नेगेटिव रोल्स में बहुत कुछ मसालेदार करने को मिल जाता है – पूजा सिंह

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जो कोई भी अभिनेता हिंदी शो में अपनी नकारात्मक भूमिकाओं के लिए जाना जाता है, उनका ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व कभी-कभी उनका ऑफ-स्क्रीन व्यक्तित्व समझ लिया जाता है। ऐसे कई उदाहरणों है जहाँ नेगेटिव करैक्टर की वजह से ही किसी शो या फिल्म की कहानी चल निकलती हैं।
Jyothi Venkatesh

इस तरह के किरदार निभाना सरल भले ही हो सकता हो, लेकिन सालों बाद भी इन किरदारों को आइकॉनिक बनने के लिए तैयार करना क्रिएटिव टीमों के साथ-साथ अभिनेता के लिए भी एक चुनौती होती है। अभिनेत्री पूजा सिंह, जो वर्तमान में दंगल टीवी के ‘ऐ मेरे हमसफ़र’ में दिव्या कोठारी के रूप में दिखाई देती हैं, कहती हैं कि उन्हें नकारात्मक किरदार निभाने में मज़ा आता है क्योंकि इसमें पूरी तरह से एक अलग अनुभव मिलता है।

मैं खुशकिस्मत रही कि मुझे नेगेटिव लीड विलन सरीखी भूमिका निभाने के कुछ मौके मिले

इस बारे में पूजा कहती हैं कि “जब मैं इंडस्ट्री में आई तब मुझे पॉजिटिव किरदारों को निभाना अच्छा लगता था। हालाँकि, मैं अपनी एक्टिंग स्किल्स और डेवेलप करना चाहती थी सो मैंने नेगेटिव किरदारों के लिए भी कई ऑडिशंस दिए। मुझे याद है जब लोग मुझसे कहते थे कि पूजा हम तुम्हें नेगेटिव रोल के लिए नहीं ले सकते क्योंकि तुम्हारा चेहरा पब्लिक नेगेटिव रोल में एक्सेप्ट नहीं करेगी। आगे चलकर, मैं खुशकिस्मत रही कि मुझे नेगेटिव लीड विलन सरीखी भूमिका निभाने के कुछ मौके मिले और मुझे ये निभाने में बहुत मज़ा आया क्योंकि मुझे लगता है कि इससे मेरी एक्टिंग स्किल में काफी सुधार हुआ। आप इस तरह के किसी प्रतिबंध के लिए बाध्य नहीं हैं। एक और कारण है कि मैंने एक नकारात्मक भूमिका का आनंद लिया क्योंकि इसमें काफी तड़का है, आप अपनी इच्छा के अनुसार अपना मेकअप कर सकते हैं और कोई रोना नहीं है (हंसते हुए)। एक नकारात्मक छाया का चित्रण करना वास्तव में एक अभिनेता को उसका आउटस्टैंडिंग टैलेंट निकालने में मदद करता है। उसेआगे बढ़ने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने में मदद करता है

ऐ मेरे मेरे हमसफ़र में पूजा सिंह को देखिए – सोमवार से शनिवार शाम 7:00 बजे और दंगल टीवी पर 10:30 बजे.


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Mayapuri

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