबसूरती भरे मासूम व्यक्तित्व और उसी से मेल खाते अभिनय से दर्शकों को आकर्शित करने में पूरी तरह सफल है। सकारात्मक भूमिका में अवधेश मिश्रा पूरी तरह से पॉजिटिव लगे। इनके अलावा संजय पांडे आदि सह कलाकरों का सहयोग भी अच्छा रहा। रजनीश ने निर्देशन के अलावा म्यूजिक भी काफी षानदार रहा तथा फिल्म में सभी गीतों का फिल्मांकन भी बढ़िया रहा।

‘मेहंदी लगा के रखना’ एक साफ सुथरी फिल्म भोजपुरी सिनेमा में बदलाव का ईशारा करती पूरी तरह से पारिवारिक फिल्म है।


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Mayapuri

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