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मूवी रिव्यू: अंत तक सस्पैंस के साथ बांधे रखती है ‘सेक्शन 375’

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रेटिंग***

यौन शोषण की सत्य घटनाओं से प्रेरित हो निर्देशक अजय बहल की फिल्म ‘सेक्शन 375’ में  मर्जी या जबरदस्ती इन्हीं दो शब्दों की लड़ाई है फिल्म में आईपीसी की धारा 375 के इस्तेमाल के दो अलग-अलग नजरिये दिखाए गये हैं जो आखिरी तक आपको सस्पेंस के साथ बांधे रखते हैं।

कहानी

सेक्शन 375 को एक कोर्टरुम ड्रामा कह सकते हैं जिसमें अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा वकील का किरदार निभाते नजर आएंगे। फिल्म की कहानी एक फिल्ममेकर के अपनी जूनियर के रेप करने से शुरू होती है। जिसके बाद शुरू होता है कोर्टरुम ड्रामा। जहां दोनों वकील अपने-अपने क्लांइट को बचाने में लगे हैं। रेप के केस के बाद फिल्म डायरेक्टर रोहन खुराना को निचली अदालत से तो रेप के केस में 10 साल की सजा हो जाती है। जिसके बाद हाईकोर्ट में अपील की जाती है और अक्षय खन्न उनका केस लड़ते हैं वहीं पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का रोल ऋचा चड्ढा निभाती नजर आती हैं। जिसके बाद शुरू होती है कोर्ट में पेशी, पुलिस की खामियां और बहुत सी छोटी-छोटी चीजें जो आज के समय में सिस्टम में पाई जाती हैं, ये सब फिल्म में आपको देखने को मिलेगा और ऐसा लगेगा कि आप फिल्म नहीं बल्कि सच में किसी कोर्ट की पेशी देख रहे हैं। जिस तरह हर सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी तरह किसी कानून का इस्तेमाल करने के दो तरीके होते हैं। फिल्म में कानून का इस्तेमाल आपको आखिरी तक चौंका देता है।

अवलोकन

फिल्म में निर्देशक ने एक बलात्कार केस के हर जायज पहलू को बड़े ही संतुलित तरीके से दिखाने की कोशिश की है. निर्देशक अजय बहल और लेखक मनीष गुप्ता ने इस फिल्म के जरिए कई सवाल भी उठाए हैं. फिल्म की कहानी और निर्देशन की तारीफ करना इसलिये भी जायज है कि बिना किसी नतीजे को दर्शकों पर थोपते हुए उन्होंने अपनी बात रखी है। फिल्म में गहराई से समझने वाले संवाद बोले गए हैं। अक्षय खन्ना के संवाद आपको सोचने पर मजबूर कर देते हैं। ‘कानून न्याय नहीं है यह सिर्फ उसे पाने का एक हथियार है या कभी भी कानून से प्यार मत कर लेना या न्याय एक सार है। इस तरह के कई संवाद फिल्म को बेहतर बना देते हैं। फिल्म का क्लाइमैक्स चौंकाने वाला है।

अभिनय

हर बार की तरह इस बार भी अक्षय खन्ना अपने शानदार अभिनय से सभी का दिल जीतनें में कामयाब रहे। उनका एक हाई-फाई वकील का किरदार आपके दिमाग में छाप छोड़ देता है। वहीं ऋचा चड्ढा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के किरदार में शांत तरीके से अपनी बात सभी के सामने रखती नजर आईं । रोहन खुराना का किरदार निभाने वाले राहुल भट्ट इंप्रेस करने में कामयाब हुये। वहीं जज का किरदार निभाने वाले किशोर कदम और क्रुतिका देसाई के सीरियस जजमेंट के साथ पंचेज भी मारते नजर आये ।

क्यों देखें

रेप को लेकर फिल्म दर्शकों को कुछ नये सवालों से प्रभावशाली तरीके से अवगत करवाती है तथा साथ मनोरजंन भी करती है ।

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