मूवी रिव्यू: एक्शन, इमोशन और कॉमेडी का डोज ‘तूतक तूतक तूतिया’

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रेटिंग**

सोनू सूद भी फिल्म ‘तूतक तूतक तूतिया’ से प्रोड्यूसर बन गये हैं। तमिल तेलगू में अभिनेत्री और डेविल टाईटल के साथ बनने वाली इस फिल्म के रीजनल प्रोड्यूसर प्रभूदेवा हैं लेकिन तीनो फिल्मों निर्देशक हैं विजय। पहले वन बाई वन शीर्षक पर शीर्षक बनने वाली इस फिल्म का नाम बाद में सोनू की एडवाइज पर तूतक तूतक तूतिया रखा गया।

कहानी

तमिलनाडू का रहने वाला प्रभू देवा मुंबई में नोकरी करता है वो किसी पढ़ी लिखी अंग्रेजी बोलने वाली लड़की से शादी करना चाहता है लेकिन अभी तक दर्जनों लड़कियां उसे रिजेक्ट चुकी हैं। एक दिन उसका दोस्त राजीव ठाकुर उसे बताता है कि गांव में उसकी दादी सीरियस हैं लिहाजा उसके पिता ने उसे जल्दी बुलाया है। वहां उसे पता चलता है कि डॉक्टर के अनुसार दादी के पास सिर्फ अड़तालिस घंटे है। जबकि दादी की आखरी इच्छा है कि वो पोते की शादी देख सके, इसलिये आनन फानन में प्रभू के लिये लड़की देखी जाती है। दर्जनों लड़कियों में से देवी यानि तमन्ना भाटिया को दादी पसंद करती है। शादी के बाद प्रभू देवी के साथ मुबंई आ जाता है लेकिन वो किसी को अपनी शादी के बारे में नहीं बताता। एक बार उसे किसी फिल्म एवार्ड के पास मिलते हैं जिसमें सुपर स्टार राज खन्ना यानि सोनू सूद आने वाला है। देवी, प्रभू से राज को देखने की इच्छा प्रकट करती है । तो प्रभू उसे एवार्ड फंक्शन में ले जाता है लेकिन उस वक्त वो हैरान रह जाता हैं जब देवी अचानक उसे मॉड्रन रूप् स्टेज पर डांस करती  नजर आती है वहां उस व्क्त उसकी खूबसूरती के दीवानों में राज खन्ना भी शामिल है जो बाद में अपने मैनेजर मुरली शर्मा के जरिये प्रभू के घर जा देवी को अपने साथ फिल्म करने का ऑफर भेजता है। वहां प्रभू के सामने देवी अपना नाम रूबी बताती है और राज का ऑफर स्वीकार कर लेती है। बाद में प्रभू को पड़ोसियों से पता चलता है कि उस घर में पहले  फिल्मों की एक स्ट्रगल रूबी रहा करती थी जिसने अचानक आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से वो घर बंद था।  बाद में देवी के जरिये रूबी प्रभू को बताती है कि उसे काफी संघर्श के बाद उसे बतौर हीरोइन राज खन्ना के साथ फिल्म मिली थी लेकिन अचानक उसे फिल्म से निकाल दिया गया । इसके बाद फ्रस्टेषन में आकर उसने आत्महत्या कर ली थी। लेकिन अब उसे एक बार फिर राज खन्ना के साथ काम करने का अवसर मिला है जो जिन्दा रहते तो उसे नहीं मिल पाया लेकिन अब वो देवी के जरिये राज के साथ फिल्म करते हुये अपना सपना पूरा करना चाहती है। इसके बाद प्रभू उससे एक अनुबंध करता है कि इस फिल्म के बाद वो देवी के शरीर से निकल जायेगी। लेकिन बाद में फिल्म के बाद मिली वाह वाह के बाद रूबी अपने वायदे से मुकर जाती है। बाद में क्या प्रभू देवी को रूबी से मुक्त कर पाता है?tutak-tutak-tutiya

निर्देशक

जैसा कि बताया गया है कि इस फिल्म से साउथ के डायरेक्टर विजय ने हिन्दी में डेब्यू किया है लेकिन उनका अंदाज यहां भी साउथ इंडियन ही रहा। लिहाजा समय समय पर लगता रहता है कि जैसे किसी साउथ की फिल्म का डबिगं वर्जन देख रहे हों, इसकी एक वजह ये भी रही,चूंकि फिल्म में काफी सारे कलाकार और फिल्म के पात्र साउथ इंडियन ही हैं। फिल्म में प्रभू ने बतौर हीरो कॉमेडी इमोशनल किरदार किया है लेकिन दर्शक सोनू सूद जैसे हैंडसम किरदार के होते हुये प्रभू देवा को तमन्ना भाटिया के अपोजिट एडजैस्ट नहीं कर पाते ।फिल्म में सारे मसाले हैं जैसे एक्शन, प्यार मौहब्बत, कॉमेडी और इमोशन आदि। बावजूद इसके ये एक हल्की फुल्की साधारण कॉमेडी एक्शन फिल्म ही लगती है।prabhudeva

अभिनय

प्रभू देवा अपने रोमांटिक किरदार में अच्छे लगते हैं उनका साउथ इंडियन एक्सेंट उन पर फबता है लेकिन हिन्दी दर्शक उन्हें हीरो स्वीकार नहीं कर पाता। वहीं तमन्ना भाटिया बेशक साउथ फिल्मों की अभिनेत्री है लेकिन चूंकि वो नार्थ इंडियन है और इससे पहले हिन्दी की कई फिल्में कर चुकी है, रूबी के ग्लैमर अवतार और देवी की घरेलू ग्रहणी दोनों भूमिकाओं में खबसूरत लगने के अलावा बहुत अच्छी अभिनेत्री भी साबित होती है। मुरली शर्मा ने अपने खलनायकी वाले अवतार से अलग सचिव के तौर पर बढ़िया कॉमेडी की है।tutak-tutak-tutiya

संगीत

फिल्म का टाइटल गीत और रेल गड्डी गाना पहले ही पॉपुलर हो चुका है । इसके अलावा इन गीतों का फिल्मांकन भी बढ़िया रहा ।

क्यों देखें

प्रभूदेवा के डांस के शैदाई और सोनू सूद के प्रशंसक तथा तमन्ना की खूबसूरती तथा थ्रिलर हास्य फिल्में पसंद करने वाले दर्षकों को फिल्म निराश नहीं करती।


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Mayapuri

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