मूवी रिव्यू: एक्शन, इमोशन,डांस का जबरदस्त तड़का ‘मुन्ना माइकल’

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रेटिंग***

किसी फिल्म में मनोरजंन के सारे एलीमेनट्स होते हैं तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। निर्देशक शब्बीर खान की फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ पर ये कहावत पूरी तरह से फिट होती है। टाइगर श्रॉफ के साथ उनकी ये लगातार तीसरी सफल फिल्म है यानि इस फिल्म के साथ दोनों की हैट्रिक हो चुकी है।

रोनित रॉय पिच्चानवें के दशक की फिल्मों में ग्रुप डांसर हुआ करते थे। वे माइकल जैक्सन के परम भक्त थे लेकिन उम्र होने के कारण फिल्मों से उनका पैकअप हो जाता है। एक दिन उन्हें कचरे के डब्बे में एक बच्चा मिलता है। वे उसका नाम मुन्ना रखते हैं, मुन्ना म्यूजिक का शौकीन हैं क्योंकि म्यूजिक बजते ही रोता हुआ वो हंसने लगता है,लिहाजा मुन्ना म्यूजिक और डांस के साथ बड़ा होता है जबकि रोनित चाहते हैं कि डांस वांस का चक्र छोड़ वो पढ़ लिखकर किसी कॉरपोरेट कंपनी में अच्छी सी नौकरी करें। लेकिन मुन्ना यानि टाइगर श्रॉफ माइकल जैक्सन का जबरदस्त प्रशंसक है वो अपने पिता की तरह उसे भगवान मानता है। बड़ा हो कर टाइगर बहुत शानदार डांसर निकलता है। वो छोटे छोटे क्लब्स में वहां के चैंपियंस के साथ शर्त लगा,उन्हें हरा कर पैसा कमाता है। बाद में कुछ बड़ा करने के लिये वो दिल्ली आ जाता है। वहां का देशी डॉन महेन्द्र फोजी यानि नवाजुद्दीन सिद्दीकी का धंधा लोगों की जमीन पर जबरन कब्जा करना है, उसका एक बहुत बड़ा होटल है। वो एक डांसर डॉली यानि निधि अग्रवाल से पागलपन की हद तक प्यार करता है। वहां टाइगर से उसकी मुलाकात होती है तो वो उसे डांस सिखाने की गुजारिश करता है और डॉली को उससे मिलाने की बात करता है। एक दिन टाइगर फोजी की जान बचाता है तो उसके बाद महेन्द्र उसे दोस्त नहीं बल्कि अपना भाई मानने लगता है। जब टाइगर डॉली से मिलता है तो देखते ही उसे प्यार करने लगता है और मुबंई एक डांस रियलिटी शो में जाने और जीतने तक उसकी मदद करता है। डॉली भी टाइगर को बहुत प्यार करती है लेकिन महेन्द्र से किये वादे के तहत वो डॉली को दिल्ली ले आता हैं जंहा डॉली महेन्द्र को साफ साफ कह देती है कि वो किसी और से प्यार करती है। इसके बाद क्या होता है ये फिल्म देखने पर पता चलेगा ।

शब्बीर खान ने एक सादी कहानी पर काफी आकर्षक और लैविश फिल्म बनाई है जिसमें कॉमेडी, एक्शन, इमोशन के साथ बेहतरीन डांस यानि सभी कुछ है। बीच में फिल्म थोड़ी सुस्त होती है लेकिन फिर फौरन पटरी पर आ जाती है। कसी हुई पटकथा तथा दिलचस्प संवाद हैं इसके अलावा अच्छी लोकेशन, लुभावने सेट्स दर्शक को शुरू से अंत तक बांधे रखते हैं।

टाइगर श्रॉफ अपनी तीसरी फिल्म में भी अभिनय का वही पैट्रन पकड़े हुये हैं जो पहली फिल्म में था। जो उनके लिये आगे चलकर नुकसान देह हो सकता है। हां एक्शन और डांस में वो जबरदस्त है । नवाजुद्दीन एक बार फिर एक नये रोल में दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। वाकई वो एक वर्सटाइल एक्टर है । निधि अग्रवाल को देखकर लगता नहीं कि ये उसकी पहली फिल्म है क्योंकि उसने पहली फिल्म में ही पूरे आत्मविश्वास से काम किया है । नावज के भाई की भूमिका में पंकज त्रिपाठी अपने संवादों द्धारा हास्य पैदा करने का अच्छा प्रयास करते हैं । रोनित राय जैसे गुणी एक्टर को टाइगर के स्टैप फादर के रोल में लगभग जाया किया गया है ।
अंत में हम कह सकते हैं कि ये हरफन मौला फिल्म हर दर्शकों की कसौटी पर खरी साबित होने वाली है ।

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Mayapuri