मूवी रिव्यू: बचकानी ‘पागलपंती’

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रेटिंग**

बिग बजट पारिवारिक हास्य फिल्मों के मास्टर अनीस बज्मी इस बार चूक गये लगते हैं क्योंकि हमेशा की तरह इस बार भी भारी भरकम बजट और उतने ही बड़े सितारों से भरी फिल्म ‘ पागलपंती’ में वे अपनी अन्य फिल्मों वाला जादू नहीं चला पाये। लिहाजा कहानी के नाम पर ऊल जलूल हरकतें करते किरदार दर्शकों को जरा भी नहीं हंसा पाते।

कहानी

कहानी में तीन दोस्त राज किशोर यानि जॉन अब्राहम, चंदू यानि पुलकित सम्राट तथा जंकी यानि अरशद वारसी हैं जिनमें राज किशोर महा पनौती ऐसा बंदा है कि वो जिसके साथ भी होता हैं उसका बंटाधार होना निश्चित है। लिहाजा उसकी साढे साती के बारे में पंडित पहले ही लोगों का आगाह करता रहता है बावूजद इसके संजना यानि इलियाना डिक्रूज और उसके मामा यानि ब्रिजेन्द्र काला को कंगाल करने के बाद ये तीनों डॉन राजा यानि सौरभ शुक्ला और वाई फाई यानि अनिल कपूर के संपर्क में आते हैं तो इसके बाद उनके भी बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। नीरज मोदी यानि इनामुल हक के पैसे बर्बाद करने के बाद इनके विरोधी तुली यानि जॉकिर हुसैन और बुली यानि अशोक समर्थ को मौका मिल जाता है, लिहाजा वे उनके खिलाफ नीरज को भड़काते रहते हैं। एक वक्त पर ये राजा और वाई फाई की जान तक लेने पर उतारू हो जाते हैं। इस बीच राजा की बेटी जान्हवी यानि कृति खरबंदा चंदू से प्यार करने लगती है। उधर जंकी अपनी जान बचाने के चक्कर में काफिया यानि उर्वशी रौतेला से टकरा जाता है। दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं। इसके बाद कहानी एक नया मौड़ लेती है, जंहा सारे पात्र पागलपंती करने में लग जाते हैं जो क्लाईमेंक्स तक जारी रहती है।

अवलोकन

अनीस बज्मी फिल्म(पागलपंती) के राईटर भी हैं लेकिन इस बार उन्होंने कहानी के नाम पर खिचड़ी लिख डाली, क्योंकि फिल्म में उन्होंने लगभग सभी मसाले डाल दिये। लिहाजा कहानी के साथ किरदार लॉजिक या पटकथा का कोई संबन्ध नहीं दिखाई देता। पूरी फिल्म में सारे कलाकार छुट्टे घूमते दिखाई देते हैं। फिर चाहे वो उर्वशी का भूत हो या फिर देश भक्ति का पाठ जिसे देखते हुये दर्शकों में खीज पैदा होने लगती है। संगीत की बात की जाये तो हट के यारा तथा तेरा बीमार मेरा दिल आदि गाने थोड़े ठीक बन पड़े हैं।

अभिनय

अभिनय की बात की जाये तो अरशद वारसी तो हास्य कला में पहले से निपुण है, लेकिन पुलकित और जॉन ने भी अच्छी कॉमेडी पेश की है। इसी प्रकार अनिल कपूर तथा सौरभ शुक्ला तथा ब्रिजेन्द्र काला भी हास्य के रंग में रंगे दिखाई दिये। नायिकाओं की बात की जाये तो इलियाना, कृति या उर्वशी तीनों सिर्फ ग्लैमरस गुड़ियाओं की तरह पेश की गई हैं। जॉकिर हुसॅन, अशोक समर्थ तथा नीरज मोदी के रोल में इनामुलहक ऑडियेंस को हसांने में कामयाब रहे।

क्यों देखें

अगली पंक्ति के दर्शकों को शायद इस तरह की बचकानी कॉमेडी पंसद आ सकती है ।

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