मूवी रिव्यू: अगर एक औरत निंफोमैनियाक है तो फिर वैसा ही पुरूष क्या….? ये सवाल उठाती है, शॉर्ट फिल्म ‘सेक्सोहोलिक’

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परसेप्ट फिल्म कंपनी के मालिक व प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह के निर्माण व निर्देशन में नो सेक्स प्लीज सीरीज की दूसरी शॉर्ट फिल्म ‘सेक्सोहोलिक’ इस शुक्रवार को यू ट्यूब के शैलेन्द्र सिंह चैनल पर रिलीज हुई।

फिल्म में यह बताने की कोशिश की गई है कि अगर एक औरत की सेक्स नीड ज्यादा है तो उसे बीमार या निंफोमैनियाक तक कह दिया जाता है लेकिन अगर यही सेक्स नीड पुरूष की हो तो उसे क्या कहा जायेगा ?  फिल्म में शमा सिकंदर एक ऐसी हाउस वाइफ है जिसे किसी के द्वारा सेक्स का चस्का लग जाता है इसके बाद सेक्स के प्रति उसकी इस कदर भूख बढ़ जाती है कि वो फिर पुरूषों के साथ तक सोने को परहेज नहीं कर पाती। बावजूद इसके वो अपने पति विशाल खरवाल को प्यार करती है, जब विशाल आउटडोर ट्रिप से वापस आता है तो ईमानदारी से शमा उसे सब कुछ बता देती है। विशाल उसे पहले लेडी डॉक्टर को दिखाता है तो डॉक्टर उसे बताती है कि हर किसी की सेक्स नीड अलग अलग होती है। आपकी पत्नि की नीड इतनी ज्यादा है जिसे आप पूरा नहीं कर पाते है। शमा जब सेक्स को लेकर ज्यादा ही उग्र होने लगती है तो एक मनोचिकित्सक रवि को दिखाया जाता है बाद में उसकी राय में शमा मेंटल पॉजिशन तक पहुंच चुकी है इसलिये उसे मेंटल असेसमेंट के लिए भेज दिया जाता है।

शैलेन्द्र सिंह अभी तक तकरीबन पेंसठ फिल्में प्रोड्यूस कर चुके हैं लिहाजा वो अनुभव उनके निर्देशन में साफ झलकता है। तीस मिनट की इस फिल्म को जितनी खूबसूरती से फिल्माया गया है उतने ही प्रभावशाली तरीके से मैंसेज भी दिया है कि औरत की अगर सेक्स नीड ज्यादा है तो वो एक बीमारी हैं लेकिन अगर यही सब पुरूष करे तो…?

शैलेन्द्र सिंह ने लांग स्टोरी शॉर्ट फिल्म बैनर के तहत नो सेक्स सीरीज की दस शॉर्ट फिल्मों का निर्माण व निर्देशन किया है जिनकी अवधि आठ मिनिट से लेकर तीस मिनट तक है। ये सभी फिल्में यू ट्यूब पर शैलेन्द्र सिंह चैनल पर हर शुक्रवार रिलीज होंगी।


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Mayapuri

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