मूवी रिव्यू: दर्शकों को पूरी तरह हिला देने में सक्षम – ‘मुरारी- द मैड जेंटलमैन’

1 min


रेटिंग*

प्रयोगवादी फिल्म के नाम पर कभी, ऐसा कुछ देखने के लिये मिल जाता है कि आप अपने बाल नौचने पर मजबूर हो जाते हैं। सुजाद इकबाल खान निर्देशित फिल्म ‘मुरारी- द मैड जेंटलमैन’ एक ऐसी ही फिल्म है जिसमें शुरू से अंत तक पता ही नही चल पाता कि कहानी क्या कहना चाहती है लेकिन अंत तक दर्शक पूरी तरह हिल जाता है।

कहानी, निर्देशन, अभिनय

कहानी के अनुसार एक ऐसा गांव जहां मुरारी नामक ऐसा युवक रहता है जो मिलते ही इतनी लंबी लंबी छोड़ने लगता है कि सामने वाला बेहोश होते होते बचता है पूरा गांव उसे अपने लिये अपशकुन मानते हुये कभी तो उस पर प्रेतों की छाया निकलवाने के लिये हवन यज्ञ करता है तो कभी पाप धोने के लिये उसे गंगा नहाने के लिये भेजता है लेकिन अंत में मुरारी का एक कारनामा देखते हुये पूरा गांव उसके गुण गाने लगता है।

कहने को तो फिल्म में मुरारी ही पागल है लेकिन अंत में वो ऐसा कुछ कर जाता है जो सामने वाले को सोचने पर मजबूर कर दे। ये दूसरी बात है कि उसका कारनामा हजम नहीं होता। दूसरे देखा जाये तो गांव के सरपंच से लेकर हर कोई उस गांव में पागलों जैसी हरकतें करता दिखाई देता है। फिल्म के सौजन्य से क्या कहने की कोशिश है वो अंत में पता चलता है तो सिर पीटने को दिल करता है।

asrani

जहां तक कलाकारों की बात की जाये तो पहचाना हुआ चेहरा असरानी है जो सरपंच की भूमिका में पूरी तरह से कन्फयूज लगते हैं। इसके अलावा पता नहीं अमेरिकन लड़की नताल्या लीना को क्यों कास्ट किया। बाकी कलाकारों के बारे में बात नही की जाये तो ज्यादा बेहतर होगा।

म्यूजिक

फिल्म में एक आध गीत हैं जो पार्श्व में बजता है।

क्यों देखें

अगर आपकी किसी से दुश्मनी है तो उसे ये फिल्म दिखा दें लेकिन खुद देखने की भूल न करें ।

 

 

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये