“मेरी माँ और मेरी बीवी ने भी हमारी शूटिंग टीम के लिए खाना बनाया था” अनिल कपूर

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लिपिका वर्मा

“”मुझे आज भी याद है जब में अपने पिताजी की फिल्मों के लिए प्रोडक्शन
किया करता तो में चेम्बूर मार्किट खुद चला जाया करता,वहाँसे ताजी मच्छी
ला कर  शूटिंग करने वाले अभिनेताओं और सारी टीम को खिलाया करता। .यह सब
करने में मुझे बहुत आनद मिलता। ” अनिल कपूर
अनिल कपूर बच्चपन से ही फिल्मों का शौक रखते थे। बतौर अभिनेता अनिल कपूर
ने बहुत लम्बा सफर तये किया है। किस तरह पिता [दिवंगत सुर्रिंदर कपूर] के
फिल्मों में बतौर प्रोडक्शन मैनेजर काम किया और फिर अभिनेता कैसे बने यह
अपने आप में एक अजूबा सा ही है।

अनिल कपूर ने एक बहुत ही मजेदार किस्सा हमसे शेयर किया खासकर उस  वक़्त का
जब वह बतौर प्रोडक्शन मैनेजर अपने पिता की फिल्मों में काम किया करते ,”
मुझे याद है उन दिंनो हम सभी, जो फिल्मों का हिस्सा हुवा करते एक बहुत ही
भावुक सा रिश्ता  हुवा करता था। मैं उन दिंनो अपने पिताजी की फिल्मो  में
प्रोडक्शन हैंडल किया करता।मुझे हमेशा ऐसा लगता कि  अपनी टीम को और
अभिनेताओं को कुछ अच्छा लंच  और डिनर खिलाऊ। मुझे एक दिन इतना भूत
सवारहुवा  कि  मैं चेम्बूर से ताजी मच्छी लेने निकल पड़ा। बस ख़ुशी होती यह
देख कर कि  जो कुछ टीम को परोसा  गया है वह उन्हें बहुत ही स्वादिष्ट
लगता और वह खाना खाते हुवे मजा लिया करते। बस यह सब  चीज़ मुझे  देख कर,ना
केवल  ख़ुशी होती ,अपितु  एहसास भी होता कि  चलो मेरी  मेहनत सफल हुई।

कुछ और इमोशनल होकर अनिल बोले,” उन दिनों हम सभी एक परिवार की तरह जुड़े
हुवा करते। मेरी माँ और मेरी पत्नी भी हमारी टीम के लिए खाना बनाया करती
। हम सभी एक दूसरे से इमोशनली जुड़े हुवे थे। आज सब कुछ एक मशीन [मैकेनिकल
]की तरह हो गया है।मैं हमेशा यही  सोचता की कौनसी अलग और ताज़ी सब्जी या
अन्य कुछ ख़रीदु नाश्ते और अन्य खाने में।
जैसा की हम सभी जानते है अनिल कपूर को फ़िल्मी कीड़ा शुरू से ही था सो
उन्होंने  एक और सीक्रेट बतलायी अपनी ,”फ़िल्में देखने के लिए मैभी लाइन
में ही खड़ा हुवा करता। हम भी एक साधारण परिवार से ही बिलोंग करते  है।उन
दिनों कोई प्रॉब्लम न हो सो एक लोहे की रॉड  से लाइन को अलग रखा जाता।
फिल्मों का शौक़ीन तो था ही मै , सो मैं भी फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने के
लिए टिकट की लाइन में सुबह से लग जाया करता।८ बजे का प्रातः कल के शो की
टिकट्स आसानी से मिल जाया करती। उन दिनों सिंगल थिएटर्स – विजय और नटराज
सिनमा, चेम्बूर में हुवा करते बस मैं वही फर्स्ट डे फर्स्ट डे शो देखा
करता।

अनिल कपूर ने एक और बात हम से शेयर की -मुझे थेस्पियन /लिविंग लीजेंड
दिलीप साब के साथ  काम करने की बड़ी मंशा थी। वैसे तो हर अगली बीढ़ी के
अभिनेता की यह ख्वाइश रहती ही है कि वो  एक बारी  दिलीप साब के साथ  काम
कर ले.मैं ने ,ना  केवल खुश नसीम हूँ अपितु मेरा अहोभाग्य  है कि – मुझे
एक बारी नहीं बल्कि तीन  बारी दिलीप साब के साथ  काम करने का मीका मिला।
मै  ईश्वर का शुक्रगुजार हूँ कि मुझे दिलीप साब के साथ करने  मिला।
मैंने फिल्म ,शक्ति, मशाल” और कर्मा में उनके साथ  काम किया है। और इस
बात का मुझे गर्व भी है कि मैं इकलौता एक्टर हूँ जिसे उनके साथ तीन
फिल्मों में काम करने का मौका मिला। मेरी उनके साथ काम करने की  ख्वाईश
पुरी हुई और तो और फिल्म “शक्ति” में. मैंने लीडिंग रोल निभाया है।


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Mayapuri

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