मूवी रिव्यू: तेज रफ्तार एक्शन थ्रिलर ‘नाम शबाना’

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रेटिंग***

बेबी की सफलता के बाद नीरज पांडे ने  उसका प्रीक्वल  शिवम नायर के निर्देशन में  फिल्म ‘नाम शबाना’ बनाने का निश्चय किया और इस बार लीड रोल के लिये उन्होंने लगभग नई अभिनेत्री तापसी पन्नू को चुना। तापसी ने भी उनके चुनाव को सही साबित करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है।akshay-Kumar-Taapsee-Pannu

तापसी पन्नू यानि शबाना खान अपनी मां के साथ मुबंई में रहती है । उसके स्कूलिंग के दौरान उसके हाथ से इत्तफाकन अपने शराबी पिता की हत्या हो जाती है लिहाजा उसे जेल जाना पड़ता है । अपने साथ हुई ट्रेजेटी के बाद वो पूरी तरह से बदल जाती है । कॉलेज में  एक लड़का जय उसे काफी प्यार करता हैं लेकिन अब वो इतनी सख्त हो चुकी है कि जय के साथ अपने प्यार का इजहार तक नहीं करती । एक दिन कुछ बड़े बाप के अवारा लड़कों के साथ झड़प में जय की मौत हो जाती है। अब शबाना जय की मौत का बदला लेना चाहती है । एक दिन शबाना के पास एक फोन आता है जिसमें उसे बताया जाता  है कि वे उसके बारे में सब जानते है और जय की मौत के जिम्मेदार लोगों को भी । वो  फोन देश की सुरक्षा ऐजेंसी के बॉस मनोज बाजपेयी का है क्योंकि उसे शबाना अपनी एजेंसी के लिये सही लगती है, मनोज देश के लिये एक हद तक सेल्फिश और निर्मम है, वो उसे ऐजेन्ट बना उसके नाम और जात का फायदा उठाकर ढेर सारे काम करवाना चाहता है । लिहाजा वो पहले तापसी को उसका बदला लेने में मदद करता है,उसके बाद तापसी  स्पेशल टास्क फोर्स की ऐजेन्ट बन जाती है । एक इन्टरनेशनल आम्‍​र्स स्मगलर मिखाईल यानि पृथ्वीराज सुकुमार को पकड़ने के लिये तापसी को मलेशिया भेजा जाता है । वहां वो एक अन्य एजेन्ट अक्षय कुमार और अनुपम खेर के सहयोग से अपना पहला ऑपरेशन कंपलीट करने में सफल साबित होती है।taapsee-pann

अगर फिल्म की बात की जाये तो कहानी और मजबूत बन सकती थी बावजूद इसके निर्देशक शिवम नायर ने उसे बहुत खूबसूरती और शिद्धत से फिल्माया है । फिल्म में एॅक्शन बहुत ही खूबसूरत है दूसरे  तापसी से  काफी निपुणता के साथ  एॅक्शन करवाया है लिहाजा वो कहीं से भी फिल्मी नहीं लगती । इस तेज तर्रार फिल्म की मुबंई फिर मलेशिया की लोकेशन आकर्षक हैं।Naam-shabana

अपेक्षाकृत नई तापसी पन्नू अपने कंधो पर पूरी फिल्म लेकर चलती  है और सफलता पूर्वक लेकर चलती है । उसके चेहरे पर हर वो भाव आता हैं जो दृश्य की आवश्यकता होता है । बेबी में उसने छोटी सी भूमिका में इंप्रैस किया था, शायद उसके काम को देखकर ही नीरज ने उसे फिल्म का नेतृत्व देने का मौंका दिया, जिसका उसने सफलता पूर्वक निर्वाह किया । जय के रोल में नया कलाकार जमता है। खलनायक पृथ्वीराज सुकुमार प्रभावी है एक्टिंग और एॅक्शन दोनों में ।  डेनी,अक्षय कुमार और अनुपम खेर अपनी छोटी भूमिकाओं में तापसी का अच्छा साथ साथ देते नजर आते हैं । मनोज बाजपेयी भी ऐजेंसी चीफ के तौर पूरी तरह फिट नजर आते हैं । एक दृश्य में मुरली शर्मा भी दिखाई दे जाते हैं ।

रोचक कोहली तथा मीत ब्रर्दस द्धारा कंपोज गीत रोजाना, जुबी जुबी तथा जिंदा आदि गाने रोचक बन पड़े हैं ।

फिल्म के बारे में ये कहना बिलकुल सही होगा कि ये एक तेज रफ्तार एॅक्शन थ्रिलर है ।

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Mayapuri