मूवी रिव्यू: आत्मविश्वास और जुनून से भरी ‘एमएस धोनी: द अन टोल्ड स्टोरी’

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रेटिंग****

नीरज पांडे द्धारा रचित फिल्म ‘एमएस धोनी: द अन टोल्ड स्टोरी’ में झारखंड के एक छोटे शहर रांची से शुरू हुई धोनी के सफलता भरे सफर की कहानी 2011 के वर्ल्ड कप पर जाकर खत्म होती है। इसमें धोनी को रांची में पैदा हुये एक ऐसे शख्स के तौर पर दिखाया है जिसने अपने संघर्ष और महत्वांकाक्षा के चलते आसमान को छू कर दिखाया।

कहानी

रांची में पानसिंह धोनी नामक एक वाटर पंप ऑपरेटर के घर एक ऐसे बालक महेन्द्र सिंह धोनी ने जन्म लिया जिसकी शुरू से पढ़ने से ज्यादा खेल में रूचि थी। एक बार उसके स्कूल टीचर ने उसे फुटबाल में गोलकीपिंग करते देख क्रिकेट में विकेट कीपिंग करने का ऑफर दिया। यहां से धोनी की क्रिकेट में कुछ कर दिखाने की महत्वाकांक्षा ने उसे क्रिकेट के प्रति जुनूनी बना दिया जबकि उसके पिता का कहना था कि सिर्फ खेल से कुछ नहीं होता अगर कुछ पढ़ लिख जाओगे तो कम से कम कोई अच्छी नौकरी तो मिल जायेगी। लेकिन धोनी ने क्रिकेट में अपनी आगे बढ़ते रहने की लगन के चलते रेलवे में टीसी की नौकरी को भी लात मार दी। इसके बाद धोनी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा और एक दिन वो इंडियन टीम की कैप्टनशिप तक जा पहुंचा। अपनी कैप्टनशिप में धोनी ने ट्वंटी ट्वटी वर्ल्ड कप और अठ्ठाइस साल बाद वन डे वर्ल्ड कप दिलवाया।ms-dhoni

निर्देशन

धोनी की लाइफ में इतने इन्सीडेंटस रहे हैं कि उन सबका फिल्माना मुमकिन नहीं था। नीरज पांडे ने उन्हें कुछ इस तरह दिखाया हैं कि वे अपने शहर के फिर वर्ल्ड के हीरो के रूप में उभर कर सामने आते हैं। धोनी एक मध्यम परिवार से ताल्लुक रखते हैं, फिल्म में उनके परिवार की भी अन्य ऐसे ही परविरों की तरह टिपिकल समस्यायें और चिंतायें दिखाई गई हैं। धोनी के करियर में कुछ विवादित बातें भी हुई लेकिन निर्देशक ने उन्हें नजरअंदाज करते हुये बस उनके उजले पक्ष को दिखाने में दिलचस्पी दिखाई है। फिल्म में धोनी को उसकी किशोर अवस्था से लेकर उसके करियर के पीक तक के आत्मविश्वास और सहजता को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया है। फिल्म थोड़ी छोटी की जा सकती थी लेकिन यहां निर्देशक पर विश्वास करते हुये इसे नजरअंदाज किया जा सकता है। फिल्म में वीएफएक्स द्धारा धोनी के सभी प्रमुख मैचों को रीयेक्ट किया गया है जो बहुत ही रोमांचक और दर्शनीय बने गये है। फिल्म इतनी दिलचस्प है कि तीन घंटे दस मिनट लंबी इस फिल्म से दर्शक पूरी तरह जुड़ा रहता है। dhoni-untold-story

अभिनय

धोनी की भूमिका को सुशांत सिंह ने जैसे पूरी तरह से आत्मसात कर लिया क्योंकि उनका चलना फिरना बॉडी लैंग्वेज सब कुछ धोनी जैसा है। यहां तक  भावुक व इमोशनल सीन भी इतने नेचुरल लगते हैं लगता है जैसे धोनी के चेहरे पर भी ऐसे ही भाव आये होगें। उनके साथ धोनी के शुरूआती दोस्त, टीचर, कोच आदि की भूमिकायें निभाने वाले कलाकारों ने बढ़िया अभिनय किया है, खास कर उनके स्कूल टीचर के किरदार में राजेश शर्मा बहुत अच्छा काम कर गये। धोनी की बहन की साधारण सी भूमिका से भूमिका चावला की वापसी हुई तथा एक अरसे बाद धोनी के पिता की भूमिका में अनुपम खेर एक बार फिर प्रभावित करते हैं। इसके अलावा धोनी की प्रेमिका के रोल में कायरा आडवानी और पत्नी की भूमिका में दिशा पटनी खूबसूरत लगी हैं उन दोनां की उपस्थिति असरदार है।ms-dhoni-the-untold-story-movie-stills

संगीत

अमाल मलिक ने कहानी से मिलता झुलता म्यूजिक तैयार किया हैं जो कहानी में कहीं भी रूकावट न बनते उसे और प्रभावशाली बनाता है।

क्यों देखें

धोनी की लाइफ पर बनी इस फिल्म से उनके फैन और क्रिकेट प्रेमी तो प्रभावित होगें ही लेकिन क्रिकेट का शौक न रखने वाले दर्शक भी इसे खूब पंसद करेगें।


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Mayapuri

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