सच को आदर के साथ बेनकाब करती शाॅर्ट फिल्म- ’’Honesty weds Dishonesty’’

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ज़रूरी नहीं कि किसी बात को घंटों में कहा जाए। एक प्रसंग भी काफी होता है सच कहने के लिए। ऐन आइकॉन बुजिनेस फोरम के बैनर तले बनी शार्ट फ़िल्म ऐसी ही है जिसका नाम है “Honesty weds Dishonesty“। यह फिल्म एयरटेल और हंगामा पर है। एक आदमी फोन पर बात करता हुआ ऑटो रिक्सा ना पाने पर झुंझलाया हुआ दिखता है। रिक्से में आदमी और रिक्सा ड्राइवर के बीच की बातचीत ही इस फिल्म की विषय वस्तु है।
–  शरद राय
आदमी तरह तरह के सवाल करता है और ऑटो ड्राइवर जवाब देता है। मुद्दा घर का खर्च वहन करने को लेकर है। आदमी कहता है कि वह गलत तरीके से पैसा कमाता है और सही तरीके से खर्च करता है यानी- जायज़ ज़रूरतें पूरी करता है तो गलत कैसे हुआ? बेशक यह टॉपिक कई लोगों को पसंद न आये या बहस का विषय हो सकता है लेकिन चुटीले अंदाज़ में कही गई बात अपना असर छोड़ जाती है।  इस शार्ट फिल्म के लेखक- निर्देशक हैं तरुण अग्रवाल।कलाकार मेजर अली मोहम्मद शाह।


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Mayapuri

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