मूवी रिव्यू: थ्रिल पैदा करने में नाकाम ‘राज रीबूट’

1 min


रेटिंग**

राज सीरीज की चौथी कड़ी ‘राज रीबूट’ में विक्रम भट्ट कुछ नया नहीं कर पाते, बल्कि डराने के नाम पर वही घिसी पिटी चीजें सामने आती हैं जो इससे पहले कितनी ही फिल्मों में देख चुके हैं। फिल्म की कहानी में भी कुछ दम नहीं दिखाई दिया।

कहानी

मॉडल कृति खरबंदा शादी के बाद अपने पति गौरव अरोड़ा को आग्रह कर रोमानिया ले आती है। लेकिन रोमानिया आने के बाद गौरव कृति से कतराने लगता है। यहां तक वो उसके साथ बैडरूम भी शेयर नहीं करता। कृति को लगता है कि गौरव जरूर उससे कोई राज छुपाये हुये है। इस बीच कृति को उसके घर में किसी के होने का शक होता है जो जल्द ही सामने आ जाता है। दरअसल उस घर में कोई प्रेतात्मा है जो कृति को अपने वश में करना चाहती है। इस बीच कृति का पूर्व प्रेमी इमरान हाशमी सामने आता है वो कृति को बताता है कि उसके साथ जो भी हो रहा है वो उसे सपने में दिखाई देता है। गौरव के बारे में इमरान कहता है कि उसने किसी का मर्डर किया है जिसे वो उससे छुपा रहा है। बाद में प्रेतात्मा कृति पर पूरी तरह से हावी हो जाती है। इसके बाद किस प्रकार गौरव कृति को उस प्रेतात्मा से छुटकारा दिला पाता है।raaz-reboot

निर्देशन

लगता है कि डरावनी या भूतहा फिल्मों के नाम पर विक्रम भट्ट के पास कुछ नहीं बचा लिहाजा वे अपनी पुरानी चीजों को ही तौड़ मरोड़ कर दिखाने की कोशिश करते रहते हैं। इस फिल्म की भी शुरूआत से ही आगे दिखाई जाने वाली कहानी के बारे में एहसास हो जाता है। भूतग्रस्त किरदार का वही  दीवारां पर चलना, उसी तरह पलंग के नीचे घूस जाना या पलंग पर बंधे बंधे अलग अलग आवाजे निकाल कर डर पैदा करना। इन सारे स्टंट्स का इससे पहले कितनी फिल्मों में दौहराव हो चुका है। फिल्म में जंहा नया नायक और साउथ की नायिका है तथा इमरान हाशमी इस बार नगेटिव किरदार में है बावजूद इसके फिल्म में चौंका देने वाला कुछ भी नहीं।emraan-hashmi-raaz-reboot

अभिनय

हमेशा की तरह इस बार भी फिल्म में नये कलाकार हैं। जिसमें कृति खरबंदा  की साउथ की फिल्मों से हिन्दी में एन्ट्री हुई है। इसके अलावा गौरव अरोड़ा ने भी इसी फिल्म से डेब्यु किया है। कृति ने भूतहाग्रस्त किरदार को अच्छी तरह से निभाया है जबकि डराने के लिये उसके चेहरे और आवाज पर ज्यादा मेहनत नहीं की गई। गौरव अरोड़ा अपने किरदार में चाहकर भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाते। इमरान हाशमी अपने नेगेटिव किरदार में साधारण रहे।gaurav-arora-and-kriti-kharbanda

संगीत

जीत गांगुली के सभी बैकग्रांउड गाने हैं जो एक हद तक अच्छे रहे। इसके अलावा बैकग्रांउड म्यूजिक भी बढ़िया था।

क्यों देखें

हॉरर थ्रिलर फिल्में पसंद करने वाले दर्शकों के लिये फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं जो उनके भीतर थ्रिल पैदा कर सके।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये